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आगरा मंडल को मिली कई सौगातें
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Updated Fri, 26 Feb 2016 02:18 AM IST
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रेल बजट में आगरा रेल मंडल को कई सौगातें मिली हैं। यमुना ब्रिज-आगरा फोर्ट और मथुरा-मुरेशी (रामपुर) में डबल लाइन बनाए जाने, तीसरी और चौथी रेल लाइन के कार्य, 16 ओवर ब्रिज और 37 अंडर ब्रिज समेत अन्य कार्यों को मंजूरी दी गई है। यात्री सुविधाओं को बढ़ाने और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार पर ही बजट में जोर रहा है। हालांकि, स्टेशनों पर प्रमुख ट्रेनों के ठहराव और नई ट्रेेन चलाए जाने के प्रस्तावों पर मुहर नहीं लग सकी है।
मंडल रेल प्रबंधक प्रभाष कुमार ने आगरा कैंट स्थित डीआरएम कार्यालय में प्रेसवार्ता में बताया कि रेल बजट में विकास योजनाओं पर फोकस किया गया है। तीर्थ सर्किट में मथुरा को शामिल किया गया है। ऐसे में मथुरा स्टेशन पर साफ-सफाई और अन्य सुविधाओं में इजाफा होना तय है। उन्होंने बताया कि टिकट रिफंड के लिए अब 139 पर कॉल करके वहां से एक पासवर्ड मिलेगा, जिसके बाद यात्री को पैसा वापस मिल सकेगा। मंडल की सात गाड़ियों के 44 कोचों में 112 बायो टायलेट की सुविधा मिलेगी। रिटायरिंग रूम पहले लंबी अवधि के लिए बुक होते थे, अब ये कुछ घंटे के लिए भी बुक कराए जा सकेंगे।
इन कामों के प्रस्तावों पर मुहर
- धौलपुर-सरमथुरा के गेज कनवर्जन के लिए 150 करोड़ रुपये
- मथुरा-झांसी की तीसरी रेल लाइन और मथुरा-पलवल की चौथी रेल लाइन के कार्यों के लिए 350 करोड़ रुपये
- यमुना ब्रिज-आगरा फोर्ट पर डबल लाइन के लिए 107.73 करोड़ रुपये
- फ्लाईओवर मथुरा-मुरेशी (रामपुर) पर डबल लाइन को 210 करोड़ रुपये
- आगरा-मथुरा, पलवल लाइनों के बीच 16 ओवरब्रिज (आरओबी) और 37 अंडरब्रिज (आरयूबी) के लिए 1215 करोड़ रुपये
- भरतपुर-बांदीकुई रेल लाइन के इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए 104 करोड़ रुपये
- इंजीनियरिंग विभाग को रखरखाव और अमान परिवर्तन के लिए 80 करोड़
- सिग्नल एंड टेलीकॉम विभाग को 14 करोड़, पुलों के रखरखाव व मरम्मत को 10 करोड़
- यमुना ब्रिज डबल लाइन के कार्यों के लिए 54 करोड़ रुपये
गतिमान का जिक्र तक नहीं
इस रेल बजट में हाईस्पीड ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की गई है। डीआरएम ने बताया कि आगरा-दिल्ली समेत चार रूटों पर हाईस्पीड ट्रेन का संचालन किया जाना तय है। जिस रूट पर अधिकतम गति सीमा 100 किलोमीटर प्रतिघंटा हो, वहां 160 से अधिक गति से ट्रेन चलाने की चुनौती है। दो साल से काम चल रहा है। ट्रेन कब चलेगी, इसका फैसला तो रेलवे बोर्ड ही करेगा।
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महिलाओं के लिए ठीक है
हर कैटेगरी में महिलाओं के लिए 30 फीसदी कोटा निर्धारित करने, महिलाओं के लिए ट्रेन के मध्य भाग को आरक्षित करने जैसे फैसले अच्छे हैं। लेकिन ट्रेनों में सुरक्षा के मुद्दे पर बजट में कुछ नहीं कहा गया है। कुल मिलाकर महिलाओं के लिए यह बजट ठीक है।
डॉली मंगल, कोलकाता
महिला सुरक्षा पर भी ध्यान दें (पूजा का फोटो सिटी फोल्डर में पूजा के नाम सेव होगा)
