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आगरा की नई टाउनशिप: डीपीआर हुई तैयार, एडीए की इस महत्वाकांक्षी योजना को अब कर्ज का इंतजार
Tue, 24 Sep 2024 09:18 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 24 Sep 2024 09:18 AM IST
सार
एडीए की महत्वाकांक्षी योजना ककुआ और भांडई में बसाई जा रही नई टाउनशिप लापरवाही की वजह से लेटलतीफी का शिकार हो रही है। करीब 200 करोड़ रुपये शासन से मिलने हैं। 500 करोड़ रुपये आगरा विकास प्राधिकरण कर्ज लेगा।
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टाउनशिप
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के ग्वालियर रोड स्थित ककुआ और भांडई में नई टाउनशिप बसाने के लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार हो गई है। जमीन खरीद के लिए बजट का इंतजार किया जा रहा है। करीब 200 करोड़ रुपये शासन से मिलने हैं। 500 करोड़ रुपये आगरा विकास प्राधिकरण कर्ज लेगा। उसके बाद ही मुख्यमंत्री की यह महत्वाकांक्षी योजना धरातल पर उतर सकेगी।
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण व नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत एडीए 30 साल बाद कोई नई आवासीय योजना लाया है। वित्तीय प्रबंधन में लापरवाही से लेटलतीफी हो रही है। ककुआ और भांडई में 138 हेक्टेयर भूमि में 49 हेक्टेयर भूमि की खरीद हो सकी है। 88 हेक्टेयर जमीन खरीद के लिए एडीए का खजाना खाली है।
सोमवार को एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मौली ने डीपीआर, जमीन खरीद और भूमि पर कब्जे की समीक्षा की। उन्होंने नियोजन, लेखानुभाग, भू अर्जन, संपत्ति और अभियंत्रण व कंसलटेंट एजेंसी को जल्द से जल्द योजना को मूर्तरूप देने के निर्देश दिए। लेकिन, यह सब इतना आसान नजर नहीं आ रहा। जमीन खरीद के लिए एडीए का खजाना खाली है।
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शासन से सीड कैपिटल की दूसरी किस्त 200 करोड़ रुपये की मांग की गई है। दूसरी तरफ बैंक ऑफ महाराष्ट्र से 500 करोड़ रुपये कर्ज का प्रस्ताव एडीए ने भेजा है। दोनों से धन नहीं मिला है। एडीए को 138 हेक्टेयर जमीन खरीद पर 784 करोड़ रुपये लागत आएगी। जिसमें 50% यानी 392 करोड़ रुपये एडीए को सीड कैपिटल के रूप में शासन से मिलेंगे।
दिसंबर में 150 करोड़ की पहली किस्त मिल चुकी है। 50% राशि यानी 392 करोड़ ही एडीए स्वयं वहन करेगा। एडीए अभी तक 49 हेक्टेयर भूमि खरीद पर करीब 250 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। बाकी जमीन के लिए 500 करोड़ रुपये से अधिक की जरूरत है।
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मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण व नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत एडीए 30 साल बाद कोई नई आवासीय योजना लाया है। वित्तीय प्रबंधन में लापरवाही से लेटलतीफी हो रही है। ककुआ और भांडई में 138 हेक्टेयर भूमि में 49 हेक्टेयर भूमि की खरीद हो सकी है। 88 हेक्टेयर जमीन खरीद के लिए एडीए का खजाना खाली है।
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सोमवार को एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मौली ने डीपीआर, जमीन खरीद और भूमि पर कब्जे की समीक्षा की। उन्होंने नियोजन, लेखानुभाग, भू अर्जन, संपत्ति और अभियंत्रण व कंसलटेंट एजेंसी को जल्द से जल्द योजना को मूर्तरूप देने के निर्देश दिए। लेकिन, यह सब इतना आसान नजर नहीं आ रहा। जमीन खरीद के लिए एडीए का खजाना खाली है।
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शासन से सीड कैपिटल की दूसरी किस्त 200 करोड़ रुपये की मांग की गई है। दूसरी तरफ बैंक ऑफ महाराष्ट्र से 500 करोड़ रुपये कर्ज का प्रस्ताव एडीए ने भेजा है। दोनों से धन नहीं मिला है। एडीए को 138 हेक्टेयर जमीन खरीद पर 784 करोड़ रुपये लागत आएगी। जिसमें 50% यानी 392 करोड़ रुपये एडीए को सीड कैपिटल के रूप में शासन से मिलेंगे।
दिसंबर में 150 करोड़ की पहली किस्त मिल चुकी है। 50% राशि यानी 392 करोड़ ही एडीए स्वयं वहन करेगा। एडीए अभी तक 49 हेक्टेयर भूमि खरीद पर करीब 250 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। बाकी जमीन के लिए 500 करोड़ रुपये से अधिक की जरूरत है।