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UP: हरियाली की चादर में लिपटा आगरा, अब बनेगा ग्रीन सिटी का नया मॉडल; यूं बदल रहा है ताजमहल का शहर
Fri, 27 Mar 2026 09:36 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 27 Mar 2026 09:36 AM IST
सार
नगर निगम और उद्यान विभाग के प्रयासों से आगरा में बड़े पैमाने पर हरियाली विकसित की गई है, जिससे शहर का सौंदर्य और पर्यावरण दोनों सुधर रहे हैं। देशी प्रजातियों के पेड़ों के रोपण से वायु गुणवत्ता बेहतर होने के साथ तापमान नियंत्रण में भी मदद मिल रही है।
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सड़कों पर दिख रहा ग्रीन कॉरिडोर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
ताजनगरी अब सिर्फ स्मारकों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी हरियाली के लिए भी जानी जाएगी। नगर निगम और उद्यान विभाग के साझा प्रयासों से शहर ग्रीन सिटी मॉडल के रूप में उभर रहा है। प्रमुख मार्गों पर फूल खिल रहे हैं। साढ़े सात लाख वर्ग मीटर में हरियाली की चादर बिछ गई है।
नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कहा कि इस पहल ने न केवल शहर का सौंदर्य बढ़ाया है, बल्कि वायु गुणवत्ता में भी सुधार के द्वार खोल दिए हैं। अब तक शहर के लगभग 7.5 लाख वर्ग फीट क्षेत्र को हरा-भरा बनाया जा चुका है। कालिंदी विहार के ठाकुर पार्क, कैलाशपुरी पार्क, शास्त्रीपुरम के स्मॉल वेंडर पार्क, हनुमान टीला, भगत सिंह पार्क और आवास विकास स्थित ऑक्सीजन पार्क को आधुनिक लैंडस्केपिंग से नया जीवन दिया गया है।
प्रभारी उद्यान एवं उपनगर आयुक्त डॉ. सरिता सिंह ने बताया कि विभाग ने विदेशी पौधों के बजाय देशी प्रजातियों को प्राथमिकता दी है। नीम, पीपल, बरगद, अर्जुन और अमलतास जैसे पेड़ों को बड़े पैमाने पर रोपा गया है। ये पेड़ न केवल प्रदूषण को सोखते हैं, बल्कि शहर के बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने में भी ढाल का काम कर रहे हैं।
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सड़कों पर दिख रहा ग्रीन कॉरिडोर
सिर्फ पार्क ही नहीं, बल्कि शहर की मुख्य सड़कों के डिवाइडर भी अब हरियाली से लबरेज हैं। यमुना किनारा रोड और अजीत नगर–अर्जुन नगर गेट रोड। पृथ्वीनाथ फाटक से सिकंदरा पुल और मदिया कटरा रोड। कालिंदी विहार 80 फुटा रोड पर विकसित हरित पट्टियां शहर के फेफड़ों का काम कर रही हैं।
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नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कहा कि इस पहल ने न केवल शहर का सौंदर्य बढ़ाया है, बल्कि वायु गुणवत्ता में भी सुधार के द्वार खोल दिए हैं। अब तक शहर के लगभग 7.5 लाख वर्ग फीट क्षेत्र को हरा-भरा बनाया जा चुका है। कालिंदी विहार के ठाकुर पार्क, कैलाशपुरी पार्क, शास्त्रीपुरम के स्मॉल वेंडर पार्क, हनुमान टीला, भगत सिंह पार्क और आवास विकास स्थित ऑक्सीजन पार्क को आधुनिक लैंडस्केपिंग से नया जीवन दिया गया है।
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प्रभारी उद्यान एवं उपनगर आयुक्त डॉ. सरिता सिंह ने बताया कि विभाग ने विदेशी पौधों के बजाय देशी प्रजातियों को प्राथमिकता दी है। नीम, पीपल, बरगद, अर्जुन और अमलतास जैसे पेड़ों को बड़े पैमाने पर रोपा गया है। ये पेड़ न केवल प्रदूषण को सोखते हैं, बल्कि शहर के बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने में भी ढाल का काम कर रहे हैं।
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सड़कों पर दिख रहा ग्रीन कॉरिडोर
सिर्फ पार्क ही नहीं, बल्कि शहर की मुख्य सड़कों के डिवाइडर भी अब हरियाली से लबरेज हैं। यमुना किनारा रोड और अजीत नगर–अर्जुन नगर गेट रोड। पृथ्वीनाथ फाटक से सिकंदरा पुल और मदिया कटरा रोड। कालिंदी विहार 80 फुटा रोड पर विकसित हरित पट्टियां शहर के फेफड़ों का काम कर रही हैं।