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मानवता की मिसाल: ओ-निगेटिव ब्लड की थी जरूरत, 2100 किमी. की यात्रा कर किया रक्तदान; तब बची मरीज की जान
Mon, 27 Apr 2026 10:03 AM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 27 Apr 2026 10:03 AM IST
सार
आगरा के दो युवाओं ने 2100 किलोमीटर का सफर तय कर हैदराबाद पहुंचकर दुर्लभ ओ-निगेटिव रक्तदान किया, जिससे मरीज का फेफड़ा ट्रांसप्लांट सफल हो सका। आपात स्थिति में किए गए इस मानव सेवा कार्य की पूरे अस्पताल और संस्था ने सराहना की।
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गुरजीत सिंह और अजीत साहनी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मानव सेवा के लिए दूरी और परिस्थिति मायने नहीं रखतीं। शहर के ऐसे ही दो युवाओं ने करीब 2100 किमी का सफर तय कर रक्तदान किया। शहर के दयालबाग निवासी अजीत कुमार और कमला नगर निवासी गुरजीत सिंह अरोड़ा ने मरीज की जान बचाने के लिए आगरा से हैदराबाद जाकर रक्तदान किया। इनके रक्त से मरीज के फेफड़े का ट्रांसप्लांट हो सका। मरीज की हालत भी ठीक है।
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समर्पण ब्लड बैंक के महासचिव अखिलेश अग्रवाल ने बताया कि एटा के मरीज का हैदराबाद के अस्पताल में फेफड़े का ट्रांसप्लांट हो रहा था। इसमें ओ-निगेटिव 29 यूनिट खून की जरूरत थी। ऑपरेशन के बीच 21 अप्रैल को दो और यूनिट की जरूरत पड़ी, लेकिन वहां व्यवस्था नहीं हो पाई। ऐसे में कमला नगर निवासी मरीज के परिचित संतोष कुमार गुप्ता ने ओ-निगेटिव ग्रुप के रक्त की तत्काल जरूरत बताई।
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इस पर कमला नगर निवासी गुरजीत सिंह अरोड़ा और दयालबाग निवासी अजीत साहनी से संपर्क किया। दोनों ही अपना कामकाज छोड़कर रक्तदान करने को तैयार हो गए। ऐसे में दोनों हवाई यात्रा के जरिये आगरा से मुंबई और मुंबई से हैदराबाद पहुंचे। एयरपोर्ट से अस्पताल जाकर ऑपरेशन के बीच दोनों ने रक्तदान किया। इस तरह से आगरा से हैदराबाद के अस्पताल तक एक ओर से करीब 2100 किमी की दूरी तय की। हैदराबाद से आगरा के लिए सीधी उड़ान पर वे रविवार को वापस आए हैं।
दोनों महादानियों ने कहा कि ओ निगेटिव दुर्लभ रक्त ग्रुप है। ऐसी जरूरतों पर कई बार रक्तदान कर चुके हैं। संस्था अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, निदेशक संजीव जैन और रोहित अग्रवाल ने महादानियों का आभार जताया।