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कृषि मेले में नहीं पहुंचे व्याख्यान सुनने वाले
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 18 Nov 2015 01:51 AM IST
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बटेश्वर मेले में मंगलवार को पांच दिवसीय किसान मेले का शुभारंभ हुआ। प्रथम दिन वैज्ञानिकों ने उत्तम कृषि और बेहतर पशु पालन को लेकर व्याख्यान दिये लेकिन उनके व्याख्यान को सुनने वाले किसान यहां नहीं पहुंचे। गिने चुने किसानों के अलावा व्याख्यान पंडाल की कुर्सियां खाली पड़ी रहीं।
कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के तहत बटेश्वर मेले में कार्यक्रम का शुभारंभ तहसीलदार कुमार संजय ने किया। उन्होंने मेले में लगी कृषि प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। किसानों की कम संख्या देख उन्होंने इसके प्रचार प्रसार का सुझाव कृषि विभाग के अधिकारियों को दिया। बाद में कृषि गोष्ठी के दौरान चंद किसानों के अलावा कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। भीड़ बढ़ाने के लिए कुछ महिला श्रद्धालुओं को बुलाकर बैठा लिया गया। मेले में कृषि वैज्ञानिक डॉ. ओपी राजपूत, डॉ. शंभूदयाल सारस्वत, डॉ. राजेश पाराशर, डॉ. एससी शर्मा आदि ने किसानों को आधुनिक खेती के तौर तरीके बताये और उन्नतशील तकनीक का इस्तेमाल कर उपज बढ़ाने का सुझाव दिया। उप निदेशक कृषि के नाथ राय, जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव ने किसानों से मेले का लाभ उठाने का आह्वान किया। एआर कोआपरेटिव आरएस राठौर ने सहकारी समितियों से खाद, बीज वितरण को लेकर किसानों को जागरूक किया।
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ऊधौ मन कैसे समझाऊ...
कृषि गोष्ठी के दौरान किरावली के जैंगारा गांव निवासी राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता महावीर सिंह चाहर ने अपने गायन से किसानों का मनोरंजन किया। उन्होंने ऊधौ मन कैसे समझाऊ, मोय बृज की याद सतावे... और मिट्टी की जांच कराई लियो, जाते पैदा बढे़ तुम्हारी... गाकर किसानों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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मेले में खेलकूद प्रतियोगिता आज
बाह। बटेश्वर मेले में खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन बुधवार को होगा। मेला प्रभारी दिनेश पांडेय ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग के छात्र-छात्राएं प्रतियोगिता में शामिल होंगे।
कलींजर के अनिल की गाय सर्वोत्तम पशु
बाह। बटेश्वर मेले की पशु प्रदर्शनी में कलींजर निवासी अनिल कुमार की जर्सी गाय को सर्वोत्तम पशु चुना गया। इसमें कलींजर, धारे का बाग, बिजकौली और बटेश्वर के पशु पालक ही सभी पुरस्कार जीत ले गयेे। पशु प्रदर्शनी के स्तर में आई गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुये मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने इसके स्तर को ऊंचा उठाने के प्रयास करने की बात कही। मंगलवार को पशु प्रदर्शनी में सर्वोत्तम पशु चुनी गई कलींजर निवासी अनिल की जर्सी गाय दिन में 28 लीटर दूध देती है। इसका दिन में कभी भी दूध निकाला जा सकता है। सूखी भैंस में कलींजर के अनिल, बटेश्वर के मोहकम, प्रिया की भैंस को क्रमश: प्रथम, द्वितीय , तृतीय पुरस्कार मिला। दुधारू भैंस में कलींजर के बदन सिंह, बटेश्वर के अर्जुन, धारे के बाग के विष्णु की भैंस को प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान मिला। पड़िया में बिजकौली के उमेश, धारे के बाग के राकेश, संतोष की पड़िया को प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान मिला। विदेशी गाय में कलींजर के अनिल कुमार, बटेश्वर के नत्थीलाल, रामदयाल की ठार के रितिक की गाय को क्रमश: प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान मिला। देशी गाय में रामदयाल की ठार के रोहित, बिजकौली के उमेश, दीपिका की गाय को क्रमश: प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान के लिए चुना गया। घोड़ी में मीठेपुर के बुद्धदास की घोड़ियों को प्रथम, द्वितीय और जरार के समरथ शरण की घोड़ी को तृतीय स्थान मिला। राजेश, नीरज, विजय, गोपाल आदि ने अपने पशुओं के साथ कलाबाजी का प्रदर्शन किया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी आगरा अजय सिन्हा ने प्रदर्शनी के लिए पशुपालकों को प्रेरित करने को कहा। इस दौरान मेला प्रभारी दिनेश पांडेय, डिप्टी सीबीओ सुरेंद्र सिंह, डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. धर्मेंद्र, डॉ. विजय साठे, डॉ. मुहम्मद अंसारी आदि मौजूद रहे।
