आगरा: कौन है लाला, जिसकी तलाश में जुटी पुलिस, भाई मुठभेड़ में मारा गया, बहन पर आठ मुकदमे
आगरा में मणप्पुरम गोल्ड कंपनी के दफ्तर में साढ़े नौ करोड़ की डकैती डालने वाले बदमाशों में नरेंद्र उर्फ लाला उर्फ अनिल का नाम भी सामने आया है। लाला फिरोजाबाद के दक्षिण थाना क्षेत्र के मोहल्ला हिमायूंपुर का रहने वाला है। उसका पूरा परिवार पुलिस के लिए 16 वर्षों से सिरदर्द बना हुआ है।
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आगरा में डकैती कांड को अंजाम देने वाले बदमाशों के गैंग का सरगना नरेंद्र लाला है। फिरोजाबाद का रहने वाला लाला 20 दिन से आगरा में था। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है। पुलिस अब सरगना व अन्य बदमाशों की तलाश में जुटी है।
लाला के भाई जयहिंद यादव को आगरा पुलिस ने वर्ष 2004 में आगरा के यमुनाब्रिज क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान साथी सहित मार गिराया था। इसके बाद लाला और उसकी बहन विजय उर्फ विजइया ने जरायम की दुनिया में कदम रखा था।
नरेंद्र उर्फ लाला के भाई जयहिंद ने वर्ष 2004 में सुहागनगर चौराहा पर दक्षिण थाने में तैनात दो सिपाहियों की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। सिपाहियों की हत्या के पीछे हिमायूंपुर निवासी जयहिंद और उसके एक साथी का नाम सामने आया था।
भाई की मौत के बाद बनाया गैंग
इसके बाद पुलिस ने जयहिंद और उसके साथी को आगरा पुलिस ने यमुना ब्रिज क्षेत्र में एनकाउंटर में मार गिराया था। जय हिंद की मौत के बाद उसकी बहन विजय उर्फ विजइया और भाई नरेंद्र उर्फ लाला ने अलग-अलग गैंग तैयार कर लिए।
विजय उर्फ विजइया गैंग का एक सदस्य दक्षिण थाना क्षेत्र के मोहल्ला नई बस्ती में रहता है। विजइया का साथी बाइक चलाता था और विजइया वारदात को अंजाम देती थी। विजइया और उसके साथी को दक्षिण पुलिस ने कई बार जेल भी भेजा था।
नरेंद्र उर्फ लाला भी शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ भी दक्षिण थाने के साथ नारखी के साथ जनपद के अन्य थानों में एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज है। नरेंद्र उर्फ लाला लूट करने के साथ हत्या के लिए सुपारी लेता है।
कोरोना काल में जेल से बाहर आया था
वर्ष 2014 से ही नरेंद्र उर्फ लाला जिला कारागार में बंद था। वर्ष 2020 अप्रैल में कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारण प्रशासन ने उसे जेल से पैरोल पर रिहा किया। जेल से रिहा होते ही लाला अपराध की दुनिया में फिर सक्रिय हो गया।
लाला ने शनिवार को अपने साथियों के साथ आगरा के कमलानगर स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन के ऑफिस में दिनदहाड़े लूट की वारदात को अंजाम देकर 19 किलो सोना और पांच लाख रुपये की नकदी लूट ली थी। लाला की तलाश में आगरा पुलिस ने हिमायूंपुर स्थित उसके आवास दबिश देकर कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया।
लाला की बहन विजय उर्फ विजइया भी जिला कारागार में बंद है। उस पर भी आठ मुकदमे दर्ज है। फिरोजाबाद के एसपी सिटी मुकेश चंद्र मिश्र ने बताया कि लाला को लॉकडाउन के बीच वर्ष 2020 में जेल से छोड़ा गया था। करीब 15 मुकदमे दर्ज हैं। लाला दक्षिण थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है।
पुलिस के पास फोटो तक नहीं
आगरा के साथ-साथ फिरोजाबाद पुलिस के लिए लाला चुनौती बन सकता है। नरेंद्र उर्फ लाला को पहचनाने के लिए फिरोजाबाद पुलिस के पास उसका फोटो तक नहीं है। न ही किसी परिचित के पास उसके फोटोग्राफ मिले हैं। ऐसे में उसकी पहचान करना टेढ़ी खीर साबित हो सकता है।