आगरा: 24 घंटे में दूसरी मुठभेड़, 11 साल से फरार इनामी गैंगस्टर गिरफ्तार, पैर में गोली लगने से घायल
आगरा में अपराध रोकने के लिए अपराधियों की धरपकड़ जारी है। इसी कड़ी में पुलिस ने लगातार दूसरे दिन मुठभेड़ में एक और बदमाश को गिरफ्तार कर लिया। यह बदमाश 11 साल से फरार चल रहा था।
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आगरा में खुफिया अपराध शाखा की टीम और थाना रकाबगंज पुलिस ने शुक्रवार रात को 15 हजार के इनामी बदमाश पवन को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। उसे पैर में गोली लगी, जिस पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इससे पूर्व गुरुवार रात को थाना छत्ता क्षेत्र में आंबेडकर पुल पर मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र उर्फ छुट्टन उर्फ छोटा गिरफ्तार हुआ था।
एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि शुक्रवार रात पुलिस व स्वाट टीम आगरा किला के पास चेकिंग कर रही थी। सूचना मिली कि 15 हजार का इनामी पवन बाइक पर हाथी घाट से ताजमहल की तरफ आ रहा है। इस पर घेराबंदी कर ली गई। पुलिस टीम को देखकर पवन बाइक मोड़कर भागने लगा। तभी बाइक फिसलने से वह गिर गया। पुलिस को करीब देख वह फायरिंग करने लगा। बचाव में पुलिस ने गोलियां चलाईं। पैर में गोली लगने से पवन घायल हो गया। पुलिस ने उसे दबोच लिया। उसके पास एक तमंचा, दो कारतूस, एक बाइक और मोबाइल बरामद हुआ। पवन पिनाहट थानाक्षेत्र के गांव अर्जुनपुरा का रहने वाला है।
गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के बाद हुआ था फरार
थानाध्यक्ष रकाबगंज राकेश कुमार ने बताया कि पवन के खिलाफ पिनाहट, जैतपुर, रकाबगंज में दस मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2011 में एसओजी ने वाहन चोरों का गैंग पकड़ा था। इसमें पवन भी शामिल था। बाद में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई हुई तो पवन फरार हो गया। पुलिस उसे नहीं खोज सकी। वर्ष 2013 में पिनाहट में लूट में उसका नाम सामने आया। आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका।
भेष बदलकर दिल्ली एनसीआर में रहता था पवन
अब गिरफ्तारी के बाद पवन ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह अविवाहित है। दिल्ली एनसीआर में भेष बदलकर रहता था। कभी मजदूरी करता था तो कभी ठेल लगा लेता था। शादियों में भी खाना परोसने का काम करता था। किसी को भी अपने बारे में नहीं बताता था। वह चोरी छिपे घर आता था।