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धान में बाली नहीं आने का कारण जानने पहुंची टीम
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बेवर में किसान उमेश के खेत का निरीक्षण करती कृषि विभाग टीम
- फोटो : MAINPURI
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बेवर। 90 दिन बाद भी धान की फसल में बाली नहीं आने की खबर प्रकाशित होते ही कृषि विभाग में खलबली मच गई है। जिला कृषि अधिकारी गगनदीप सिंह के निर्देशन में कृषि वैज्ञानिक शौकत अली, तकनीकी सहायकों की टीम ने उमेश कुमार चतुर्वेदी के खेत का शुक्रवार को निरीक्षण किया।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक शौकत अली के अनुसार खेत में रोपी गई धान की फसल सुगंधा- 4 किस्म की है। यह प्रजाति 110- 120 दिन में पक कर तैयार हो जाती है। रोपाई के 90 दिन होने तक धान में बालियां पूरी तरह से निकल आनी चाहिए। खेत में एक दो बाली आई भी हैं जिनमें कीट लगा है।
विस्तृत रिपोर्ट जिला कृषि अधिकारी को दी जाएगी। जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में किसान उमेश कुमार चतुर्वेदी को बुला कर मामले को दबाने के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं। सूत्रों की मानें तो 12 क्विंटल धान का बीज सुगंधा 4 की सप्लाई इस केंद्र पर भेजी गई थी। कृषि वैज्ञानिक के अनुसार दो किलो बीज की नर्सरी से दो बीघा खेत की रोपाई की जाती है।
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इस प्रकार 12 क्विंटल बीज से बेवर ब्लाक क्षेत्र में 600 बीघा खेत में रोपाई की गई है। जिला कृषि अधिकारी गगनदीप सिंह का कहना है कृषि वैज्ञानिकों की टीम जांच कर रही है। रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। तब तक किसान उमेश कुमार से फसल की सिंचाई करने को कहा गया है। बीज की सप्लाई कहां से किसके द्वारा की गई है इस संबंध में वह कोई जानकारी नहीं दे सके।
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कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक शौकत अली के अनुसार खेत में रोपी गई धान की फसल सुगंधा- 4 किस्म की है। यह प्रजाति 110- 120 दिन में पक कर तैयार हो जाती है। रोपाई के 90 दिन होने तक धान में बालियां पूरी तरह से निकल आनी चाहिए। खेत में एक दो बाली आई भी हैं जिनमें कीट लगा है।
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विस्तृत रिपोर्ट जिला कृषि अधिकारी को दी जाएगी। जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में किसान उमेश कुमार चतुर्वेदी को बुला कर मामले को दबाने के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं। सूत्रों की मानें तो 12 क्विंटल धान का बीज सुगंधा 4 की सप्लाई इस केंद्र पर भेजी गई थी। कृषि वैज्ञानिक के अनुसार दो किलो बीज की नर्सरी से दो बीघा खेत की रोपाई की जाती है।
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इस प्रकार 12 क्विंटल बीज से बेवर ब्लाक क्षेत्र में 600 बीघा खेत में रोपाई की गई है। जिला कृषि अधिकारी गगनदीप सिंह का कहना है कृषि वैज्ञानिकों की टीम जांच कर रही है। रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। तब तक किसान उमेश कुमार से फसल की सिंचाई करने को कहा गया है। बीज की सप्लाई कहां से किसके द्वारा की गई है इस संबंध में वह कोई जानकारी नहीं दे सके।