रेल बजट में महिलाओं को कोटा देकर अच्छा काम किया है। ट्रेनों में आरपीएफ व जीआरपी के स्क्वैड में महिला आरक्षियों को भी रखना चाहिए। रिजर्वेशन के साथ जनरल डिब्बों में भी महिलाओं के लिए अलग सीट होनी चाहिए।
पूजा कुमारी, आगरा कैंट
अच्छा है बजट
आम आदमी को किराये के साथ सुविधाओं से मतलब होता है। इस दफा किराया नहीं बढ़ाया है। सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। महिलाओं और बुजुर्गों को कोटा दिया गया है। यह बजट आम लोगों के लिए है। महिलाओं के साथ ट्रेन में बैग पार करने और छेड़खानी की घटनाएं रोकने के लिए सुरक्षा और पुख्ता करने के लिए भी अलग से बजट देना चाहिए था।
वीना जैन, आगरा कैंट
दलाल फायदा नहीं उठा पाएं
सीनियर सिटीजन के लिए कोटा बढ़ाने का लाभ अक्सर दलाल उठाते हैं। इसकी रोकथाम पर भी रेलवे अफसरों को ध्यान देना होगा। वैसे रेल बजट में बुजुर्ग और महिला यात्रियों के लिए कोटा बढ़ाकर अच्छा काम किया है। रामप्रकाश, आगरा कैंट
नई सुविधाओं की घोषणा, मगर जो हैं उनकी देखरेख भी नहीं
आगरा। रेल बजट में इस दफा भी आटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन, वाटर वेंडिंग मशीन और क्योस्क जैसी सुविधाओं की घोषणा की गई है, लेकिन रखरखाव के अभाव में ये मशीनें कुछ ही दिनों में शोपीस बनकर रह जाती हैं। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर लगी वाटर वेंडिंग मशीन गुरुवार सुबह से खराब पड़ी थी, जिसे शाम को ठीक किया गया। यही हाल राजा की मंडी स्टेशन और आगरा फोर्ट पर लगे क्योस्क का है। काफी दिनों से राजा की मंडी का क्योस्क खराब पड़ा है। हाल में जाट आंदोलन के कारण दो दिन ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा। ऐसे वक्त में आगरा कैंट, आगरा फोर्ट स्टेशनों पर लगीं डिस्पले स्क्रीन बंद कर दी गईं। ऐसी सुविधाएं बढ़ाने का लाभ तब ही मिलेगा, जबकि उनका रखरखाव भी बेहतर ढंग से हो।
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मंडल रेल प्रबंधक प्रभाष कुमार ने आगरा कैंट स्थित डीआरएम कार्यालय में प्रेसवार्ता में बताया कि रेल बजट में विकास योजनाओं पर फोकस किया गया है। तीर्थ सर्किट में मथुरा को शामिल किया गया है। ऐसे में मथुरा स्टेशन पर साफ-सफाई और अन्य सुविधाओं में इजाफा होना तय है। उन्होंने बताया कि टिकट रिफंड के लिए अब 139 पर कॉल करके वहां से एक पासवर्ड मिलेगा, जिसके बाद यात्री को पैसा वापस मिल सकेगा। मंडल की सात गाड़ियों के 44 कोचों में 112 बायो टायलेट की सुविधा मिलेगी। रिटायरिंग रूम पहले लंबी अवधि के लिए बुक होते थे, अब ये कुछ घंटे के लिए भी बुक कराए जा सकेंगे।
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इन कामों के प्रस्तावों पर मुहर
- धौलपुर-सरमथुरा के गेज कनवर्जन के लिए 150 करोड़ रुपये
- मथुरा-झांसी की तीसरी रेल लाइन और मथुरा-पलवल की चौथी रेल लाइन के कार्यों के लिए 350 करोड़ रुपये
- यमुना ब्रिज-आगरा फोर्ट पर डबल लाइन के लिए 107.73 करोड़ रुपये
- फ्लाईओवर मथुरा-मुरेशी (रामपुर) पर डबल लाइन को 210 करोड़ रुपये
- आगरा-मथुरा, पलवल लाइनों के बीच 16 ओवरब्रिज (आरओबी) और 37 अंडरब्रिज (आरयूबी) के लिए 1215 करोड़ रुपये
