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अखिलेश यादव के लिए गुड न्यूज, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के 160 बैनामों को क्लीनचिट

Tue, 28 Nov 2017 08:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा Updated Tue, 28 Nov 2017 08:44 PM IST
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agra lucknow expressway good news for akhilesh yadav
आगरा लखनऊ एकसप्रेस वे
सपा सरकार में बने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के लिए हुए 160 बैनामों को प्रशासन ने क्लीन चिट दे दी है। शासनादेश पर की गई जांच में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई। परियोजना शुरू होने से एक साल पहले हुए इन बैनामों की सात बिंदुओं पर जांच की गई थी। 
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प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 302 किमी लंबे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की जांच के आदेश दिए थे। जमीन अधिग्रहण में बड़े घोटाले की आशंका जताई गई थी। बताया कि सपा के करीबियों और सरकार में रसूख रखने वाले अधिकारियों ने खूब मलाई मारी थी।
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इसके तहत आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कन्नौज, हरदोई, कानपुर नगर, उन्नाव और लखनऊ जिले में परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के मालिकों के बारे में पड़ताल कराई गई। एक साल पहले के बैनामा निकलवाए गए। 
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आगरा जिले में ऐसे 160 बैनामा थे। पिछले कई महीनों से इनकी जांच चल रही थी, इसमें सदर तहसील अंतर्गत 17 और फतेहाबाद तहसील अंतर्गत 143 बैनामा थे। एडीएम, भूमि अध्याप्ति नगेंद्र शर्मा ने बताया कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के 160 बैनामों की जांच कर ली गई है, इनमें कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। इसकी रिपोर्ट प्रशासन ने उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।

371.76 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक था। इसके लिए आगरा में 371.7639 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया था। फतेहाबाद तहसील अंतर्गत 24 गांवों में 276.0208 हेक्टेयर और सदर तहसील अंतर्गत आठ गांवों में 95.7431 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया था।

ये थे जांच के सात बिंदु और रिपोर्ट

1. क्या संबंधित क्रेता- विक्रेता को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे परियोजना के संरेखण की जानकारी क्रय-विक्रय के पूर्व थी।
आख्या: सभी को परियोजना के संरेखण की जानकारी थी। विक्रेताओं से सहमति पत्र भी भरवाए गए हैं। 
2. क्या क्रेता- विक्रेता स्थानीय निवासी और कृषक हैं।
आख्या: विक्रेता स्थानीय कृषक थे। क्रेता शहरी थे और कृषक नहीं थे।
3. क्या क्रेता- विक्रेता की आर्थिक स्थिति उपरोक्त भूमि को क्रय करने लायक विक्रय की तिथि को थी।
आख्या: सभी की आर्थिक स्थिति जमीन खरीदने लायक थी।
4. विक्रेता द्वारा भूमि विक्रय के पश्चात प्राप्त धनराशि का उपयोग किस प्रकार किया गया है अथवा वह धनराशि उसके खाते में शेष है।
आख्या: विक्रेताओं ने धनराशि का प्रयोग बैंक ऋण चुकता व कृषि भूमि खरीदने में किया गया। खाते में अवशेष धनराशि के संबंध में खातेदारों ने बताने से इनकार कर दिया।
5. क्या ऐसी भी संभावना है कि कतिपय अन्य लोगों ने संबंधित क्रेता को भूमि क्रय करने के लिए किसी अन्य उद्देश्य से धनराशि उपलब्ध कराई गई हो।
आख्या: ऐसी संभावना नहीं है। 
6. क्या किसी क्रेता द्वारा 12.50 एकड़ से अधिक भूमि क्रय की गई। 
आख्या: ऐसा कोई क्रेता नहीं है।
7. उपरोक्त संरेखण के अनुसार आवश्यक भूमि के अतिरिक्त क्या ऐसी भूमि भी क्रय की गई है, जो परियोजना के लिए आवश्यक नहीं थी, यदि ऐसा है तो उसका पूर्ण विवरण दिया जाए।
आख्या: ऐसी भूमि क्रय नहीं की गई है, जो परियोजना के लिए आवश्यक नहीं थी। 
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