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संजलि हत्याकांड: परिजनों का एलान, कातिलों की गिरफ्तारी तक नहीं करेंगे दाह संस्कार
Thu, 20 Dec 2018 08:42 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 20 Dec 2018 08:42 PM IST
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छात्रा संजलि का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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हाईस्कूल की छात्रा संजलि का शव गुरुवार शाम पांच बजे आगरा के गांव लालऊ पहुंचा तो कोहराम मच गया। महिलाएं बिलख बिलखकर रोने लगीं। पुलिस ने पूछा कि दाह संस्कार कब किया जाएगा? तो लोग भड़क गए।
उन्होंने एलान कर दिया कि कातिलों के पकड़े जाने तक दाह संस्कार नहीं होगा। संजलि के परिजनों ने दो मांगे रखीं। उन्होंने कहा कि एक तो परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। दूसरा एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए।
देर रात तक शव घर के बाहर ही रखा था। पुलिस प्रशासन के लाख कहने पर भी दाह संस्कार नहीं किया गया।गांव में जगह जगह पंचायत भी हो रही है। लोग कह रहे हैं कि इतनी बड़ी घटना का तीन दिन में खुलासा न होना शर्मनाक है।
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उन्होंने एलान कर दिया कि कातिलों के पकड़े जाने तक दाह संस्कार नहीं होगा। संजलि के परिजनों ने दो मांगे रखीं। उन्होंने कहा कि एक तो परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। दूसरा एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए।
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देर रात तक शव घर के बाहर ही रखा था। पुलिस प्रशासन के लाख कहने पर भी दाह संस्कार नहीं किया गया।गांव में जगह जगह पंचायत भी हो रही है। लोग कह रहे हैं कि इतनी बड़ी घटना का तीन दिन में खुलासा न होना शर्मनाक है।
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एक करोड़ मुआवजे की मांग
एक तो पुलिस वारदात को रोक नहीं पाई। दूसरा अब कातिलों को पकड़ नहीं पा रही है। संजलि की बहन अंजलि ने कहा कि कई घटनाओं में प्रदेश सरकार ने एक करोड़ तक मुआवजा दिया है तो इस घटना में क्यों नहीं दिया जा सकता है।
इससे बड़ी वारदात और क्या हो सकती है कि स्कूल से लौटती उसकी बहन को जिंदा जला दिया गया। दिल्ली से शव लेकर आए कई रिश्तेदारों ने परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग रखी।
गुस्साए लोगों ने दोपहर को क्षेत्रीय सांसद चौधरी बाबूलाल के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि वह अभी तक क्यों नहीं आए हैं? वोट लेने आते हैं तो दुख दर्द में क्यों नहीं आते। शाम को जब संजलि का शव पहुंचा तो आगरा के सांसद एवं एससी आयोग के अध्यक्ष रामशंकर कठेरिया के खिलाफ भी नारे लगाए।
इससे बड़ी वारदात और क्या हो सकती है कि स्कूल से लौटती उसकी बहन को जिंदा जला दिया गया। दिल्ली से शव लेकर आए कई रिश्तेदारों ने परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग रखी।
गुस्साए लोगों ने दोपहर को क्षेत्रीय सांसद चौधरी बाबूलाल के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि वह अभी तक क्यों नहीं आए हैं? वोट लेने आते हैं तो दुख दर्द में क्यों नहीं आते। शाम को जब संजलि का शव पहुंचा तो आगरा के सांसद एवं एससी आयोग के अध्यक्ष रामशंकर कठेरिया के खिलाफ भी नारे लगाए।