{"_id":"69558ed68590e9f6f000d7d3","slug":"agra-news-fatehabad-fire-one-death-agra-news-c-285-1-sagr1008-104872-2026-01-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: बंदूक में कारतूस भरते समय फायर, युवक की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: बंदूक में कारतूस भरते समय फायर, युवक की मौत
विज्ञापन
फाइल फोटो मृतक अजय स्रोत परिजन
फतेहाबाद। थाना फतेहाबाद क्षेत्र के गांव पारोली सिकरवार में पुत्र जन्म की खुशी में बुधवार सुबह गुड़ बांटने का कार्यक्रम मातम में बदल गया। जब लाइसेंसी 12 बोर बंदूक में कारतूस डालते समय अचानक गोली चल गई। गोली सामने खड़े एक युवक के सीने में लग गई, जिससे उसकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। घायल को अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी हो हिरासत में लेकर बंदूक बरामद कर ली है।
अजय उर्फ कठेरिया (32) पुत्र लायक सिंह दो भाइयों में बड़े है। छोटा भाई राधेश्याम है। दोनों भाई मेहनत मजदूरी करते हैं। अजय के दो पुत्र एक पुत्री है मनीष (13) कक्षा 6,अनीस (10) कक्षा 2 सृष्टि (7) कक्षा एक तीनों ही बच्चे गांव में स्थित स्कूल में पढ़ते है। जहां पुत्री सृष्टि आंखों से विकलांग है। अजय गरीब परिवार से है रोजाना कमाने खाने वाला है। गांव के ही विवेक के रविवार की रात को पुत्र हुआ था। खुशी में बुधवार सुबह नौ बजे के करीब गांव के ही विवेक के परिवार के लोगों के द्वारा घर पर गुड़ बांटने का कार्यक्रम किया गया था। गांव के 25-30 लोग घर के बाहर सर्दी होने की वजह से आग जलाकर कुछ खड़े थे। तभी वहां गांव का ही सुभाष शर्मा अपने चाचा की लाइसेंसी 12 बोर की बंदूक लेकर कार्यक्रम गया था। कारतूस लोड करने के दौरान अचानक से फायर हो गया। आठ मीटर के करीब दूरी पर खड़े अजय के सीने में गोली लग गई । कार्यक्रम में मौजूद जगन सिंह ने बताया कि सुभाष बंदूक में कारतूस डाल रहा था। तभी बंदूक चल गई। गोली धर्मेंद्र, प्रमोद, अजय के बगल से होकर निकल गई और अजय के सीने में गोली लग गई। आननफानन में घायल को आरोपी लोगों के साथ फतेहाबाद हास्पीटल ले गया। जहां हालत गंभीर होने पर एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा ले गया। जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने अजय को मृत घोषित कर दिया। वहीं सूचना पर डीसीपी ईस्ट अभिषेक अग्रवाल सहित फतेहाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटना के बारे में ग्रामीणों से जानकारी ली। वहीं आरोपी घर छोड़कर फरार हो गया है। पुलिस के द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक की पत्नी शिखा का आरोप है कि सुभाष के द्वारा 4 वर्ष पूर्व भी मेरे पति को जान से मारने की धमकी दी थी। रंजिश के चलते मेरे पति को सुभाष ने गोली मारी है। मृतक के छोटे भाई राधेश्याम ने बताया कि घटना के समय में खेत पर था। गांव के लोगों ने बताया था कि तुम्हारे भाई को गोली लग गई है तो एसएन मेडिकल आगरा पहुंचा तब तक भाई की मौत हो चुकी थी। मुझे अभी कोई जानकारी नहीं है किसने गोली मारी है।
नया फोन लाने का सपना और उजड़ गया पूरा संसार
मृतक अजय की पत्नी शिखा का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार बेहोश हो जा रही थी। आसपास मौजूद महिलाएं किसी तरह पानी के छींटे डालकर उन्हें होश में लातीं। लेकिन होश आते ही शिखा की चीख-पुकार फिर गूंज उठती। वह रोते हुए बार-बार यही कह रही थी कि शाम को ही मेरे पति कह रहे थे। कि नए साल पर बच्चों के लिए एक एंड्रॉयड फोन लेकर आऊंगा। अकेली तीन बच्चों का पालन-पोषण कैसे करूंगी।उन्होंने बताया कि अजय भले ही गरीब था, लेकिन मेहनती था। दिन-रात मजदूरी कर बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने देता था। शिखा बार-बार यही कहती रही कि उसके पति का सपना था कि बच्चे पढ़-लिखकर अच्छा जीवन जिएं।
विज्ञापन
पति की मौत के बाद घर में मातम पसरा है। मासूम बच्चों को अभी यह भी पता नहीं कि उनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है।
तीन मासूमों से छिन गया पिता का साया
नए साल से पहले अजय की मौत ने उसके तीन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया छीन लिया। दर्दनाक यह है कि बच्चों को अभी तक यह भी नहीं बताया गया है कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। घर में पसरे मातम के बीच मासूम बच्चों की आंखें अपने पिता को ढूंढ रही हैं।मृतक का बड़ा बेटा मनीष (13) अपनी छोटी बहन सृष्टि और भाई अनीश को सीने से लगाकर फूट-फूट कर रोता रहा। तीनों बच्चों की सिसकियां देख वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। बच्चे बार-बार रोते हुए यही सवाल पूछते रहे अब पापा हमें कौन पढ़ाएगा
