फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Agra: Mohit's family fled due to fear 10 years ago was murdered in police custody

Agra: खौफ से मोहित के परिवार ने कर लिया पलायन, 10 साल पहले पुलिस अभिरक्षा में हुई थी हत्या

Fri, 11 Nov 2022 10:49 PM IST
अनुराग सक्सेना माई सिटी रिपोर्टर, आगरा
माई सिटी रिपोर्टर, आगरा Published by: अनुराग सक्सेना Updated Fri, 11 Nov 2022 10:49 PM IST
सार

हरेंद्र राणा पर यूपी और एमपी में कई मुकदमे दर्ज हैं। वह भिंड के मालनपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला है। मध्य प्रदेश पुलिस का बर्खास्त सिपाही है। वह एक मामले में वर्तमान में गाजियाबाद की जेल में निरुद्ध है। वह पैसे लेकर हत्या करता है।

विज्ञापन
Agra: Mohit's family fled due to fear 10 years ago was murdered in police custody
CRIME, क्राइम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मथुरा में श्रीधाम एक्सप्रेस में दस साल पहले पुलिस अभिरक्षा में हुई मोहित भारद्वाज और सिपाही फैज मोहम्मद की हत्या के मामले में आरोपी गैंगस्टर हरेंद्र राणा सहित चार आरोपी कोर्ट से बरी हो गए। इससे पुलिस की विवेचना पर सवाल उठ रहे हैं। ट्रेन में सिपाहियों के सामने हुए हत्याकांड में भी पुलिस ठोस साक्ष्य नहीं जुटा सकी।

विज्ञापन


मोहित की हत्या के बाद भी परिवार दहशत में आ गया था। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। कुछ समय बाद ही अपने भैरो नाला स्थित घर से पलायन कर गया था। अब परिवार कहां है? यह किसी को भी पता नहीं है। वह अपने परिचितों के संपर्क में भी नहीं है।
विज्ञापन


मोहित भारद्वाज भैरों बाजार, बेलनगंज का रहने वाला था। उसकी मां इंदू, पत्नी मिनी सहित घर में रहते थे। मोहित समाजवादी पार्टी की नेता शम्मी कोहली की हत्या में आरोपी था। उसने कोर्ट में समर्पण किया था। वह 10 अप्रैल 2012 से जेल में बंद था। 01 अक्तूबर 2012 को उसे पुलिस एक मामले में दिल्ली लेकर गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


दिल्ली से लौटते समय श्रीधाम एक्सप्रेस में मोहित भारद्वाज और सिपाही फैज मोहम्मद की हत्या हुई थी। मोहित को कोच के अंदर घुसकर गोलियां मारी गई थीं, जबकि सिपाही फैज मोहम्मद का शव दूसरे दिन रेलवे लाइन पर पड़ा मिला था। दो सिपाही घायल हो गए थे। मुकदमे की विवेचना पहले आगरा जीआरपी ने की। बाद में मथुरा जीआरपी को केस स्थानांतरित किया गया। पुलिस की विवेचना में झोल रहा। इस पर वजह से मथुरा में कोर्ट ने गैंगस्टर हरेंद्र राणा, सोनू गौतम, फिरोज खान और वीनेश उर्फ दिनेश कुमार को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

बर्खास्त सिपाही ने बनाया गैंग
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, हरेंद्र राणा पर यूपी और एमपी में कई मुकदमे दर्ज हैं। वह भिंड के मालनपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला है। मध्य प्रदेश पुलिस का बर्खास्त सिपाही है। वह एक मामले में वर्तमान में गाजियाबाद की जेल में निरुद्ध है। वह पैसे लेकर हत्या करता है। आगरा भी उसकी शरणस्थली रहा है। कई बार पुलिस की विवेचना में उसका नाम सामने आया था।

शम्मी कोहली की तरह हुआ था मोहित का अंत
13 मार्च 2012 को कमला नगर की रहने वाली सपा नेता शम्मी कोहली की कानपुर के रमाबाई नगर में वोल्वो बस में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में मोहित भारद्वाज को नामजद किया गया। मोहित ने समर्पण किया था। इसके बाद वो जेल गया था। उसकी हत्या भी शम्मी कोहली की तरह की गई। शूटर्स ने मोहित को चलती ट्रेन में प्रतिबंधित बोर के कारबाइन और पिस्टल से गोलियां मारी थीं। शम्मी कोहली को भी गोलियों से भूना गया था।


आखिर किसने की हत्या?
आरोपियों के बरी होने के बाद एक ही सवाल उठ रहा है कि आखिरी मोहित भारद्वाज और सिपाही की हत्या किसने की? परिवार के लोग पहले ही पूर्व में हुई रंजिश में हत्या की आशंका जाहिर कर रहे थे। पत्नी ने थाना जीआरपी कैंट में तहरीर दी थी। इसे जांच में शामिल किया गया था। मगर, परिवार के लोगों के आरोप पर क्या जांच हुई यह आज तक पता नहीं चल सका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed