{"_id":"5ebae1b1fb6f116660543089","slug":"agra-mp-and-mla-give-suggestion-to-nodal-officers","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"नोडल अफसरों को दिए जनप्रतिनिधियों ने सुझाव, 'क्वारंटीन सेंटर और एसएन की व्यवस्था सुधारें'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोडल अफसरों को दिए जनप्रतिनिधियों ने सुझाव, 'क्वारंटीन सेंटर और एसएन की व्यवस्था सुधारें'
Wed, 13 May 2020 04:20 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 13 May 2020 04:20 AM IST
सार
पुलिस के कोरोना फाइटर्स युवकों की जांच कराई जाए
विज्ञापन
लखनऊ से आगरा आए नोडल अधिकारी संक्रमण के विषय पर चर्चा करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सर्किट हाउस में मंगलवार को जनप्रनिधियों के साथ मीटिंग कर प्रमुख सचिव एवं आगरा के नोडल अधिकारी आलोक कुमार ने सुझाव मांगे। सांसद, विधायक और मेयर ने कहा कि सबसे पहले एसएन की व्यवस्था ठीक जाए। साथ ही क्वारंटीन सेंटर में भी इंतजाम ठीक होने चाहिए, रोज शिकायतें आ रही हैं।
बैठक में एसएन अस्पताल में कैंसर मरीज का पैर चूहा कुतरने, पोस्टमार्टम हाउस में शव बदलने, उपचार न मिलने से मरीज की जान जाने के मामले भी उठाए गए। सभी ने कहा कि अगर एसएन सुधर जाए तो लोगों को बड़ी राहत मिल जाए।
ये भी पढ़ें: आगरा: कोरोना संक्रमण रोकने को बैठकों का दौर जारी, प्रमुख सचिव ने मांगा आईएमए से सहयोग
विज्ञापन
मेयर ने कहा कि सीएमओ रहे डॉ. मुकेश वत्स और एसएन के प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा के खिलाफ पिछले दिनों में सबसे ज्यादा शिकायतें आई हैं। अब कुछ कदम उठाने होंगे। एसएन में मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाए तो व्यवस्थाओं पर नजर रखी जा सकेगी। सड़क पर चेकिंग कर रहे पुलिस के कोरोना फाइटर्स की शिकायतें आ रही हैं, इनकी जांच कराई जाए।
विज्ञापन
बैठक में एसएन अस्पताल में कैंसर मरीज का पैर चूहा कुतरने, पोस्टमार्टम हाउस में शव बदलने, उपचार न मिलने से मरीज की जान जाने के मामले भी उठाए गए। सभी ने कहा कि अगर एसएन सुधर जाए तो लोगों को बड़ी राहत मिल जाए।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: आगरा: कोरोना संक्रमण रोकने को बैठकों का दौर जारी, प्रमुख सचिव ने मांगा आईएमए से सहयोग
विज्ञापन
मेयर ने कहा कि सीएमओ रहे डॉ. मुकेश वत्स और एसएन के प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा के खिलाफ पिछले दिनों में सबसे ज्यादा शिकायतें आई हैं। अब कुछ कदम उठाने होंगे। एसएन में मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाए तो व्यवस्थाओं पर नजर रखी जा सकेगी। सड़क पर चेकिंग कर रहे पुलिस के कोरोना फाइटर्स की शिकायतें आ रही हैं, इनकी जांच कराई जाए।
प्रमुख सचिव ने कहा कि वे इन सुझावों पर विचार करने के बाद अमल कराएंगे। मीटिंग में राज्यमंत्री डॉ. जीएस धर्मेश, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, योगेंद्र उपाध्याय, पक्षालिका सिंह, हेमलता दिवाकर, जितेंद्र वर्मा, महेश गोयल, जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश बघेल मौजूद रहे।
एसएन के पास चेकिंग बंद कराई जाए : एडीजी
मीटिंग में यह मुद्दा उठा कि एसएन मेडिकल इमरजेंसी के पास पुलिस की चेकिंग क्यों हो रही है, यहां तो मरीज और तीमारदार ही आते हैं। इस पर एडीजी जोन अजय आनंद ने एसएसपी बबलू कुमार को निर्देश दिए कि यहां चेकिंग बंद कराई जाए।
सब्जी-दूध वितरण की व्यवस्था ठीक है : चाहर
सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि सब्जी और दूध वितरण की व्यवस्था को ठीक किया जाए। शहर में ये मिल नहीं रहे और देहात में किसान और पशुपालकों को घाटा हो रहा है। जिन लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें अस्थाई कार्ड का बगैर इसके ही राशन दिया जाए। प्रवासी मजदूरों के लिए भोजन का इंतजाम किया जाए।
