आगरा पुलिस ने गुजरात में बेची सब्जी: धोखाधड़ी करने वाले शातिर को धर दबोचा, पढ़ें- इस ऑपरेशन में तकनीक का कमाल
आगरा पुलिस ने ऑनलाइन सब्जी बेचने वाले एप से धोखाधड़ी के आरोपी को ढूढ़ निकाला। आरोपी ने शेयर ट्रेडिंग एडवाइजर बनकर शहर के एक व्यापारी से धोखाधड़ी की थी। पीड़ित ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गुजरात के अहमदाबाद के ठग ने शेयर ट्रेडिंग एडवाइजर बनकर आगरा के व्यापारी को 11 लाख रुपये का चूना लगा दिया। घाटा दिखाकर अपनी पत्नी को शेयर बेच दिए। मामले में मुकदमा दर्ज होने पर रेंज साइबर सेल ने जांच की। आरोपी का नाम, पता सभी फर्जी निकले। पुलिस ने आरोपी तक पहुंचने के लिए ऑनलाइन सब्जी की टोकरी घर पहुंचाने वाली कंपनी की मदद ली। आगरा पुलिस ने अहमदाबाद से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसे जेल भेज दिया गया।
अर्जुन नगर निवासी सत्येंद्र ने थाना शाहगंज में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने पुलिस को बताया कि एक युवक ने उनसे फोन पर संपर्क किया। खुद को शेयर ट्रेडिंग एडवाइजर बताया। कहा कि उसे कई साल का अनुभव है। अगर, वो उसके बताने पर शेयरों की खरीद-फरोख्त करेंगे तो ज्यादा मुनाफा होगा। वह अंग्रेजी भी बोलता था। वो उसकी बातों में आ गए। शुरुआत में उसने मुनाफा कराया। इस पर सत्येंद्र को विश्वास होने लगा।
आरोपी ने ऐसे की धोखाधड़ी
बाद में आरोपी ने बताया कि कुछ शेयर हाई रिस्क के होते हैं। तत्काल खरीदने होते हैं। ज्यादा मुनाफा होता है। इसके लिए फोन करके पूछने का भी समय नहीं होता है। इसलिए उनसे डीमैट अकाउंट का पासवर्ड ले लिया। उसने शेयरों की खरीद-फरोख्त में गड़बड़ी कर दी। इस पर सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनियम बोर्ड) से नोटिस जारी हो गया। नोटिस मिलने पर व्यापारी घबरा गया। उन्होंने आरोपी से बात की।
इस पर उसने कुछ ही दिन में 11 लाख रुपये का घाटा करा दिया। हाई रिक्स वाले शेयर महंगे दामों पर खरीद लिए। इसके बाद सस्ते दाम में बेच दिए। खरीदने वाली महिला थी। वह उसकी पत्नी निकली। रेंज साइबर सेल की जांच में पता चला कि आरोपी अखिलेश श्रीवास्तव है। वह अहमदाबाद में रह रहा है। शाहगंज पुलिस उसे गिरफ्तार करके ले आई।
मोबाइल एप की मदद से खोज लाई पुलिस
पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की थी। मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया। मगर, उन्हें यह नहीं पता था कि आरोपी कहां रहता है? आधार कार्ड पर लिखा पता गलत था। उसके बैंक खाते और ड्राइविंग लाइसेंस तक दूसरों के पते पर बने हुए थे। मोबाइल का सिम भी फर्जी आईडी पर जारी कराई गई थी। आरोपी को पकड़ने के लिए रेंज साइबर सेल ने तकनीक का सहारा लिया।
आरोपी अखिलेश श्रीवास्तव ने बिग बास्केट नाम से एक एप अपने मोबाइल पर डाउनलोड किया था। कंपनी घरों में ऑनलाइन बुकिंग पर सब्जी भेजने का काम करती है। पुलिस ने सोचा कि आरोपी ने यह एप भी सब्जी घर मंगवाने के लिए डाउनलोड किया होगा। इस पर पुलिस ने जानकारी की। इसमें सामने आया कि आरोपी ने अहमदाबाद के गांधी आश्रम स्थित फोर स्कॉन ग्रीन बंगला में सब्जी मंगाई थी।
सब्जी की टोकरी लेकर पहुंची पुलिस
सब्जी की टोकरी लेकर कंपनी के कर्मचारी की जगह पुलिस पहुंच गई। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे आगरा लेकर आए। इसके बाद जेल भेज दिया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह सिरोही ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज कराया था। 11 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। इस पर टीम को भेजा गया। रविवार को उसे गिरफ्तार कर लेकर आए। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।