यूपी के शिकोहाबाद स्थित गांव छटनपुर में हुए कार हादसे में हरीश की मौत कार के दोबारा आने पर टक्कर मारने से हुई थी। उसकी डेढ़ साल पहले ही जसराना के टीकामई गांव में सोनी देवी के साथ शादी हुई थी। दंपती के कोई संतान नहीं है। वहीं पिता भी कैंसर की बीमारी से ग्रसित हैं। उनका लखनऊ में उपचार चल रहा है। पोस्टमार्टम के बाद हरीश का शव जैसे ही गांव पहुंचा, परिवार में चीख-पुकार मच गई। पत्नी और मां समेत बहनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
कैंसर से जूझ रहे पिता को नहीं बेटे की मौत की खबर: डेढ़ साल पहले हुई थी हरीश की शादी, सोनी का उजड़ गया संसार
पिता को नहीं बेटे के मौत की खबर
हरीश कुमार (25) पांच भाई-बहनों भुवनेश (26), बहनें अमीषा (23), टिंकल (21) एवं सूरज (16) के बीच दूसरे नंबर का था। उसके बड़े भाई भुवनेश की शादी तीन साल पहले सरिता से हुई है। उनके पास दो साल का बेटा सिद्धार्थ है। मृतक हरीश की बहन अमीषा ने रोते-रोते हुए बताया कि उसके पिता गंभीर सिंह खेतीबाड़ी करते थे, जोकि पिछले दो साल से कैंसर की बीमारी से पीड़ित हैं। उनके साथ मौजूद परिवार के लोगों ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि इस घटना के बारे में अभी गंभीर सिंह को जानकारी नहीं दी गई है। उनका अभी लखनऊ में उपचार चल रहा है। हरीश का शव गांव में पहुंचते ही उसकी पत्नी सोनी देवी, मां कांता देवी एवं भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था। बहनें बार-बार भाई को याद करके बेसुध हो रही थीं।
तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी बबली
इस हादसे में दीपिका उर्फ बबली की भी कार के रौंदने से मौत हुई है। बबली अपने परिवार में तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। उसकी मौत के बाद अब पिता बृजेश चंद्र यादव, मां, बहन रश्मि (15) और भाई देव (11) का रो-रोकर बुरा हाल था।
हादसे में चार बहनों समेत पांच ने तोड़ा दम
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद-बटेश्वर मार्ग स्थित गांव छटनपुरा में रविवार रात को हुए हादसे से हाहाकार मच गया। टेसू-झांझी का ब्याह कराने के बाद विसर्जन करने जा रहे बच्चों, महिलाओं, युवाओं की टोली को बटेश्वर की ओर से आ रही अनियंत्रित कार 17 लोगों को रौंदती हुई चली गई। चार बहनों समेत पांच लोगों की मौत हो गई जबकि 12 अन्य घायल हो गए। ग्रामीणों ने भागती कार को ट्रैक्टर लगाकर पकड़ लिया।
सड़क किनारे बैठे लोग
पुलिस के अनुसार थाना नसीरपुर इलाके के गांव छटनपुरा के महिला-पुरुष एवं बच्चे टेसू-झांझी की शादी की रस्में अदा करने शिकोहाबाद बटेश्वर रोड पर गए हुए थे। रात करीब 9 बजे जब सभी लोग पूजा करने के लिए सड़क किनारे बैठे थे, तभी अचानक बटेश्वर की ओर से आ रही कार ग्रामीणों को रौंदती हुई आगे बढ़ गई।