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Agra: जमीन कब्जा के लिए परिवार को रास्ते से हटाना था मकसद, 22 में चार्जशीट तो 14 दिन में लगाई एफएसएल रिपोर्ट

Wed, 10 Jan 2024 01:47 PM IST
भूपेन्द्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Wed, 10 Jan 2024 01:47 PM IST
सार

आगरा में जमीन कब्जा करने के लिए परिवार को रास्ते से हटाना भूमाफिया का मकसद था। इसके लिए पुलिस ने 22 दिन में चार्जशीट और 14 दिन में एफएसएल रिपोर्ट लगा दी। 

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aim of land mafia to remove family from way to capture land worth crores near Bainara Factory in Agra
Agra News : यूपी पुलिस। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा में बोदला रोड पर बैनारा फैक्टरी के पास करोड़ों की जमीन पर कब्जा करना था। रवि कुशवाह और उसके परिवार को जमीन से हटाना था। इसके लिए पूरी तैयारी की गई थी। जेल भेजने से लेकर विवेचना तक में फर्जीवाड़ा किया गया। पहले एनडीपीएस के मुकदमे में जेल भेजा गया। 

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विवेचक ने विवेचना में भी तेजी दिखाई। पांच पर्चे काटे, 22 दिन में चार्जशीट लगा दी। इतने पर ही विवेचक रुके नहीं, 14 दिन में एफएसएल की रिपोर्ट लेकर लगा दी। जिन मामलों में वैज्ञानिक वर्षों लगा देते हैं, उसमें चंद दिनों में रिपोर्ट आने से सवाल भी खड़े हो गए हैं।
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26 अगस्त 2023 को केयरटेकर रवि कुशवाहा, उसके भाई शंकरिया और चौकीदार ओमप्रकाश को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उनके पास से नौ किलोग्राम गांजा बरामद दिखाकर जेल भेजा गया था। मुकदमे का विवेचक आशीष कुमार त्यागी को बनाया गया था। फर्जी मुकदमे की केस डायरी में विवेचक ने कई तथ्य उजागर किए गए हैं। वहीं दूसरा मुकदमा आबकारी अधिनियम का लिखा गया था। यह मुकदमा विवेचना में था।

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बिंदुवार पूरा मामला

  • पहला पर्चा 26 अगस्त को काटा गया था। इसमें गिरफ्तारी की जानकारी थी। वहीं फर्द बरामदगी, एफआईआर लेखक का बयान व आरोपियों के बयान दर्ज किए।
  • आरोपियों के बयान में विवेचक ने लिखा कि उन्होंने जुर्म से माफी मांगते हुए बताया कि साहब हमारा साथी अरुण हमें गांजा बेचता है। हम लोग गांजा खरीदने की डील कर रहे थे, तभी पुलिस ने हमें पकड़ लिया। शेष बयान अपने वकील के माध्यम से न्यायालय में देंगे। गिरफ्तार तीनों आरोपियों के बयान लगभग एक जैसे ही रहे। इन पर केवल नाम अलग हैं।
  • केस डायरी के दूसरे पर्चे में वादी विकास कुमार का बयान है। तीसरे पर्चे में फर्द में दर्शाए गवाहों के बयान लिखे गए हैं। गवाह पुलिसकर्मी ही हैं। कोई स्वतंत्र गवाह शामिल नहीं गया गया।
  • विवेचक ने केस डायरी के पर्चा नंबर 4 को 11 सितंबर 2023 को लिखा था। इसमें अरुण की तलाश के लिए खेरिया मोड़, सराय ख्वाजा, पृथ्वीनाथ फाटक, पथौली व अन्य मोहल्लों में दबिश के लिए जाने का जिक्र गया गया है।
  • 17 सितंबर को काटे गए पांचवें पर्चे में विवेचक ने पहले फरार आरोपी अरुण की तलाश में कई मोहल्लों में जाने का जिक्र किया। बाद में इसमें रवि कुशवाहा, शंकरिया और ओमप्रकाश के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत चार्जशीट लगा दी। अरुण के खिलाफ विवेचना प्रचलित रखी गई।
  • 20 सितंबर को केस डायरी में पर्चा नंबर 6 काटकर कोर्ट भेजा। इसमें फरार आरोपियों की कई मोहल्लों में तलाश करने और एफएसएल से मिली गांजे के नमूने की रिपोर्ट लिखी गई है।
  • पर्चे में लिखा कि आरोपियों से बरामद गांजे से 24 ग्राम गांजा 28 अगस्त को फोरेंसिक लैब भेजा। 29 अगस्त को यह वहां प्राप्त हो गया। फोरेंसिक वैज्ञानिकों ने 11 सितंबर को रिपोर्ट दे दी।
  • रिपोर्ट में लिखा है कि जांच के लिए पैकेट में भेजी गई वस्तु गांजा पाई गई। पुलिस ने अपने आरोपों की पुष्टि कर दी। फर्जी मुकदमा सही बना दिया गया।
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