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विश्वविद्यालय में फैकल्टी की कमी से कम हो सकती हैं इस कोर्स की 25 फीसदी सीटें
Sun, 22 Dec 2019 10:17 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 22 Dec 2019 10:17 PM IST
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) की 25 फीसदी सीटें कम हो सकती हैं। संस्थान में कुछ मानक अधूरे हैं। इस पर ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजूकेशन (एआईसीटीई) ने संस्थान को नोटिस जारी किया है। संस्थान में वर्तमान में 300 सीटें हैं।
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एआईसीटीई के क्षेत्रीय अधिकारी की ओर से इंजीनियरिंग संस्थान को 25 फीसदी सीटें कम करने के संबंध में दिए गए नोटिस में संस्थान की कमियां भी बताई गई हैं। इसमें संस्थान में छात्रों के लिए हॉस्टल नहीं है। मानक के अनुरूप शिक्षक नहीं हैं। सभी शिक्षक नियमित होने चाहिए। मानक के अनुरूप 48 की जगह 42 शिक्षक ही हैं। इन कमियों को 31 मार्च तक हर हाल में पूरा करने को कहा गया है।
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इंजीनियरिंग संस्थान में बीई में पांच शाखाएं संचालित हैं। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन, कंप्यूटर साइंस, केमिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग हैं। सभी पाठ्यक्रमों में कम से कम एक-एक प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर व 10-10 लेक्चरर होने चाहिए। संस्थान के किसी भी पाठ्यक्रम में एक भी प्रोफेसर व एसोसिएट प्रोफेसर की तैनाती नहीं है।
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प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा ने दी थी चेतावनी
एआईसीटीई की ओर से नोटिस जारी करने से पहले प्रमुख सचिव, तकनीकी शिक्षा ने बैठक में संस्थान में शिक्षकों की कमी पूरी करने के लिए कहा था। ऐसा न करने पर एआईसीटीई को पाठ्यक्रमों को बंद करने के लिए लिखने की भी चेतावनी दी गई थी। विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. गिरजाशंकर शर्मा का कहना है कि जो भी कमियां हैं उन्हें दूर करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।