Agra University: विवि में स्थानांतरण में बड़ा खेल, जिस पटल से हटाया, उसी पर फिर से तैनाती
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के स्थानांतरण में हुई अनियमितता की शिकायत शासन तक पहुंच गई है। खास बात तो ये है कि कर्मचारियों को जिस पटल से हटाया, उसी पर फिर से तैनाती मिल गई।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में कर्मचारियों के स्थानांतरण में गड़बड़ी की शिकायत राज्यपाल से होने के बाद शासन ने विश्वविद्यालय से आख्या मांगी है। शिकायत है कि तृतीय श्रेणी कर्मचारी एक पटल पर 10 से 30 वर्षों से डटे हैं। ऐसे कर्मचारियों को पहले स्थानांतरण कर हटाया गया। बाद में दूसरा आदेश जारी कर फिर उसी पटल पर तैनाती दे दी गई। इसमें कुछ ने स्थानांतरण के बाद भी पटल का काम नहीं छोड़ा था।
राज्यपाल से की थी शिकायत
अमित राज चौहान ने 2 जुलाई 2022 को राज्यपाल से शिकायत की थी। कहा गया कि 23 दिसंबर 2021 को लंबे समय एक पटल पर तैनात तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया। एक जुलाई 2022 को फिर दूसरी सूची जारी हुई। इसमें 19 तृतीय श्रेणी व 02 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को पुराने विभागों व पटलों पर भेज दिया गया। वे यहां 10 से 30 वर्षों से सेवाएं दे रहे थे।
दूसरी सूची निरस्त करने की मांग
शिकायतकर्ता ने तत्कालीन कुलसचिव व सहायक कुलसचिव प्रशासन की भूमिका बताई। दूसरी सूची निरस्त करने की मांग की। इस पर, विशेष सचिव शासन गिरिजेश कुमार त्यागी ने शिकायत पर कुलपति को पत्र जारी कर प्रकरण में उचित कदम उठाते हुए आख्या मांगी है। कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह का कहना है कि शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।