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अहोई अष्टमी आज: संतान की दीर्घायु के लिए महिलाओं का व्रत, प्रचलित है ये प्राचीन कथा

Thu, 28 Oct 2021 11:43 AM IST
Abhishek Saxena संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Thu, 28 Oct 2021 11:43 AM IST
सार

अहोई अष्टमी का व्रत संतान की लंबी और निरोग आयु के लिए रखा जाता है। तमाम महिलाएं अपनी बेटियों के लिए व्रत रखती हैं। शाम को उन्हें मां अहोई की कथा में साथ बैठाती हैं और फिर तारे देखने के लिए व्रत खोलती हैं।

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Ahoi Ashtami Today Vrat Katha
अहोई अष्टमी

विस्तार

अहोई अष्टमी आज है। इस दिन बच्चों की लंबी उम्र के लिए माताएं निर्जला व्रत रख रही हैं। सूर्योदय से व्रत शुरू हो गया जो शाम को मां अहोई की कथा के साथ तारों की छांव में खोला जाएगा। बुधवार देर शाम तक बाजारों में व्रत की खरीदारी होती रही। व्रत के लिए जरूरी सामान महिलाओं ने खरीदा। 

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अहोई अष्टमी का व्रत अहोई आठे के नाम से भी जाना जाता है। महिलाएं अपनी संतान की लंबी आयु की कामना करती हैं। इस दिन माता पार्वती की पूजा भी की जाती है। शाम को व्रत खोलने के बाद महिलाएं अपने बच्चों को प्रसाद खिलाती हैं और इसके बाद खुद भोजन करती हैं। 
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व्रत कथा
एक नगर में एक साहूकार रहता था। उसके सात लड़के थे। दीपावली नजदीक थी और घर में साफ-सफाई चल रही थी। साहूकार की पत्नी घर की लीपापोती के लिए नदी के पास की खादान से मिट्टी लेने गई। मिट्टी खोदते समय फावड़ा लगने से एक सेह के एक बच्चे की मृत्यु हो गई। किवदंती के अनुसार महिला को सेह का श्राप लगा और एक वर्ष में उसके सभी बेटों की मृत्यु हो गई। महिला ने अहोई अष्टमी के दिन माता भगवती की शरण ली और सेह व सेह के बच्चों का चित्र बनाकर उनकी आराधना कर क्षमा याचना की। वह हर वर्ष नियमित रुप से ऐसा करने लगी, समय के साथ उसके सात पुत्रों ने जन्म लिया और तभी से अहोई व्रत की परंपरा शुरू हो गई। 
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बेटियों के लिए भी रख रहीं उपवास
यह व्रत पुत्र की लंबी और निरोग आयु के लिए रखा जाता है लेकिन अब तमाम महिलाएं अपनी बेटियों के लिए व्रत रखती हैं। शाम को उन्हें मां अहोई की कथा में साथ बैठाती हैं और फिर तारे देखने के लिए व्रत खोलती हैं।

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