{"_id":"9ace94087f044e0231cc9a941d419eec","slug":"agra-mumbai-hayby-stop-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":" आगरा-मुंबई हाईवे बंद, 11 गांवों का संपर्क कटा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा-मुंबई हाईवे बंद, 11 गांवों का संपर्क कटा
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Tue, 28 Jul 2015 02:14 AM IST
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खतरे के निशान पर पहुंची चंबल नदी कहर बरपाने को तैयार है। सोमवार को आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे स्थित चंबल पुल पर ट्रैफिक बंद कर दिया गया। इससे हजारों की संख्या में वाहन फंस गए हैं। वहीं बाह पिनाहट के तटवर्ती गांवाें के रास्तों और खेतों में पानी भर गया है। इससे बाह तहसील के 11 गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। बाजरा और तिल की फसल जलमग्न हो गई है। प्रशासन गौहरा, रानीपुरा, भटपुरा गांवाें के लिए नाव चलाने के अलावा अन्य कोई राहत मुहैया नहीं करा पाया है।
बाह संवाददाता के अनुसार, राजस्थान के झालावाड़ डिवीजन से शनिवार को छोड़ा गया 3.80 लाख क्यूसिक पानी का असर दिखने लगा है। सोमवार सुबह छह बजे चंबल नदी 127.50 मीटर पर बह रही थी। दोपहर 12 बजे जलस्तर 128.50 मीटर और शाम छह बजे खतरे के निशान 130 मीटर पर पहुंच गया। तटवर्ती गुढ़ा, गौहरा, रानीपुरा, भटपुरा, धांधूपुरा, मऊ की मढ़ैया, झरनापुरा, शिवलाल पुरा, डालपुरा और पिनाहट के रेहा, कछियारा गांव के संपर्क मार्ग जलमग्न होने से तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।
पिनाहट संवाददाता के अनुसार, घाट पर बनीं चार दुकानें जलमग्न हो गई हैं। बाढ़ के खतरे को भांपते हुए दुकानदार अपना सामान पहले ही समेट ले गए थे। गौहरा, रानीपुरा, भटपुरा गांव के लिए नाव का संचालन शुरू कर दिया गया है। देरशाम तक प्रभावित गांवों का बाहर से दौरा कर लौटे एसडीएम उमाशंकर, तहसीलदार कुमार संजय ने अधिकारियों को व्यवस्था सुधार के निर्देश दिए हैं।
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हाईवे पर लगी हजाराें वाहनाें की कतार
धौलपुर/आगरा। प्रदेश के हाड़ौती इलाके में हो रही तेज बरसात तथा कोटा बैराज से पानी छोडे़ जाने के कारण चंबल नदी के जल स्तर में बढ़ोतरी का क्रम जारी है। सोमवार को आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे स्थित चंबल पुल पर ट्रैफिक बंद कर दिया गया। बीते करीब चौदह घंटों से हजारों की तादाद में वाहन हाईवे पर दोनों ओर खडे़ हुए हैं। सबसे ज्यादा परेशानी अपने परिवार सहित यात्रा पर निकले लोगों को हो रही है। वहीं, आगरा से सोमवार को ग्वालियर जाने वाली बसाें का संचालन बंद रहा। ईदगाह बस अड्डे से धौलपुर, मुरैना, ग्वालियर, बांदा, इंदौर, भोपाल आदि जगहों पर हर दिन सौ से अधिक बसों का आवागमन होता है। धौलपुर में सोमवार की देर शाम चंबल का जलस्तर 138 मीटर रिकार्ड किया, जो खतरे के निशान से करीब नौ मीटर अधिक है।
जलस्तर में और होगी बढ़ोतरी
धौलपुर कलक्ट्रेट स्थित नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह कोटा बैराज से दो बार में पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। चंबल के जलस्तर में और बढ़ोतरी होगी। कलक्टर शुचि त्यागी ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की अनुशंसा के अनुसार नदी में जल का स्तर 137 मीटर से ऊपर होने पर चंबल पुल पर आवागमन पूर्णतया बंद किया गया है।
बस सेवा रहेगी प्रभावित
आगरा। चंबल नदी उफान पर है। सड़क मार्ग बंद कर दिया है। मगर, रविवार से चंबल में आए उफान ने सड़क मार्ग बाधित कर दिया है। क्षेत्रीय प्रबंधक एके झा ने बताया कि धौलपुर के सागरपाड़े से आगे वाहन नहीं जा पा रहा हैं। रोडवेज की बसें धौलपुर बस अड्डे से ही वापस लौट रही हैं। जब तक चंबल का जलस्तर कम नहीं हो जाता, इन जगहों की सेवा प्रभावित रहेगी।
स्टीमर का संचालन बंद
बाह/पिनाहट। चंबल नदी में पंप हाउस के पिलर से टकराने के बाद असंतुलित हुए स्टीमर की जानकारी पर सोमवार को एसडीएम और पीडब्ल्यूडी के एई मौके पर पहुंचे। उन्होंने ठेकेदार सख्त चेतावनी देकर स्टीमर का संचालन बंद करा दिया। साथ ही अधीनस्थों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
