Agra University Exam: विद्यार्थियों को पहले ही पता था होने वाला है पेपर लीक, पुलिस जांच में सामने आई ये सच्चाई
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में पेपर लीक मामले पुलिस जांच के दौरान कई राज खुल रहे हैं। पुलिस को पता चला है कि विद्यार्थियों को पहले से ही पेपर लीक होने की जानकारी थी। इस प्रकरण में पुलिस ने एक और मुकदमा दर्ज किया है।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में पेपर लीक मामले की जांच कर रही पुलिस को यह भी पता चला है कि पेपर लीक होने की जानकारी विद्यार्थियों को पहले से थी। उन्हें पता था कि परीक्षा से कुछ देर पहले पेपर मोबाइल पर आ जाएगा। इस बात की चर्चा होने पर अन्य छात्र भी सक्रिय हो गए थे। इधर, थाना लोहामंडी में बीएससी द्वितीय वर्ष रसायन विज्ञान का पेपर लीक होने के मामले में भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस दोनों मामलों की विवेचना कर रही है। हालांकि अभी पुलिस यह पता नहीं कर सकी है कि पेपर कहां से भेजा गया?
पेपर लीक होने के बारे में पुलिस को यह जानकारी कुछ विद्यार्थियों से पूछताछ में पता चली है। विद्यार्थियों से सामूहिक और अलग-अलग भी पुलिस ने बातचीत की। इसके बावजूद यह पता नहीं चल पा रहा है कि व्हाट्सएप पर पेपर सबसे पहले किसने और किसको भेजा था। हालांकि पुलिस जब्त 30 मोबाइलों के सहारे भी कड़ी से कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है।
मोबाइल की चल रही जांच
रसायन विज्ञान के मामले में मुकदमा दर्ज करने के बाद थाना लोहामंडी के प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र शंकर पांडेय ने बताया कि शनिवार को बीएससी द्वितीय वर्ष रसायन विज्ञान की परीक्षा थी। इसका भी पेपर लीक होने की शिकायत मिली। रविवार को आगरा कॉलेज के प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य डा. केशव सिंह ने तहरीर दी। इसमें एक छात्र के मोबाइल में पेपर होने की बात कही गई है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसमें भी विवेचना की जा रही है। मोबाइल की जांच हो रही है।
पहले भी हुए पेपर लीक
बता दें इससे पहले 11 मई को बीएससी व बीए तृतीय वर्ष गणित और बीएससी तृतीय वर्ष जंतु विज्ञान के पेपर लीक हुए थे। सभी पेपर लीक के तार एक ही गैंग से जुड़े होने का शक है। एक शिक्षक को भी पकड़ा गया है। उससे पूछताछ की जा रही है।