ये है आगरा पुलिस: महज 12 घंटे में ढूंढ निकाला ऑटो चालक, हाईवे पर भागा था महिला का बैग लेकर
आगरा पुलिस ने महज 12 घंटे में उस ऑटो चालक को ढूंढ निकाला, जो हाईवे पर महिला का बैग लेकर भागा था। इस काम के लिए पुलिस को स्मार्ट सिटी के बजाय निजी कैमरों से मदद मिली।
विस्तार
आगरा में हाईवे पर महिला के दो बैग लेकर फरार हुए ऑटो चालक को सिकंदरा पुलिस ने खोज निकाला। इसके लिए पुलिस को 50 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग चेक करनी पड़ी। बैग में जेवरात सुरक्षित मिल गए मगर दो लाख रुपये नहीं मिले। बाद में महिला ने बताया कि बैगों में नकदी नहीं थी, उसने झूठ बोला था।
मैनपुरी निवासी रीना पत्नी मंजीत चौहान के साथ घटना हुई थी। पुलिस के मुताबिक रीना रामबाग से 11 वर्षीय बेटे प्रिंस और बुआ मंजू देवी के साथ ऑटो में सवार हुई थीं। बेटे को पनवारी स्थित कृष्णा एकेडमी में छोड़ना था। दो बैग ऑटो में ही रह गए थे। चालक ऑटो लेकर भाग गया था। महिला ने दूसरे ऑटो से उसका पीछा किया था मगर नहीं मिला था। 112 नंबर पर पहले 16 लाख के जेवरात ले जाने की सूचना दी गई थी। मंजू देवी ने दो लाख रुपये नकद और जेवरात की तहरीर दी थी। पुलिस ने केस दर्ज किया था।
ये भी पढ़ें - UP: नशेड़ी पति को सबक सिखाने के लिए पत्नी ने किया कुछ ऐसा, शराब के ठेका से भागे लोग; हर तरफ होने लगी चर्चा
सीसीटीवी से ली मदद
डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि स्मार्ट सिटी के सीसीटीवी कैमरों से पुलिस को ज्यादा मदद नहीं मिली। पुलिस ने रामबाग से रुनकता के बीच प्राइवेट सीसीटीवी कैमरे खंगाले। एक ऑटो को चिन्हित किया गया। पुलिस उसकी तलाश में एत्मादद्दौला क्षेत्र में पहुंची। अब्बास नाम के एक चालक को पकड़ा। वह बृहस्पतिवार को ऑटो चलाने नहीं गया था। अपने भाई को भेज दिया था। तलाशी में महिला के बैग उसके घर में मिले। उसमें कपड़े, जेवरात, आचार का डिब्बा रखा मिला। पुलिस ने महिला को फोन किया। उससे कैश के बारे में पूछा। महिला ने स्वीकार किया कि कैश नहीं था।
ये भी पढ़ें - UP: 25 हजार डीएम साहब को दिए, 25 हजार सीडीओ को...., डीपीआरओ का ऑडियो हुआ वायरल, प्रशासन में मची खलबली
लगा पुलिस गंभीरता से लेगी
मंजू देवी ने बताया कि वह शुक्रगुजार हैं कि पुलिस ने उनके जेवरात खोज निकाले। घटना होने पर मौके पर मिले लोगों ने कहा था कि बैग में कैश जरूर बताना। पुलिस तभी घटना को गंभीरता से लेगी। इसलिए उसने ऐसा किया।