मासूमों के इस सवाल ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। परिवार के सामने अब बच्चों के पालन-पोषण और भविष्य के लाले पड़ गए है।
डीसीपी पूर्वी अभिषेक अग्रवाल से बात करने पर बताया कि आरोपी हिरासत में ले लिया गया है। बंदूक बरामद कर ली गई। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। असलाह के लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
विज्ञापन
अजय उर्फ कठेरिया (32) पुत्र लायक सिंह दो भाइयों में बड़े है। छोटा भाई राधेश्याम है। दोनों भाई मेहनत मजदूरी करते हैं। अजय के दो पुत्र एक पुत्री है मनीष (13) कक्षा 6,अनीस (10) कक्षा 2 सृष्टि (7) कक्षा एक तीनों ही बच्चे गांव में स्थित स्कूल में पढ़ते है। जहां पुत्री सृष्टि आंखों से विकलांग है। अजय गरीब परिवार से है रोजाना कमाने खाने वाला है। गांव के ही विवेक के रविवार की रात को पुत्र हुआ था। खुशी में बुधवार सुबह नौ बजे के करीब गांव के ही विवेक के परिवार के लोगों के द्वारा घर पर गुड़ बांटने का कार्यक्रम किया गया था। गांव के 25-30 लोग घर के बाहर सर्दी होने की वजह से आग जलाकर कुछ खड़े थे। तभी वहां गांव का ही सुभाष शर्मा अपने चाचा की लाइसेंसी 12 बोर की बंदूक लेकर कार्यक्रम गया था। कारतूस लोड करने के दौरान अचानक से फायर हो गया। आठ मीटर के करीब दूरी पर खड़े अजय के सीने में गोली लग गई । कार्यक्रम में मौजूद जगन सिंह ने बताया कि सुभाष बंदूक में कारतूस डाल रहा था। तभी बंदूक चल गई। गोली धर्मेंद्र, प्रमोद, अजय के बगल से होकर निकल गई और अजय के सीने में गोली लग गई। आननफानन में घायल को आरोपी लोगों के साथ फतेहाबाद हास्पीटल ले गया। जहां हालत गंभीर होने पर एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा ले गया। जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने अजय को मृत घोषित कर दिया। वहीं सूचना पर डीसीपी ईस्ट अभिषेक अग्रवाल सहित फतेहाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटना के बारे में ग्रामीणों से जानकारी ली। वहीं आरोपी घर छोड़कर फरार हो गया है। पुलिस के द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक की पत्नी शिखा का आरोप है कि सुभाष के द्वारा 4 वर्ष पूर्व भी मेरे पति को जान से मारने की धमकी दी थी। रंजिश के चलते मेरे पति को सुभाष ने गोली मारी है। मृतक के छोटे भाई राधेश्याम ने बताया कि घटना के समय में खेत पर था। गांव के लोगों ने बताया था कि तुम्हारे भाई को गोली लग गई है तो एसएन मेडिकल आगरा पहुंचा तब तक भाई की मौत हो चुकी थी। मुझे अभी कोई जानकारी नहीं है किसने गोली मारी है।
विज्ञापन
नया फोन लाने का सपना और उजड़ गया पूरा संसार
मृतक अजय की पत्नी शिखा का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार बेहोश हो जा रही थी। आसपास मौजूद महिलाएं किसी तरह पानी के छींटे डालकर उन्हें होश में लातीं। लेकिन होश आते ही शिखा की चीख-पुकार फिर गूंज उठती। वह रोते हुए बार-बार यही कह रही थी कि शाम को ही मेरे पति कह रहे थे। कि नए साल पर बच्चों के लिए एक एंड्रॉयड फोन लेकर आऊंगा। अकेली तीन बच्चों का पालन-पोषण कैसे करूंगी।उन्होंने बताया कि अजय भले ही गरीब था, लेकिन मेहनती था। दिन-रात मजदूरी कर बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने देता था। शिखा बार-बार यही कहती रही कि उसके पति का सपना था कि बच्चे पढ़-लिखकर अच्छा जीवन जिएं।
विज्ञापन
पति की मौत के बाद घर में मातम पसरा है। मासूम बच्चों को अभी यह भी पता नहीं कि उनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है।
तीन मासूमों से छिन गया पिता का साया
नए साल से पहले अजय की मौत ने उसके तीन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया छीन लिया। दर्दनाक यह है कि बच्चों को अभी तक यह भी नहीं बताया गया है कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। घर में पसरे मातम के बीच मासूम बच्चों की आंखें अपने पिता को ढूंढ रही हैं।मृतक का बड़ा बेटा मनीष (13) अपनी छोटी बहन सृष्टि और भाई अनीश को सीने से लगाकर फूट-फूट कर रोता रहा। तीनों बच्चों की सिसकियां देख वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। बच्चे बार-बार रोते हुए यही सवाल पूछते रहे अब पापा हमें कौन पढ़ाएगा
मासूमों के इस सवाल ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। परिवार के सामने अब बच्चों के पालन-पोषण और भविष्य के लाले पड़ गए है।
डीसीपी पूर्वी अभिषेक अग्रवाल से बात करने पर बताया कि आरोपी हिरासत में ले लिया गया है। बंदूक बरामद कर ली गई। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। असलाह के लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।