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यहां तो सांस लेना मतलब जहर पीना, इतनी प्रदूषित हो गई ताजनगरी की हवा
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 15 Dec 2017 01:14 PM IST
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टूरिस्ट
- फोटो : सतेंद्र सिंह
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दुनिया का सातवां अजूबा ताजमहल जिस शहर में है, वह शहर पूरे देश में प्रदूषण के मामले में दूसरे नंबर पर है, जबकि प्रदूषण फैलाने वाली सभी फैक्ट्रियां यहां 20 साल पहले बंद कर दी गईं।
है न हैरत की बात, लेकिन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा गुरुवार को जारी एयर क्वालिटी इंडेक्स में आगरा देश का दूसरा सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर रहा। देश के कई औद्योगिक शहरों से कहीं ज्यादा प्रदूषण आगरा में पाया गया, जबकि आगरा में उन शहरों के मुकाबले 10वां हिस्सा भी फैक्ट्रियां नहीं हैं।
शहर के लोगों की सांसों में जहर घोलने में चार दिन तक तीसरे नंबर पर रहने के बाद आगरा दूसरे नंबर पर आ गया। बुधवार रात से शुरू हुए कोहरे के कारण स्मॉग की चादर आगरा पर गहरा गई। खतरनाक पीएम कणों की मात्रा 398 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर पर रही, जो तीन माह से बरकरार है।
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है न हैरत की बात, लेकिन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा गुरुवार को जारी एयर क्वालिटी इंडेक्स में आगरा देश का दूसरा सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर रहा। देश के कई औद्योगिक शहरों से कहीं ज्यादा प्रदूषण आगरा में पाया गया, जबकि आगरा में उन शहरों के मुकाबले 10वां हिस्सा भी फैक्ट्रियां नहीं हैं।
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शहर के लोगों की सांसों में जहर घोलने में चार दिन तक तीसरे नंबर पर रहने के बाद आगरा दूसरे नंबर पर आ गया। बुधवार रात से शुरू हुए कोहरे के कारण स्मॉग की चादर आगरा पर गहरा गई। खतरनाक पीएम कणों की मात्रा 398 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर पर रही, जो तीन माह से बरकरार है।
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हर बार कागजी निर्देश
प्रदूषण
ताज ट्रिपेजियम जोन अथारिटी के चेयरमैन और कमिश्नर हर बार कागजी निर्देश जारी करते रहे, लेकिन आगरा के प्रदूषण में कमी आना तो दूर, इसमें बढ़ोतरी और हो गई। कार्बन मोनोक्साइड की मात्रा 38 गुना तक बनी हुई है।
वहीं अन्य प्रदूषक तत्वों में भी कमी दर्ज नहीं की गई। ताजनगरी में भारी प्रदूषण के कारण पहले ही ताजमहल पीला पड़ चुका है और बीते डेढ़ साल से चल रहे मडपैक का भी असर अब खत्म होने लगा है।
वहीं अन्य प्रदूषक तत्वों में भी कमी दर्ज नहीं की गई। ताजनगरी में भारी प्रदूषण के कारण पहले ही ताजमहल पीला पड़ चुका है और बीते डेढ़ साल से चल रहे मडपैक का भी असर अब खत्म होने लगा है।
ताजमहल पर धुंध
- फोटो : सतेंद्र सिंह
प्रदूषण की मात्रा आगरा में इस कदर है कि ताजमहल में लगे संगमरमर की प्रकृति तक बदल चुकी है और इसमें स्थायी रूप से रंग परिवर्तन हो चुका है।
एएसआई विशेषज्ञ और रसायनविद् इसका निवारण तलाशने में जुटे हुए हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन और ताज ट्रिपेजियम जोन अथारिटी प्रदूषण रोकने के कारगर कदम नहीं उठा रही।
एएसआई विशेषज्ञ और रसायनविद् इसका निवारण तलाशने में जुटे हुए हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन और ताज ट्रिपेजियम जोन अथारिटी प्रदूषण रोकने के कारगर कदम नहीं उठा रही।
शहर एक्यूआई
गाजियाबाद 380
आगरा 359
सिंगरौली 333
लखनऊ 317
वाराणसी 314
पटना 295
नोएडा 293
भिवाड़ी 275
दिल्ली 265
मुजफ्फरपुर 239
गाजियाबाद 380
आगरा 359
सिंगरौली 333
लखनऊ 317
वाराणसी 314
पटना 295
नोएडा 293
भिवाड़ी 275
दिल्ली 265
मुजफ्फरपुर 239