बता दें कि उफान ले रही चंबल नदी में लोगों की जान को खतरे में डालकर पिनाहट घाट पर स्टीमर का संचालन किया जा रहा था। रविवार शाम चंबल के उफान में असंतुलित हुआ स्टीमर पंप हाउस के पिलर से टकरा गया था। इसमें 50 लोग डूबने से बचे थे। अमर उजाला ने सोमवार के अंक में इस घटना को प्रमुखता से प्रकाशित कर पुलिस और पीडब्ल्यूडी की लापरवाही उजागर की। सोमवार सुबह एसडीएम बाह उमाशंकर मौके पर पहुंचे। इसके बाद पीडब्ल्यूडी के एई आरके शर्मा भी निरीक्षण को पहुंच गए। उन्होंने घाट के ठेकेदार को सख्त हिदायत देते हुए स्टीमर का संचालन बंद करा दिया।
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बाह संवाददाता के अनुसार, राजस्थान के झालावाड़ डिवीजन से शनिवार को छोड़ा गया 3.80 लाख क्यूसिक पानी का असर दिखने लगा है। सोमवार सुबह छह बजे चंबल नदी 127.50 मीटर पर बह रही थी। दोपहर 12 बजे जलस्तर 128.50 मीटर और शाम छह बजे खतरे के निशान 130 मीटर पर पहुंच गया। तटवर्ती गुढ़ा, गौहरा, रानीपुरा, भटपुरा, धांधूपुरा, मऊ की मढ़ैया, झरनापुरा, शिवलाल पुरा, डालपुरा और पिनाहट के रेहा, कछियारा गांव के संपर्क मार्ग जलमग्न होने से तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।
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पिनाहट संवाददाता के अनुसार, घाट पर बनीं चार दुकानें जलमग्न हो गई हैं। बाढ़ के खतरे को भांपते हुए दुकानदार अपना सामान पहले ही समेट ले गए थे। गौहरा, रानीपुरा, भटपुरा गांव के लिए नाव का संचालन शुरू कर दिया गया है। देरशाम तक प्रभावित गांवों का बाहर से दौरा कर लौटे एसडीएम उमाशंकर, तहसीलदार कुमार संजय ने अधिकारियों को व्यवस्था सुधार के निर्देश दिए हैं।
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हाईवे पर लगी हजाराें वाहनाें की कतार
धौलपुर/आगरा। प्रदेश के हाड़ौती इलाके में हो रही तेज बरसात तथा कोटा बैराज से पानी छोडे़ जाने के कारण चंबल नदी के जल स्तर में बढ़ोतरी का क्रम जारी है। सोमवार को आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे स्थित चंबल पुल पर ट्रैफिक बंद कर दिया गया। बीते करीब चौदह घंटों से हजारों की तादाद में वाहन हाईवे पर दोनों ओर खडे़ हुए हैं। सबसे ज्यादा परेशानी अपने परिवार सहित यात्रा पर निकले लोगों को हो रही है। वहीं, आगरा से सोमवार को ग्वालियर जाने वाली बसाें का संचालन बंद रहा। ईदगाह बस अड्डे से धौलपुर, मुरैना, ग्वालियर, बांदा, इंदौर, भोपाल आदि जगहों पर हर दिन सौ से अधिक बसों का आवागमन होता है। धौलपुर में सोमवार की देर शाम चंबल का जलस्तर 138 मीटर रिकार्ड किया, जो खतरे के निशान से करीब नौ मीटर अधिक है।
जलस्तर में और होगी बढ़ोतरी
धौलपुर कलक्ट्रेट स्थित नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह कोटा बैराज से दो बार में पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। चंबल के जलस्तर में और बढ़ोतरी होगी। कलक्टर शुचि त्यागी ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की अनुशंसा के अनुसार नदी में जल का स्तर 137 मीटर से ऊपर होने पर चंबल पुल पर आवागमन पूर्णतया बंद किया गया है।
बस सेवा रहेगी प्रभावित
आगरा। चंबल नदी उफान पर है। सड़क मार्ग बंद कर दिया है। मगर, रविवार से चंबल में आए उफान ने सड़क मार्ग बाधित कर दिया है। क्षेत्रीय प्रबंधक एके झा ने बताया कि धौलपुर के सागरपाड़े से आगे वाहन नहीं जा पा रहा हैं। रोडवेज की बसें धौलपुर बस अड्डे से ही वापस लौट रही हैं। जब तक चंबल का जलस्तर कम नहीं हो जाता, इन जगहों की सेवा प्रभावित रहेगी।
स्टीमर का संचालन बंद
बाह/पिनाहट। चंबल नदी में पंप हाउस के पिलर से टकराने के बाद असंतुलित हुए स्टीमर की जानकारी पर सोमवार को एसडीएम और पीडब्ल्यूडी के एई मौके पर पहुंचे। उन्होंने ठेकेदार सख्त चेतावनी देकर स्टीमर का संचालन बंद करा दिया। साथ ही अधीनस्थों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
बता दें कि उफान ले रही चंबल नदी में लोगों की जान को खतरे में डालकर पिनाहट घाट पर स्टीमर का संचालन किया जा रहा था। रविवार शाम चंबल के उफान में असंतुलित हुआ स्टीमर पंप हाउस के पिलर से टकरा गया था। इसमें 50 लोग डूबने से बचे थे। अमर उजाला ने सोमवार के अंक में इस घटना को प्रमुखता से प्रकाशित कर पुलिस और पीडब्ल्यूडी की लापरवाही उजागर की। सोमवार सुबह एसडीएम बाह उमाशंकर मौके पर पहुंचे। इसके बाद पीडब्ल्यूडी के एई आरके शर्मा भी निरीक्षण को पहुंच गए। उन्होंने घाट के ठेकेदार को सख्त हिदायत देते हुए स्टीमर का संचालन बंद करा दिया।