Agra: उधार की कुर्सी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीते कई पदक, पढ़ें- व्हीलचेयर बास्केटबॉल खिलाड़ी योगेश की कहानी
अगर आपके अंदर जज्बा और जुनून है तो आपकी सफलता में कोई भी मुश्किल बाधा नहीं बन सकती। यह कर दिखाया है आगरा के अंतरराष्ट्रीय व्हीलचेयर बास्केबॉल खिलाड़ी योगेश इंदौलिया ने, जिन्होंने उधार की कुर्सी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीते हैं।
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यदि मेरी खुद की व्हीलचेयर होती, तो मुझमें जीत के लिए उत्साह, उल्लास और उमंग ज्यादा होती। चाहता हूं कि अपनी खुद की कुर्सी पर बैठकर एक नए आत्मविश्वास के साथ व्हीलचेयर बास्केटबॉल में नई इबारत लिखूं। यह दर्द है आगरा के अंतरराष्ट्रीय व्हीलचेयर बास्केटबॉल खिलाड़ी योगेश इंदौलिया का। योगेश अभी उधार की व्हीलचेयर लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेते हैं। उन्होंने बताया कि चैंपियनशिप में जाने से पहले उन्हें व्हीलचेयर खिलाड़ी निशा गुप्ता देती हैं। वह उधार की कुर्सी से पदकों का दायरा बढ़ा रहे हैं।
पिता करते हैं घरों में बिजली ठीक
योगेश के पिता महेंद्र इंदौलिया बिजली मिस्त्री हैं। मां किरन इंदौलिया गृहिणी हैं। योगेश के चार भाई-बहन हैं। सभी गांव बद्दा, बरौली अहीर में पुश्तैनी मकान में रहते हैं। पिता ने बताया कि योगेश को इंजीनियरिंग कराने के लिए खेत बेचकर किराए पर चलाने के लिए जीप खरीदी थी लेकिन काम नहीं चला। अब उसे बेच दिया और पैसे को योगेश की पढ़ाई में लगाया है। घर का खर्चा बिजली के काम से निकल जाता है।
योगेश की उपलब्धियां
- वर्ष 2017 में थाईलैंड में अंडर-23 एशिया ओशियाना व्हीलचेयर बास्केटबॉल चैंपियनशिप में भारतीय टीम की ओर से खेले। टीम ने छठवां स्थान प्राप्त किया।
- वर्ष 2017 में नेपाल में इंटरनेशनल व्हीलचेयर बास्केटबॉल चैंपियनशिप में भारतीय टीम की ओर से खेलते हुए टीम रजत पदक जीता।
- वर्ष 2019 में चेन्नई में नेशनल व्हीलचेयर बास्कटेबॉल चैंपियनशिप में पंजाब की ओर से खेलते हुए कांस्य जीता।
स्वर्ण पदक लाना सपना
अंतरराष्ट्रीय व्हीलचेयर बास्केटबॉल खिलाड़ी योगेश इंदौलिया ने कहा कि मेरा सपना विश्व व्हीलचेयर बास्केटबॉल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक लाने का है। इसके लिए लगातार अभ्यास करता हूं।
'खेल भावना निभाती हूं'
अंतरराष्ट्रीय व्हीलचेयर बास्केटबॉल खिलाड़ी निशा गुप्ता ने बताया कि योगेश के पास व्हीलचेयर नहीं है। खेल भावना कहती है कि मेरे मजबूत साथी खिलाड़ी के खेल में कभी कुर्सी आड़े नहीं आनी चाहिए। इसलिए मैं योगेश को चैंपियनशिप में खेलने के लिए अपनी व्हीलचेयर दे देती हूं।