- भरतपुर-बांदीकुई रेल लाइन के इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए 104 करोड़ रुपये
- इंजीनियरिंग विभाग को रखरखाव और अमान परिवर्तन के लिए 80 करोड़
- सिग्नल एंड टेलीकॉम विभाग को 14 करोड़, पुलों के रखरखाव व मरम्मत को 10 करोड़
- यमुना ब्रिज डबल लाइन के कार्यों के लिए 54 करोड़ रुपये
गतिमान का जिक्र तक नहीं
इस रेल बजट में हाईस्पीड ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की गई है। डीआरएम ने बताया कि आगरा-दिल्ली समेत चार रूटों पर हाईस्पीड ट्रेन का संचालन किया जाना तय है। जिस रूट पर अधिकतम गति सीमा 100 किलोमीटर प्रतिघंटा हो, वहां 160 से अधिक गति से ट्रेन चलाने की चुनौती है। दो साल से काम चल रहा है। ट्रेन कब चलेगी, इसका फैसला तो रेलवे बोर्ड ही करेगा।
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महिलाओं के लिए ठीक है
हर कैटेगरी में महिलाओं के लिए 30 फीसदी कोटा निर्धारित करने, महिलाओं के लिए ट्रेन के मध्य भाग को आरक्षित करने जैसे फैसले अच्छे हैं। लेकिन ट्रेनों में सुरक्षा के मुद्दे पर बजट में कुछ नहीं कहा गया है। कुल मिलाकर महिलाओं के लिए यह बजट ठीक है।
डॉली मंगल, कोलकाता
महिला सुरक्षा पर भी ध्यान दें (पूजा का फोटो सिटी फोल्डर में पूजा के नाम सेव होगा)
रेल बजट में महिलाओं को कोटा देकर अच्छा काम किया है। ट्रेनों में आरपीएफ व जीआरपी के स्क्वैड में महिला आरक्षियों को भी रखना चाहिए। रिजर्वेशन के साथ जनरल डिब्बों में भी महिलाओं के लिए अलग सीट होनी चाहिए।
पूजा कुमारी, आगरा कैंट
अच्छा है बजट
आम आदमी को किराये के साथ सुविधाओं से मतलब होता है। इस दफा किराया नहीं बढ़ाया है। सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। महिलाओं और बुजुर्गों को कोटा दिया गया है। यह बजट आम लोगों के लिए है। महिलाओं के साथ ट्रेन में बैग पार करने और छेड़खानी की घटनाएं रोकने के लिए सुरक्षा और पुख्ता करने के लिए भी अलग से बजट देना चाहिए था।
वीना जैन, आगरा कैंट
दलाल फायदा नहीं उठा पाएं
सीनियर सिटीजन के लिए कोटा बढ़ाने का लाभ अक्सर दलाल उठाते हैं। इसकी रोकथाम पर भी रेलवे अफसरों को ध्यान देना होगा। वैसे रेल बजट में बुजुर्ग और महिला यात्रियों के लिए कोटा बढ़ाकर अच्छा काम किया है। रामप्रकाश, आगरा कैंट
नई सुविधाओं की घोषणा, मगर जो हैं उनकी देखरेख भी नहीं
आगरा। रेल बजट में इस दफा भी आटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन, वाटर वेंडिंग मशीन और क्योस्क जैसी सुविधाओं की घोषणा की गई है, लेकिन रखरखाव के अभाव में ये मशीनें कुछ ही दिनों में शोपीस बनकर रह जाती हैं। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर लगी वाटर वेंडिंग मशीन गुरुवार सुबह से खराब पड़ी थी, जिसे शाम को ठीक किया गया। यही हाल राजा की मंडी स्टेशन और आगरा फोर्ट पर लगे क्योस्क का है। काफी दिनों से राजा की मंडी का क्योस्क खराब पड़ा है। हाल में जाट आंदोलन के कारण दो दिन ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा। ऐसे वक्त में आगरा कैंट, आगरा फोर्ट स्टेशनों पर लगीं डिस्पले स्क्रीन बंद कर दी गईं। ऐसी सुविधाएं बढ़ाने का लाभ तब ही मिलेगा, जबकि उनका रखरखाव भी बेहतर ढंग से हो।