{"_id":"5ab5ec124f1c1b5a598b5cf5","slug":"agra-three-killed-due-to-domestic-violence","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"ऋषिकेश में मिले 3 शवः घर की कलह बन गई तीन पीढ़ियों का काल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऋषिकेश में मिले 3 शवः घर की कलह बन गई तीन पीढ़ियों का काल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 24 Mar 2018 11:56 AM IST
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रोते-बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
न्यू आगरा में नगला पदी के जागेश्वर नगर के गली नंबर पांच में रहने वाले चांदी कारीगर लखन लाल वर्मा, उसके बेटे दीपक और पौत्र हर्ष की शुक्रवार ऋषिकेश में संदिग्ध परिस्थति में हो गई थी।
वहीं करीबी लोगों का कहना है कि घर की कलह तीन पीढ़ियों का काल बन गई। इस कलह की वजह से ही छह साल पहले लखन के बड़े बेटे सुमित की जान गई थी। उसकी लाश ससुराल में मिली थी। उसने जहर खाकर जान दी।
इसके बाद परिवार ऐसा टूटा कि फिर संभल नहीं पाया। लखन लाल के परिवार ने सुमित की पत्नी सीता पर उसकी जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया। इस कारण दोनों परिवारों में खाई बन गई।
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वहीं करीबी लोगों का कहना है कि घर की कलह तीन पीढ़ियों का काल बन गई। इस कलह की वजह से ही छह साल पहले लखन के बड़े बेटे सुमित की जान गई थी। उसकी लाश ससुराल में मिली थी। उसने जहर खाकर जान दी।
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इसके बाद परिवार ऐसा टूटा कि फिर संभल नहीं पाया। लखन लाल के परिवार ने सुमित की पत्नी सीता पर उसकी जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया। इस कारण दोनों परिवारों में खाई बन गई।
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परिजनों पर टूटा गमों का पहाड़
- फोटो : अमर उजाला
सती मायके में रहने लगी। उसका और सुमित का बेटा लखन लाल यानि अपने दादा के पास रहा। इसके बाद भी परिवार की कलह बंद नहीं हुई। एक तो लखन की पत्नी बेबी की बीमारी के कारण घर में तनाव रहता था।
दूसरा, लखन और बेबी में बनती नहीं थी। इस कारण घर में कलह रहती थी। आए दिन झगड़े होते थे। बेटे दीपक और मां में भी नहीं बनती थी। परिवार के नजदीकी लोग बता रहे हैं कि कई बार झगड़ा हो चुका था।
लखन लाल और दीपक अंदर ही अंदर दुखी थे। गुमसुम रहने लगे थे। पिछले शुक्रवार को घर पर ही मोबाइल फोन रखे। आईडी भी रख दीं। उन्हें लोगों ने जाते हुए देखा। उनसे पूछा कि कहां जा रहे हो, तो कुछ नहीं बताया।
इसके बाद अब उनकी मौत की खबर आई है। बोदला से आए लाखन केधेवते मोहित ने बताया कि घर के कलह केकारण नाना और मामा परेशान रहते थे लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि ऐसा कदम उठा लेंगे।
दूसरा, लखन और बेबी में बनती नहीं थी। इस कारण घर में कलह रहती थी। आए दिन झगड़े होते थे। बेटे दीपक और मां में भी नहीं बनती थी। परिवार के नजदीकी लोग बता रहे हैं कि कई बार झगड़ा हो चुका था।
लखन लाल और दीपक अंदर ही अंदर दुखी थे। गुमसुम रहने लगे थे। पिछले शुक्रवार को घर पर ही मोबाइल फोन रखे। आईडी भी रख दीं। उन्हें लोगों ने जाते हुए देखा। उनसे पूछा कि कहां जा रहे हो, तो कुछ नहीं बताया।
इसके बाद अब उनकी मौत की खबर आई है। बोदला से आए लाखन केधेवते मोहित ने बताया कि घर के कलह केकारण नाना और मामा परेशान रहते थे लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि ऐसा कदम उठा लेंगे।
जेब से मिली नकदी और पर्चियां
मृतकों की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
ऋषिकेश पुलिस को मृतकों की जेब से करीब 10 हजार 50 रुपये की नकदी और वैष्णो देवी माता मंदिर श्राइन बोर्ड कटरा की 18 मार्च की रसीद, प्राचीन लंगर श्री गुरुनानक अन्नक्षेत्र भंडारा गंगातट, गऊ घाट हरिद्वार की रसीद और भारत स्काउट्स एंड गाइड समाजसेवा केंद्र हरकीपैड़ी, हरिद्वार के नाम से कटी 50 रुपये की रसीद मिली है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक तीनों लोगों ने कमरे के लिए क्षेत्र के आश्रमों में संपर्क किया था। बताया जा रहा है कि आईडी प्रूफ नहीं होने के चलते उन्हें कमरा नहीं मिल पाया। उन्होंने स्वर्गाश्रम में एक दुकान से दो कंबल भी खरीदे थे। हालांकि, पुलिस ने अभी इस तरह की किसी भी बात की पुष्टि नहीं की है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक तीनों लोगों ने कमरे के लिए क्षेत्र के आश्रमों में संपर्क किया था। बताया जा रहा है कि आईडी प्रूफ नहीं होने के चलते उन्हें कमरा नहीं मिल पाया। उन्होंने स्वर्गाश्रम में एक दुकान से दो कंबल भी खरीदे थे। हालांकि, पुलिस ने अभी इस तरह की किसी भी बात की पुष्टि नहीं की है।