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Agra News: आगरा में बढ़ा वायु प्रदूषण, लोगों को सांस लेने में हो रही परेशानी
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वायु प्रदूषण
आगरा। दिवाली से पहले शहर की हवा में धूल के कणों की मात्रा कई गुना बढ़ गई है। सबसे खतरनाक स्थिति शास्त्रीपुरम और आवास विकास कॉलोनी की है, जहां पीएम 2.5 और पीएम 10 कणों की मात्रा 500 के आसपास बनी हुई है। धूल कणों का यह अधिकतम स्तर है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ऑटोमेटिक स्टेशनों के आंकड़ों में शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 130 दर्ज किया गया, जो संतोषजनक है।
शहर में मौजूद अन्य स्टेशनों में शास्त्रीपुरम में एक्यूआई 166, आवास विकास में 140 और शाहजहां पार्क में 132 दर्ज किया गया। वहीं आगरा स्मार्ट सिटी के प्रदूषण आंकड़े प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एकदम अलग हैं।
मंगलवार को आगरा की हवा में धूल कणों की मात्रा सामान्य से चार से पांच गुना तक अधिक रही। मेट्रो प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य के साथ सड़कों के गड्ढों और जर्जर सड़कों पर वाहनों के चलने से उड़ रही धूल के कारण इसमें इजाफा माना जा रहा है। वहीं दिवाली पर हो रही घरों की सफाई के कारण भी धूल कणों की मात्रा में अप्रत्याशित इजाफा हुआ है।
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आवासीय क्षेत्रों में पीएम (पार्टिकुलेट मैटर) कण 500 के पार दर्ज किए गए, जबकि एक्यूआई 130 दर्ज किया गया। बीते दो दिनों में एक्यूआई में कमी आई है, लेकिन धूल कण लगातार बढ़ रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के उलट आगरा स्मार्ट सिटी के चौराहों पर लगाए गए सेंसर में एक्यूआई बढ़ा नजर आया। खासकर हाथीघाट आर छीपीटोला पर यह 300 के पार दर्ज किया गया।
स्मार्ट सिटी के सेंसर में यह है प्रदूषण
जगह एक्यूआई
हाथीघाट 332
छीपीटोला 320
राजेश्वर मंदिर 246
स्पीड कलर लैब 207
ईदगाह चौराहा 287
आगरा कैंट 288
आगरा फोर्ट 240
अमर होटल 245
अर्जुन नगर 216
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डीएम बोले- सख्ती से लागू करें ग्रैप, हर दिन मांगी रिपोर्ट
सर्दियों की दस्तक के साथ ही वायु प्रदूषण के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) को सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, आगरा विकास प्राधिकरण और हाईवे अथॉरिटी समेत 18 से अधिक विभागों को पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने कहा है कि ग्रैप को एक्यूआई के आधार पर लागू किया जाना है। हर दिन पर्यावरण अधिकारी इसकी रिपोर्ट दाखिल करेंगे। सभी विभागों को नियमित रिपोर्ट देनी होगी कि वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए।
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एक्यूआई के आधार पर लागू होंगी पाबंदियां
डीएम के मुताबिक वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने के साथ ही पाबंदियां भी सख्त होती जाएंगी। ग्रैप में खराब (एक्यूआई 201-300 के बीच होने पर शुरुआती स्तर के उपाय किए जाएंगे और संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा जाएगा। बहुत खराब (एक्यूआई 301-400) होने पर निर्माण गतिविधियों पर नियंत्रण, पानी का छिड़काव और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। गंभीर स्थिति (एक्यूआई 401-500) में निर्माण और ध्वस्तीकरण की गतिविधियों पर रोक, ईंट-भट्टों और औद्योगिक इकाइयों को बंद करने जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। एक्यूआई 500 के पार होने पर शहर में ट्रकों के प्रवेश पर रोक, सम-विषम वाहन योजना और स्कूलों को बंद करने जैसे आपातकालीन उपाय लागू किए जा सकते हैं।
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शहर में मौजूद अन्य स्टेशनों में शास्त्रीपुरम में एक्यूआई 166, आवास विकास में 140 और शाहजहां पार्क में 132 दर्ज किया गया। वहीं आगरा स्मार्ट सिटी के प्रदूषण आंकड़े प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एकदम अलग हैं।
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मंगलवार को आगरा की हवा में धूल कणों की मात्रा सामान्य से चार से पांच गुना तक अधिक रही। मेट्रो प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य के साथ सड़कों के गड्ढों और जर्जर सड़कों पर वाहनों के चलने से उड़ रही धूल के कारण इसमें इजाफा माना जा रहा है। वहीं दिवाली पर हो रही घरों की सफाई के कारण भी धूल कणों की मात्रा में अप्रत्याशित इजाफा हुआ है।
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आवासीय क्षेत्रों में पीएम (पार्टिकुलेट मैटर) कण 500 के पार दर्ज किए गए, जबकि एक्यूआई 130 दर्ज किया गया। बीते दो दिनों में एक्यूआई में कमी आई है, लेकिन धूल कण लगातार बढ़ रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के उलट आगरा स्मार्ट सिटी के चौराहों पर लगाए गए सेंसर में एक्यूआई बढ़ा नजर आया। खासकर हाथीघाट आर छीपीटोला पर यह 300 के पार दर्ज किया गया।
स्मार्ट सिटी के सेंसर में यह है प्रदूषण
जगह एक्यूआई
हाथीघाट 332
छीपीटोला 320
राजेश्वर मंदिर 246
स्पीड कलर लैब 207
ईदगाह चौराहा 287
आगरा कैंट 288
आगरा फोर्ट 240
अमर होटल 245
अर्जुन नगर 216
डीएम बोले- सख्ती से लागू करें ग्रैप, हर दिन मांगी रिपोर्ट
सर्दियों की दस्तक के साथ ही वायु प्रदूषण के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) को सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, आगरा विकास प्राधिकरण और हाईवे अथॉरिटी समेत 18 से अधिक विभागों को पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने कहा है कि ग्रैप को एक्यूआई के आधार पर लागू किया जाना है। हर दिन पर्यावरण अधिकारी इसकी रिपोर्ट दाखिल करेंगे। सभी विभागों को नियमित रिपोर्ट देनी होगी कि वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए।
एक्यूआई के आधार पर लागू होंगी पाबंदियां
डीएम के मुताबिक वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने के साथ ही पाबंदियां भी सख्त होती जाएंगी। ग्रैप में खराब (एक्यूआई 201-300 के बीच होने पर शुरुआती स्तर के उपाय किए जाएंगे और संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा जाएगा। बहुत खराब (एक्यूआई 301-400) होने पर निर्माण गतिविधियों पर नियंत्रण, पानी का छिड़काव और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। गंभीर स्थिति (एक्यूआई 401-500) में निर्माण और ध्वस्तीकरण की गतिविधियों पर रोक, ईंट-भट्टों और औद्योगिक इकाइयों को बंद करने जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। एक्यूआई 500 के पार होने पर शहर में ट्रकों के प्रवेश पर रोक, सम-विषम वाहन योजना और स्कूलों को बंद करने जैसे आपातकालीन उपाय लागू किए जा सकते हैं।