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Agra: डिग्री के साथ नौकरी का रास्ता, एईडीपी पर मंथन; इंटर्नशिप और उद्योग से जुड़ी शिक्षा पर दिया जोर
Thu, 19 Mar 2026 10:21 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 19 Mar 2026 10:21 AM IST
सार
आगरा विश्वविद्यालय में एईडीपी के तहत छात्रों को इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप से जोड़ने पर जोर दिया गया। इस योजना में छात्रों को 12,300 रुपये तक स्टाइपेंड के साथ उद्योगों में प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे।
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आईक्यूएसी कार्यालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के आईक्यूएसी कार्यालय में बुधवार को सत्र 2024 से संचालित अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) की समीक्षा बैठक की गई। बैठक में छात्रों को अप्रेंटिसशिप, इंटर्नशिप और उद्योग से जुड़ी शिक्षा से जोड़ने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक की शुरुआत नोडल अधिकारी प्रो. शरद चंद्र उपाध्याय ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। इस दौरान विभिन्न महाविद्यालयों में संचालित पाठ्यक्रमों की समस्याओं और चुनौतियों पर चर्चा हुई। साथ ही उद्योगों के साथ बेहतर सामंजस्य स्थापित करने की बात कही गई। सीआरआईएसपी से निहारिका यादव ने बताया कि अब सभी छात्रों के लिए नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम (एनएटीएस) पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा। बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (बीओएटी) के माध्यम से छात्रों को अप्रेंटिसशिप के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
छात्रों को उनके शहर या आसपास ही इंटर्नशिप दिलाने पर ध्यान दिया जाएगा और महाविद्यालयों को बीओएटी के साथ समझौता ज्ञापन करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक बैच में छात्रों की संख्या विश्वविद्यालय की ओर से निर्धारित की जाएगी तथा अप्रेंटिसशिप के दौरान छात्रों को न्यूनतम 12,300 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड बीओएटी के माध्यम से दिया जाएगा। विश्वविद्यालय में वर्तमान में बीबीए (रिटेल, टूरिज्म एवं मैनेजमेंट), लॉजिस्टिक्स और बीकॉम (बीएफएसआई) जैसे एईडीपी पाठ्यक्रम संचालित हैं, जबकि 20 नए कोर्स को भी स्वीकृति मिल चुकी है। बैठक में प्रो. एससी उपाध्याय, डीन मैनेजमेंट प्रो. यूएन शुक्ला, प्रो. केपी तिवारी, प्रो. विनय जैन, डॉ. केके पचौरी, डॉ. विक्रांत शास्त्री, डॉ. स्वाति माथुर और डॉ. रुचिरा प्रसाद आदि मौजूद रहीं।
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बैठक की शुरुआत नोडल अधिकारी प्रो. शरद चंद्र उपाध्याय ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। इस दौरान विभिन्न महाविद्यालयों में संचालित पाठ्यक्रमों की समस्याओं और चुनौतियों पर चर्चा हुई। साथ ही उद्योगों के साथ बेहतर सामंजस्य स्थापित करने की बात कही गई। सीआरआईएसपी से निहारिका यादव ने बताया कि अब सभी छात्रों के लिए नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम (एनएटीएस) पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा। बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (बीओएटी) के माध्यम से छात्रों को अप्रेंटिसशिप के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
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छात्रों को उनके शहर या आसपास ही इंटर्नशिप दिलाने पर ध्यान दिया जाएगा और महाविद्यालयों को बीओएटी के साथ समझौता ज्ञापन करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक बैच में छात्रों की संख्या विश्वविद्यालय की ओर से निर्धारित की जाएगी तथा अप्रेंटिसशिप के दौरान छात्रों को न्यूनतम 12,300 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड बीओएटी के माध्यम से दिया जाएगा। विश्वविद्यालय में वर्तमान में बीबीए (रिटेल, टूरिज्म एवं मैनेजमेंट), लॉजिस्टिक्स और बीकॉम (बीएफएसआई) जैसे एईडीपी पाठ्यक्रम संचालित हैं, जबकि 20 नए कोर्स को भी स्वीकृति मिल चुकी है। बैठक में प्रो. एससी उपाध्याय, डीन मैनेजमेंट प्रो. यूएन शुक्ला, प्रो. केपी तिवारी, प्रो. विनय जैन, डॉ. केके पचौरी, डॉ. विक्रांत शास्त्री, डॉ. स्वाति माथुर और डॉ. रुचिरा प्रसाद आदि मौजूद रहीं।
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