आगरा: जोंस मिल बम धमाके के मुख्य आरोपी रज्जो जैन को हाईकोर्ट से मिली जमानत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा के जोंस मिल परिसर में सोढ़ी ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम के पिछले हिस्से में हुए बम धमाके के मुख्य आरोपी रज्जो जैन को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। हाईकोर्ट ने रज्जो जैन पर दर्ज दो मुकदमों में जमानत स्वीकार करते हुए रिहाई के आदेश दिए हैं।
19 जुलाई को जीवनी मंडी स्थित जोंस मिल परिसर में सोढ़ी ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम के पिछले हिस्से में बम धमाका हुआ था। इस धमाके में गोदाम की दीवार और छत का कुछ हिस्सा ढह गया था। इस मामले में एसआई सुनील कुमार ने छत्ता थाने में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम एवं अन्य धारा में मुकदमा दर्ज कराया था।
सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग के आधार पर पुलिस ने जांच की थी। इसके बाद 22 जुलाई को नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसमें मैना गेट, पथवारी, बेलनगंज निवासी राजेंद्र उर्फ रज्जो जैन सहित बम तैयार करने और लगाने वाले लोग भी शामिल थे। इन सभी को जेल भेजा गया था।
सोढ़ी ट्रांसपोर्ट कंपनी के हरविंदर ने भी दर्ज कराया था मुकदमा
सोढ़ी ट्रांसपोर्ट कंपनी के हरविंदर सिंह सोढ़ी ने भी छत्ता थाने में रज्जो जैन और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि जीवनी मंडी स्थित जोंस मिल परिसर के गोदाम पर उनका परिवार तकरीबन 50 साल से काबिज हैं। रज्जो जैन खाली कराना चाहता है। परिवार के सदस्यों को जान से मारने और गोदाम खाली कराने को गोदाम में विस्फोट कराया।
धमकी के साथ दो बार आग भी लगवा चुका है। पुलिस ने हत्या के प्रयास और अन्य धारा में मुकदमा दर्ज किया था। सत्र न्यायालय से जमानत खारिज होने पर रज्जो जैन ने हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दी थी। हाईकोर्ट ने रज्जो जैन की दोनों मामलों में जमानत स्वीकृत कर रिहाई के आदेश दिए हैं।
बिल्डर चुनमुन का नाम निकालने की जांच नहीं हुई पूरी
बम धमाके के मामले में बिल्डर चुनमुन का नाम भी पुलिस ने बढ़ाया था। इसकी जांच तत्कालीन एसएचओ सुनील दत्त ने की थी। विधिक राय के आधार पर नाम निकाल दिया था। इस पर मामला अधिकारियों तक पहुंचा था। पहले नाम शामिल करने और बाद में नाम निकालने की जांच के आदेश किए गए। वहीं विवेचक को निलंबित किया गया था। जांच सीओ हरीपर्वत को सौंपी गई थी। एक महीने बाद भी यह जांच पूरी नहीं हो सकी है।