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कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के तहत बटेश्वर मेले में कार्यक्रम का शुभारंभ तहसीलदार कुमार संजय ने किया। उन्होंने मेले में लगी कृषि प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। किसानों की कम संख्या देख उन्होंने इसके प्रचार प्रसार का सुझाव कृषि विभाग के अधिकारियों को दिया। बाद में कृषि गोष्ठी के दौरान चंद किसानों के अलावा कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। भीड़ बढ़ाने के लिए कुछ महिला श्रद्धालुओं को बुलाकर बैठा लिया गया। मेले में कृषि वैज्ञानिक डॉ. ओपी राजपूत, डॉ. शंभूदयाल सारस्वत, डॉ. राजेश पाराशर, डॉ. एससी शर्मा आदि ने किसानों को आधुनिक खेती के तौर तरीके बताये और उन्नतशील तकनीक का इस्तेमाल कर उपज बढ़ाने का सुझाव दिया। उप निदेशक कृषि के नाथ राय, जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव ने किसानों से मेले का लाभ उठाने का आह्वान किया। एआर कोआपरेटिव आरएस राठौर ने सहकारी समितियों से खाद, बीज वितरण को लेकर किसानों को जागरूक किया।
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ऊधौ मन कैसे समझाऊ...
कृषि गोष्ठी के दौरान किरावली के जैंगारा गांव निवासी राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता महावीर सिंह चाहर ने अपने गायन से किसानों का मनोरंजन किया। उन्होंने ऊधौ मन कैसे समझाऊ, मोय बृज की याद सतावे... और मिट्टी की जांच कराई लियो, जाते पैदा बढे़ तुम्हारी... गाकर किसानों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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मेले में खेलकूद प्रतियोगिता आज
बाह। बटेश्वर मेले में खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन बुधवार को होगा। मेला प्रभारी दिनेश पांडेय ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग के छात्र-छात्राएं प्रतियोगिता में शामिल होंगे।
कलींजर के अनिल की गाय सर्वोत्तम पशु
बाह। बटेश्वर मेले की पशु प्रदर्शनी में कलींजर निवासी अनिल कुमार की जर्सी गाय को सर्वोत्तम पशु चुना गया। इसमें कलींजर, धारे का बाग, बिजकौली और बटेश्वर के पशु पालक ही सभी पुरस्कार जीत ले गयेे। पशु प्रदर्शनी के स्तर में आई गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुये मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने इसके स्तर को ऊंचा उठाने के प्रयास करने की बात कही। मंगलवार को पशु प्रदर्शनी में सर्वोत्तम पशु चुनी गई कलींजर निवासी अनिल की जर्सी गाय दिन में 28 लीटर दूध देती है। इसका दिन में कभी भी दूध निकाला जा सकता है। सूखी भैंस में कलींजर के अनिल, बटेश्वर के मोहकम, प्रिया की भैंस को क्रमश: प्रथम, द्वितीय , तृतीय पुरस्कार मिला। दुधारू भैंस में कलींजर के बदन सिंह, बटेश्वर के अर्जुन, धारे के बाग के विष्णु की भैंस को प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान मिला। पड़िया में बिजकौली के उमेश, धारे के बाग के राकेश, संतोष की पड़िया को प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान मिला। विदेशी गाय में कलींजर के अनिल कुमार, बटेश्वर के नत्थीलाल, रामदयाल की ठार के रितिक की गाय को क्रमश: प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान मिला। देशी गाय में रामदयाल की ठार के रोहित, बिजकौली के उमेश, दीपिका की गाय को क्रमश: प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान के लिए चुना गया। घोड़ी में मीठेपुर के बुद्धदास की घोड़ियों को प्रथम, द्वितीय और जरार के समरथ शरण की घोड़ी को तृतीय स्थान मिला। राजेश, नीरज, विजय, गोपाल आदि ने अपने पशुओं के साथ कलाबाजी का प्रदर्शन किया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी आगरा अजय सिन्हा ने प्रदर्शनी के लिए पशुपालकों को प्रेरित करने को कहा। इस दौरान मेला प्रभारी दिनेश पांडेय, डिप्टी सीबीओ सुरेंद्र सिंह, डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. धर्मेंद्र, डॉ. विजय साठे, डॉ. मुहम्मद अंसारी आदि मौजूद रहे।