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सरहद पर आईईडी विस्फोट में आगरा के हवलदार संतोष सिंह शहीद, परिवार में मचा कोहराम
Mon, 18 Nov 2019 06:04 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 18 Nov 2019 06:04 PM IST
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शरीद संतोष कुमार
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर में सरहद की निगरानी करते हुए आगरा के गांव पुरा भदौरिया का लाल शहीद हो गया। रविवार की रात जवान की शहादत की खबर मिली तो परिवार में कोहराम मच गया। जिसने भी शहादत की खबर सुनी, वो शहीद के घर की ओर दौड़ पड़ा।
बाह तहसील के पुरा भदौरिया निवासी संतोष कुमार सिंह सेना में हवलदार थे। वर्तमान में उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर के पलांवाला सेक्टर में थी। रविवार की शाम सेना की यूनिट ने परिजनों को संतोष कुमार सिंह भदौरिया के आईडी विस्फोट में घायल होने की खबर दी।
परिजन उनकी सलामती के लिए ईश्वर से प्रार्थना करने लगे। रात करीब 9:30 बजे एसडीएम बाह अवधेश श्रीवास्तव ने घर आकर संतोष कुमार सिंह की शहादत की खबर दी। शहादत की सुनते ही परिजनों की आंखों से आंसू गिरने लगे।
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बाह तहसील के पुरा भदौरिया निवासी संतोष कुमार सिंह सेना में हवलदार थे। वर्तमान में उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर के पलांवाला सेक्टर में थी। रविवार की शाम सेना की यूनिट ने परिजनों को संतोष कुमार सिंह भदौरिया के आईडी विस्फोट में घायल होने की खबर दी।
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परिजन उनकी सलामती के लिए ईश्वर से प्रार्थना करने लगे। रात करीब 9:30 बजे एसडीएम बाह अवधेश श्रीवास्तव ने घर आकर संतोष कुमार सिंह की शहादत की खबर दी। शहादत की सुनते ही परिजनों की आंखों से आंसू गिरने लगे।
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दो दिन पहले दी थीं बेटे को बर्थडे की शुभकामनाएं
संतोष कुमार सिंह (40) 1997 में सेना में भर्ती हुए थे। उनकी पत्नी विमला देवी बेटी दीक्षा (17), प्रिया (14), बेटे अभय प्रताप सिंह (12) के साथ आगरा में रहती हैं। शुक्रवार को ही संतोष कुमार ने बेटे को फोन पर जन्मदिन की शुभकामनाएं दी थीं।
गांव में संतोष कुमार सिंह की बहादुरी के किस्से एक दूसरे से साझा कर लोगों की आंखें सजल हो उठी। वहीं परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण शहीद के परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार शाम तक शहीद का पार्थिव शरीर आने की उम्मीद है।
गांव में संतोष कुमार सिंह की बहादुरी के किस्से एक दूसरे से साझा कर लोगों की आंखें सजल हो उठी। वहीं परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण शहीद के परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार शाम तक शहीद का पार्थिव शरीर आने की उम्मीद है।