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टप्पेबाज गैंग: ऊपर-नीचे असली नोट, कागज गड्डी थमाकर बनाते थे लोगों को ठगी का शिकार, पुलिस ने तीन दबोचे 

Thu, 17 Mar 2022 01:44 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 17 Mar 2022 01:44 PM IST
सार

पुलिस ने टप्पेबाज गैंग के तीन सदस्यों के गिरफ्तार किया है। इनके पास से 1.23 लाख रुपये और तीन मोबाइल बरामद किए गए हैं। खास बात ये है कि गैंग का सरगना भी पुलिस के हाथ आ गया है। 

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Agra Police arrested three members of Tappebaaz gang
सरगना सहित टप्पेबाज गैंग के तीन सदस्य गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

थाना सदर पुलिस ने टप्पेबाज गैंग के सरगना और दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने 22 दिन पहले बैंक में पोस्ट ऑफिस कर्मचारी को शिकार बनाया था। उससे 1.33 लाख रुपये ठग लिए थे। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से आरोपियों की पहचान की। मंगलवार रात को तीनों को पकड़ लिया। उनसे पूछताछ में कई और घटनाओं का खुलासा हुआ है। 

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एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में दिल्ली के प्रताप विहार निवासी सुनील कुमार तिवारी, बिहार के सहरसा निवासी सत्य नारायण यादव और गोंडा निवासी पिंटू हैं। उनके पास से 1.23 लाख रुपये और तीन मोबाइल बरामद हुए। सत्य नारायण गैंग का सरगना है। उन्होंने 22 फरवरी को शहजादी मंडी स्थित पीएनबी में पोस्ट ऑफिस कर्मी मनोज कुमार शुक्ला को अपना शिकार बनाया था।
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मनोज कुमार शुक्ला बैंक से 2.33 लाख रुपये निकालने आए थे। पिंटू ने फॉर्म भरवाने के बहाने उनसे बात की। कहा कि पैसा जमा करना है। मगर, खाता नहीं खोल रखा है। अगर, वो उनके रुपये जमा करा देगा तो कमीशन दे देगा। बाद में उसका साथी सुनील और सत्य नारायण आ गए। पिंटू ने अपने पास चार लाख रुपये बताए। कहा कि यह पैसा उसका नहीं है। कहीं से लेकर आया है। विश्वास दिलाने के लिए दूर से दो गड्डी दिखाईं। उन पर ऊपर और नीचे दो-दो हजार रुपये के नोट लगे थे। 
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यह देखकर मनोज कुमार ने विश्वास कर लिया। तीनों ने उन्हें दोनों गड्डी दे दी। बाद में पिंटू ने उनसे 1.33 लाख रुपये ले लिए। यह कहा कि वह बाकी रकम जमा कर दें। कुछ देर बाद गड्डी देखने पर पता चला कि उसमें कागज लगे हैं। नोट आगे और पीछे ही थे। उन्होंने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान हो गई। मंगलवार रात को तीनों को होटल क्लार्क शिराज के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।

कई वारदातों को दिया अंजाम 

थाना सदर के प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार दहिया ने बताया कि आरोपियों ने चार महीने पहले ऑटो में बैठे एक व्यक्ति की जेब काटकर कंगन चुरा लिए थे। यह राहगीरों को 50 हजार रुपये में बेच दिए थे। इसी तरह एक महिला और पुरुष को शिकार बनाया था। झांसे में लेकर कंगन और अंगूठी ले गए थे। इसी तरह राजेश्वर मंदिर के पास एक महिला के गहने उतरवा लिए थे। बाद में बेच दिए थे। 

वारदात करने कार से आता था गैंग

आरोपियों ने फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, हापुड़, कानपुर, गोरखपुर आदि जनपदों में वारदात की हैं। वह दिल्ली में रहते थे। कार से वारदात करने दूसरे जिलों में जाते थे। गैंग सबसे ज्यादा बैंकों के बाहर सक्रिय रहता था।  वह रुपये निकालने आने वाले और जमा करने वालों को बातों के जाल में फंसाकर रुपयों को लालच देकर ठग लेते थे।

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