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Agra Metro: सेना की जमीन पर बनेंगे आगरा किला और जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन के द्वार
Wed, 06 Jan 2021 12:27 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 06 Jan 2021 12:27 AM IST
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आगरा मेट्रो
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा मेट्रो के प्राथमिकता कॉरिडोर में शामिल आगरा किला और जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन के निकास और प्रवेश द्वार सैन्य भूमि पर बनेंगे। काम शुरू करने से पहले उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने रक्षा मंत्रालय से करीब 25148.29 वर्ग मीटर (ढाई हेक्टेयर) भूमि के इस्तेमाल के लिए एनओसी मांगी है।
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सिकंदरा से ताज पूर्वी गेट तक 14 किमी लंबे पहले कॉरिडोर में फिलहाल छह मेट्रो स्टेशन शुरू होंगे। ताज पूर्वी गेट, फतेहाबाद रोड और बसई एलिवेटेड स्टेशन के लिए काम शुरू हो चुका है। ताजमहल, जामा मस्जिद और आगरा किला भूमिगत मेट्रो स्टेशन की टेंडर प्रक्रिया अंतिम दौर में चल रही है।
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ताजमहल स्टेशन शाहजहां गार्डन के नीचे बनेगा, जबकि भूमिगत आगरा किला और जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन के लिए प्रवेश व निकास द्वार के लिए छावनी परिषद के रक्षा संपदा विभाग की जमीन इस्तेमाल होगी। यूपीएमआरसी को दोनों स्टेशनों के लिए करीब 6419.99 वर्ग मीटर स्थायी रूप से और करीब 18728.30 वर्ग मीटर अस्थायी तौर पर इस्तेमाल करने के लिए चाहिए।
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रक्षा मंत्रालय से मिली अनुमति
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि रक्षा भूमि के इस्तेमाल की अनुमति रक्षा मंत्रालय से मिल गई है। स्थानीय स्तर पर एनओसी के लिए यूपीएमआरसी ने रक्षा संपदा अधिकारी को पत्र लिखा है। जिन सर्वे नंबर में जमीन मांगी हैं, मेट्रो के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
निरस्त होगी डीवीवीवीएन की लीज
रक्षा संपदा भूमि सर्वे नंबर 319 और 320 ए में सैन्य विभाग की 44 एकड़ भूमि है। इसमें करीब 12 हजार वर्ग मीटर जमीन मेट्रो के लिए चाहिए जबकि इसी सर्वे में करीब 3500 वर्ग मीटर भूमि दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम (डीवीवीएनएल) को 2025 तक लीज पर मिली हुई है। मेट्रो कार्य के लिए डीवीवीवीएनएल लीज निरस्त करनी पड़ेगी। इसके बाद सैन्य भूमि यूपीएमआरसी को मिलेगी।
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि रक्षा भूमि के इस्तेमाल की अनुमति रक्षा मंत्रालय से मिल गई है। स्थानीय स्तर पर एनओसी के लिए यूपीएमआरसी ने रक्षा संपदा अधिकारी को पत्र लिखा है। जिन सर्वे नंबर में जमीन मांगी हैं, मेट्रो के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
निरस्त होगी डीवीवीवीएन की लीज
रक्षा संपदा भूमि सर्वे नंबर 319 और 320 ए में सैन्य विभाग की 44 एकड़ भूमि है। इसमें करीब 12 हजार वर्ग मीटर जमीन मेट्रो के लिए चाहिए जबकि इसी सर्वे में करीब 3500 वर्ग मीटर भूमि दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम (डीवीवीएनएल) को 2025 तक लीज पर मिली हुई है। मेट्रो कार्य के लिए डीवीवीवीएनएल लीज निरस्त करनी पड़ेगी। इसके बाद सैन्य भूमि यूपीएमआरसी को मिलेगी।