आगरा जोंस मिल प्रकरण: आस्था सिटी में चला बुलडोजर, 12 करोड़ रुपये की जमीन कराई मुक्त
सिंचाई विभाग की 1971 वर्ग मीटर बेशकीमती जमीन पर आस्था सिटी बिल्डर ने अवैध कब्जा कर दीवार खड़ी कर शौचालय व गेट लगा रखा था। इसे गुरुवार को तोड़ दिया गया। सिंचाई विभाग ने यह कार्रवाई की है। इस दौरान पुलिस फोर्स तैनात रहा।
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आगरा के जोंस मिल प्रकरण में गुरुवार को सिंचाई विभाग ने प्रशासन व पुलिस फोर्स के साथ मिलकर आस्था सिटी में बुलडोजर चलवाया। 12 करोड़ रुपये कीमत की 1971 वर्ग मीटर जमीन कब्जा मुक्त कराई है। आस्था सिटी का गेट, शौचालय व 270 मीटर लंबी दीवार को ध्वस्त कर दिया है। नौ महीने में सिंचाई विभाग की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है।
जोंस मिल में 2596 करोड़ रुपये की जमीनें खुदबुर्द हो गई। जिसमें नगर निगम, सिंचाई व राजस्व विभाग की 48 हजार वर्ग मीटर भूमि शामिल है। दिसंबर में डीएम प्रभु एन सिंह ने तीनों विभागों को सरकारी जमीनों पर कब्जा लेने के आदेश दिए थे। नौ महीने बाद भी जमीनें मुक्त नहीं कराई। अमर उजाला ने मुद्दा उठाया। जिसके बाद जिला प्रशासन व सिंचाई विभाग हरकत में आया।
डीएम के आदेश पर हुई कार्रवाई
गुरुवार को डीएम पीएन सिंह के आदेश पर अपर नगर मजिस्ट्रेट पुलिस फोर्स व सिंचाई अधिकारियों के साथ जमीन से कब्जा हटाने के लिए पहुंचे। अधिशासी अभियंता शरद सौरभ गिरी ने बताया कि खसरा संख्या 2078 में नाले के किनारे करीब 25 फुट अतिक्रमण था। 1971 वर्ग मीटर सिंचाई विभाग की भूमि पर आस्था सिटी बिल्डर ने दीवार खड़ी कर शौचालय व गेट लगा रखा था।
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जिसे बुलडोजर व जेसीबी मशीन से ध्वस्त किया है। उन्होंने बताया कि सर्किल रेट के मुताबिक कब्जा मुक्त कराई भूमि की कीमत छह करोड़ और बाजार मूल्य 12 करोड़ से अधिक है। बिल्डर के विरुद्ध तहसील प्रशासन ने मुकदमा दर्ज कराया था। कब्जा हटाने से पूर्व सिंचाई विभाग ने नोटिस दिया था। जिसके 15 दिन बाद बृहस्पतिवार को निर्माण ध्वस्त किया है।
48 हजार वर्ग मीटर सरकारी जमीन
सदर तहसील के मौजा घटवासन में स्थित जोंस मिल में करीब 48 हजार वर्ग मीटर सिंचाई, नगर निगम व राजस्व विभाग की जमीन खुदबुर्द है। सरकारी जमीनों पर बिल्डिंग, मार्केट, पेट्रोल पंप व 100 से अधिक अवैध निर्माण हो चुके हैं।
सरकारी जमीनों की कई बार खरीद-फरोख्त हो चुकी है। जिसके बाद डीएम ने यहां बैनामों पर रोक लगा रखी है। 48 हजार वर्ग मीटर में सिंचाई विभाग ने 1971 वर्ग मीटर जमीन मुक्त कराई है। अब नगर निगम व राजस्व विभाग को अपनी जमीनों को मुक्त कराना है।
नौ महीने से जारी है प्रतिबंध
जोंस मिल में 23 खसरों की जांच हुई थी। 11 खसरों में डीएम प्रभु एन सिंह ने जमीनों की खरीद-फरोख्त के अलावा नए पानी-बिजली कनेक्शन, एडीए से मानचित्र स्वीकृति व निर्माण कार्यों पर रोक लगा रखी है। नौ महीने से कागजों में प्रतिबंध जारी है। जबकि क्षेत्रीय लोगों के मुताबिक मौके पर प्रतिबंध के बावजूद अवैध निर्माण व अन्य गतिविधियां जारी हैं।