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UP: राजस्व वसूली और जनसुनवाई में आगरा मंडल लापरवाह, समीक्षा बैठक में खुल गई प्रशासनिक शिथिलता की पोल
Thu, 19 Feb 2026 10:29 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 19 Feb 2026 10:29 AM IST
सार
आगरा मंडल की राजस्व वसूली और जन शिकायत निस्तारण (आईजीआरएस) की समीक्षा में प्रशासनिक शिथिलता उजागर हुई। मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी कि सुधार न होने पर कार्रवाई तय है।
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मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
कर-करेत्तर (राजस्व) और जन शिकायत निस्तारण (आईजीआरएस) की बुधवार को हुई मंडलीय समीक्षा बैठक में प्रशासनिक शिथिलता की पोल खुल गई। वाणिज्य कर, स्टांप, परिवहन और विद्युत विभाग राजस्व लक्ष्य हासिल करने में पिछड़ गए हैं।
राजस्व वसूली में आगरा, मैनपुरी और फिरोजाबाद में सबसे ज्यादा लापरवाही सामने आई। मंडल में केवल मथुरा को छोड़कर शेष जिले निर्धारित लक्ष्य से पीछे रहे। मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप की समीक्षा में राजस्व वसूली में भारी सुस्ती उजागर हुई। नगर निकाय और विधिक माप विभाग में आगरा की प्रगति शून्य के करीब पाई गई। फिरोजाबाद और मैनपुरी जिले परिवहन, विद्युत और खनिज मद में लक्ष्य के सापेक्ष काफी पीछे मिले। आगरा और मथुरा में नए करदाताओं के पंजीकरण की गति भी अत्यंत धीमी रही, जिस पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई।
रैंकिंग सुधरी पर फरियादी असंतुष्ट
जनसुनवाई की रैंकिंग में सुधार तो हुआ है लेकिन शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है। आगरा मंडल ने जनवरी माह में प्रदेश में नौवीं रैंक हासिल की है, लेकिन फरियादियों का फीडबैक नकारात्मक रहा। विशेष रूप से आगरा और मैनपुरी में शिकायतकर्ताओं से संपर्क करने की दर पिछले महीनों की तुलना में काफी कम रही।
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इन अधिकारियों पर उठे सवाल
सबसे ज्यादा असंतोषजनक फीडबैक संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी, सिंचाई एवं विद्युत के अधीक्षण अभियंता, संयुक्त शिक्षा निदेशक और उप श्रमायुक्त के विभागों में मिला। मंडलायुक्त ने इन्हें सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं शिकायतकर्ता से संपर्क कर उनकी संतुष्टि सुनिश्चित करें। अधिकारी अनिवार्य रूप से स्थलीय निरीक्षण करें। बैठक में अपर आयुक्त प्रशासन राजेश कुमार, फिरोजाबाद डीएम रमेश रंजन, मैनपुरी डीएम अंजनी कुमार सिंह, अपर आयुक्त न्यायिक कंचन शरन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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राजस्व वसूली में आगरा, मैनपुरी और फिरोजाबाद में सबसे ज्यादा लापरवाही सामने आई। मंडल में केवल मथुरा को छोड़कर शेष जिले निर्धारित लक्ष्य से पीछे रहे। मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप की समीक्षा में राजस्व वसूली में भारी सुस्ती उजागर हुई। नगर निकाय और विधिक माप विभाग में आगरा की प्रगति शून्य के करीब पाई गई। फिरोजाबाद और मैनपुरी जिले परिवहन, विद्युत और खनिज मद में लक्ष्य के सापेक्ष काफी पीछे मिले। आगरा और मथुरा में नए करदाताओं के पंजीकरण की गति भी अत्यंत धीमी रही, जिस पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई।
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रैंकिंग सुधरी पर फरियादी असंतुष्ट
जनसुनवाई की रैंकिंग में सुधार तो हुआ है लेकिन शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है। आगरा मंडल ने जनवरी माह में प्रदेश में नौवीं रैंक हासिल की है, लेकिन फरियादियों का फीडबैक नकारात्मक रहा। विशेष रूप से आगरा और मैनपुरी में शिकायतकर्ताओं से संपर्क करने की दर पिछले महीनों की तुलना में काफी कम रही।
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इन अधिकारियों पर उठे सवाल
सबसे ज्यादा असंतोषजनक फीडबैक संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी, सिंचाई एवं विद्युत के अधीक्षण अभियंता, संयुक्त शिक्षा निदेशक और उप श्रमायुक्त के विभागों में मिला। मंडलायुक्त ने इन्हें सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं शिकायतकर्ता से संपर्क कर उनकी संतुष्टि सुनिश्चित करें। अधिकारी अनिवार्य रूप से स्थलीय निरीक्षण करें। बैठक में अपर आयुक्त प्रशासन राजेश कुमार, फिरोजाबाद डीएम रमेश रंजन, मैनपुरी डीएम अंजनी कुमार सिंह, अपर आयुक्त न्यायिक कंचन शरन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।