{"_id":"5fc3ca7168941c26ef0ab175","slug":"agra-police-campaign-for-missing-girls-found-626-in-16-months","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गुमशुदा लड़कियों की बरामदगी के लिए शुरू किया अभियान, आगरा पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुमशुदा लड़कियों की बरामदगी के लिए शुरू किया अभियान, आगरा पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी
Mon, 30 Nov 2020 12:10 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 30 Nov 2020 12:10 AM IST
सार
- सर्विलांस से मिले सुराग
- 16 महीने में 626 लड़कियां बरामद
विज्ञापन
बबलू कुमार, एसएसपी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ताजनगरी में बहला-फुसलाकर अपहरण और लापता हुईं 626 किशोरियों और बालिकाओं को पुलिस ने 16 महीने में बरामद करके कोर्ट में पेश किया। लड़कियों की बरामदगी के लिए एसएसपी बबलू कुमार ने थाना पुलिस से लेकर सर्विलांस सेल को लगाया था। सर्विलांस की टीम की मदद से यह लड़कियां बरामद हो सकीं।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि अगस्त से दिसंबर 2019 तक 141 लड़कियों को ढूंढा गया था। इनमें अपहरण और गुमशुदगी के मामले थे। इनको बरामद करने के बाद कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए। इस साल 11 महीने में 485 लड़कियां बरामद की गईं।
इस तरह 16 महीने में 626 लड़कियों को बरामद किया गया। अब 80 की बरामदगी शेष रह गई है। इसके लिए थाना पुलिस के साथ ही सर्विलांस की टीम को लगाया गया है। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि इनकी बरामदगी के लिए थानों की पुलिस लगी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि अगस्त से दिसंबर 2019 तक 141 लड़कियों को ढूंढा गया था। इनमें अपहरण और गुमशुदगी के मामले थे। इनको बरामद करने के बाद कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए। इस साल 11 महीने में 485 लड़कियां बरामद की गईं।
विज्ञापन
इस तरह 16 महीने में 626 लड़कियों को बरामद किया गया। अब 80 की बरामदगी शेष रह गई है। इसके लिए थाना पुलिस के साथ ही सर्विलांस की टीम को लगाया गया है। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि इनकी बरामदगी के लिए थानों की पुलिस लगी थी।
विज्ञापन
सिपाही राजकुमार ने जुटाई अहम जानकारी, मेडल के लिए भेजा नाम
लड़कियों की बरामदगी के लिए सर्विलांस सेल के सिपाही राजकुमार को लगाया गया। उनके सहयोग के लिए दो सिपाही दिए गए। राजकुमार ने एक रजिस्टर बनाया। इसमें वह अपहृत के बारे में सभी जानकारी रखते हैं। जो मिल जाती हैं, उनका नाम काट दिया जाता है।
इसमें परिचित, दोस्त और सगे संबंधियों के भी नाम रखते हैं। उनके मोबाइल नंबर की जानकारी होती है। वह उनके नंबरों को सर्विलांस की मदद से ट्रेस करते हैं। वह लोकेशन को पुलिस टीम के साथ साझा करते थे। राजकुमार ने लड़कियों को बरामद करने के लिए कड़ी मेहनत की। इसलिए उनका नाम डीजी मेडल के लिए भेजा गया है। उनकी मदद से 2020 से पहले लंबित मामले भी निपट गए।
लड़कियों की बरामदगी के लिए सर्विलांस सेल के सिपाही राजकुमार को लगाया गया। उनके सहयोग के लिए दो सिपाही दिए गए। राजकुमार ने एक रजिस्टर बनाया। इसमें वह अपहृत के बारे में सभी जानकारी रखते हैं। जो मिल जाती हैं, उनका नाम काट दिया जाता है।
इसमें परिचित, दोस्त और सगे संबंधियों के भी नाम रखते हैं। उनके मोबाइल नंबर की जानकारी होती है। वह उनके नंबरों को सर्विलांस की मदद से ट्रेस करते हैं। वह लोकेशन को पुलिस टीम के साथ साझा करते थे। राजकुमार ने लड़कियों को बरामद करने के लिए कड़ी मेहनत की। इसलिए उनका नाम डीजी मेडल के लिए भेजा गया है। उनकी मदद से 2020 से पहले लंबित मामले भी निपट गए।