Agra Metro: परेशान न हों लोग, इसलिए किया गया कॉरिडोर के एलाइनमेंट में बदलाव
आगरा मेट्रो कार्यों के दौरान लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े, इस बात का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। ट्रांसफार्मर न हटाना पड़े इसलिए पाइल कैप में फेरबदल किया गया है। इसी तरह लोगों की सुविधा को देखते हुए कई अहम बदलाव किए गए हैं।
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आगरा में मेट्रो कार्यों में बदलाव किया जा रहा है, ताकि लोगों को परेशान न होना पड़े। फतेहाबाद रोड पर कॉरिडोर बनने से गलियां बंद न हो इसके लिए पिलर बदले गए हैं। मुगल पुलिया पर ट्रांसफार्मर न हटाना पड़े इसलिए पाइल कैप में परिवर्तन किया है। डिपो में मंदिर की वजह से डिजायन में बदलाव किया गया है।
फतेहाबाद रोड पर तीन एलिवेटिड मेट्रो स्टेशन तैयार हो रहे हैं। करीब तीन किमी. लंबा कॉरिडोर बन रहा है। यहां कैफे मोड़ पर स्थित गली के सामने पिलर आने से रास्ता बंद हो रहा था। रास्ता बंद न करना पड़े इसके लिए मेट्रो ने यहां दो पिलर बनाए हैं। बीच में रास्ता निकाला है। इसी तरह मुगल पुलिया व गोबर चौकी मोड़ पर ट्रांसफार्मर रखा है। इसे हटाने से विद्युत आपूर्ति प्रभावित होती, ऐसे में यूपीएमआरसी ने यहां पाइल कैप में बदलाव किया है।
इसके अलावा 20 से अधिक सीवर, पानी व अन्य भूमिगत लाइनों को परिवर्तित न करना पड़े इसके लिए कॉरिडोर के एलाइनमेंट में भी बदलाव किए हैं। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) प्रबंध निदेशक कुमार केशव का कहना है कि जनता को परेशानी न हो इसके लिए कुछ परिवर्तन किए जा रहे हैं। हमारा मकसद लोगों को सहूलियत देना है।
सात किमी. में बनेगी सुरंग
ताजमहल से आरबीएस कॉलेज तक मेट्रो के लिए सात किमी. लंबी सुरंग खोदी जाएगी। ऐसे में सुरंग का एलाइनमेंट तैयार किया जा रहा है। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि सुरंग खोदाई के दौरान यातायात बाधित न हो और मिट्टी के ढेर न लगे इसके लिए अत्याधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा।
पहली बार आर्च गर्डर का प्रयोग
मेट्रो कॉरिडोर पर गर्डर रखे जाने के दौरान सड़क पर जाम न लगे इसके लिए पहली बार देश में आर्च गर्डर का प्रयोग आगरा मेट्रो में हुआ है। हाइड्रोलिक क्रेन की मदद से सड़क पर बिना यातायात रोके आर्च गर्डर रखे जा रहे हैं। फतेहाबाद रोड पर अब तक पांच आर्च गर्डर रखे जा चुके हैं।