एसएन के पास चेकिंग बंद कराई जाए : एडीजी
मीटिंग में यह मुद्दा उठा कि एसएन मेडिकल इमरजेंसी के पास पुलिस की चेकिंग क्यों हो रही है, यहां तो मरीज और तीमारदार ही आते हैं। इस पर एडीजी जोन अजय आनंद ने एसएसपी बबलू कुमार को निर्देश दिए कि यहां चेकिंग बंद कराई जाए।
सब्जी-दूध वितरण की व्यवस्था ठीक है : चाहर
सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि सब्जी और दूध वितरण की व्यवस्था को ठीक किया जाए। शहर में ये मिल नहीं रहे और देहात में किसान और पशुपालकों को घाटा हो रहा है। जिन लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें अस्थाई कार्ड का बगैर इसके ही राशन दिया जाए। प्रवासी मजदूरों के लिए भोजन का इंतजाम किया जाए।
लोगों को होटलों में क्वारंटीन किया जाए : बघेल
सांसद एसपी सिंह बघेल ने कहा कि जो लोग पैसा देने में सक्षम हैं, उन्हें होटलों में क्वारंटीन किया जाए। जो मजदूर बाहर से आए हैं, उनके लिए बेहतर व्यवस्था हो। अगर स्क्रीनिंग होनी है तो तुरंत की जाए।
सफाईकर्मी, जलकलकर्मी पिटेंगे तो कैसे काम करेंगे : मेयर
मेयर नवीन जैन ने कहा कि जलकलकर्मी और सफाईकर्मियों को पुलिस डंडे मार रही है। ये कैसे काम करेंगे। पुलिस ने जो कोरोना फाइटर्स बनाए हैं, उनकी जांच होनी चाहिए। कई की शिकायत आई है कि उनकी छवि खराब है, वे निजी दुश्मनी निकाल रहे हैं।
लॉकडाउन का पालन हो, पर पिटाई नहीं : राम प्रताप
एत्मादपुर के विधायक राम प्रताप सिंह चौहान ने कहा कि लॉकडाउन का पालन कराया जाए, चेकिंग तेज हो लेकिन लोगों को पीटा न जाए। अस्पताल जा रहे लोगों को भी डंडे मारे जा रहे हैं, यह ठीक नहीं है।
सांसद एसपी सिंह बघेल ने कहा कि जो लोग पैसा देने में सक्षम हैं, उन्हें होटलों में क्वारंटीन किया जाए। जो मजदूर बाहर से आए हैं, उनके लिए बेहतर व्यवस्था हो। अगर स्क्रीनिंग होनी है तो तुरंत की जाए।
सफाईकर्मी, जलकलकर्मी पिटेंगे तो कैसे काम करेंगे : मेयर
मेयर नवीन जैन ने कहा कि जलकलकर्मी और सफाईकर्मियों को पुलिस डंडे मार रही है। ये कैसे काम करेंगे। पुलिस ने जो कोरोना फाइटर्स बनाए हैं, उनकी जांच होनी चाहिए। कई की शिकायत आई है कि उनकी छवि खराब है, वे निजी दुश्मनी निकाल रहे हैं।
लॉकडाउन का पालन हो, पर पिटाई नहीं : राम प्रताप
एत्मादपुर के विधायक राम प्रताप सिंह चौहान ने कहा कि लॉकडाउन का पालन कराया जाए, चेकिंग तेज हो लेकिन लोगों को पीटा न जाए। अस्पताल जा रहे लोगों को भी डंडे मारे जा रहे हैं, यह ठीक नहीं है।
हॉटस्पॉट में हर घर सैनिटाइज हो
1. मीटिंग में सुझाव दिया गया कि हॉटस्पॉट में सभी लोगों की स्क्रीनिंग हो, हर घर का सैनिटाइजेशन हो।
2. एसएन में पीआरओ नियुक्त किए जाएं, जो मरीजों और तीमारदारों को सही जानकारी दें, ताकि उन्हें भटकना न पड़े।
3. लॉकडाउन का पालन हो, लेकिन डंडा न चले, पुलिस चालान काटे, केस दर्ज करे, लोगों को कुछ देर धूप में खड़ा रखे।
4. क्वारंटीन सेंटरों में निश्चित समय पर कोरोना जांच हो, ताकि लोगों को निर्धारित समय से ज्यादा न रहना पड़े।
5. लॉकडाउन उल्लंघन के मुकदमों की निष्पक्षता से जांच हो, दोषी को छोड़ा न जाए, निर्दोष को परेशान न किया जाए।
1. मीटिंग में सुझाव दिया गया कि हॉटस्पॉट में सभी लोगों की स्क्रीनिंग हो, हर घर का सैनिटाइजेशन हो।
2. एसएन में पीआरओ नियुक्त किए जाएं, जो मरीजों और तीमारदारों को सही जानकारी दें, ताकि उन्हें भटकना न पड़े।
3. लॉकडाउन का पालन हो, लेकिन डंडा न चले, पुलिस चालान काटे, केस दर्ज करे, लोगों को कुछ देर धूप में खड़ा रखे।
4. क्वारंटीन सेंटरों में निश्चित समय पर कोरोना जांच हो, ताकि लोगों को निर्धारित समय से ज्यादा न रहना पड़े।
5. लॉकडाउन उल्लंघन के मुकदमों की निष्पक्षता से जांच हो, दोषी को छोड़ा न जाए, निर्दोष को परेशान न किया जाए।