डेंगू-वायरल फीवर का कहर: आगरा में जंबो पैक की मांग पांच गुना बढ़ी, ब्लड बैंकों में होने लगी कमी
आगरा में डेंगू वार्ड में अभी 29 मरीज भर्ती हैं, डेंगू के छह और 23 संदिग्ध अब तक मिले हैं। पड़ोसी जनपद फिरोजाबाद में सबसे ज्यादा प्रकोप है। यहां अब तक 60 से ऊपर मरीजों की मौत हो चुकी है। इससे जंबो पैक की मांग तेजी से बढ़ रही है।
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आगरा और फिरोजाबाद में डेंगू-वायरल फीवर के मरीज तेजी से मिलने पर जंबो पैक की मांग पांच गुना बढ़ गई है। खासतौर से तीन से पांच दिन में मांग तेजी से बढ़ी है। इससे सरकारी-निजी ब्लड बैंकों में भी कमी होने लगी है। इस पर एसएन मेडिकल कॉलेज की ब्लड बैंक ने प्लेटलेट्स की जरूरत के लिए गाइड लाइन भी जारी की है।
एसएन की ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. नीतू चौहान ने बताया कि डेंगू और वायरल फीवर के हर मरीज में जंबो पैक की जरूरत नहीं होती है। बुखार और 30 से 50 हजार प्लेटलेट्स हैं और उसके नाक, मुंह से रक्तस्राव होने पर ही जंबो पैक की जरूरत पड़ती है।
बाकी के मरीजों में 10 हजार के प्लेटलेट्स और दवाओं से ही रिकवर हो जाती है। बच्चों की बात करें तो 10 किलो तक के वजनी बच्चे में 50 एमएल प्लेटलेट्स चढ़ाई जाती हैं। एबी पॉजिटिव ग्रुप की प्लेटलेट्स सभी ग्रुप के मरीजों को चढ़ाई जा सकती है।
सामाजिक संगठनों से मांगी मदद: अखिलेश
जिले में 19 ब्लड बैंक हैं, जिनमें प्लेटलेट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। लोकहितम ब्लड बैंक निदेशक अखिलेश अग्रवाल ने बताया कि छोटे पैक की मांग पांच गुना हो गई है। जंबो पैक बमुश्किल इक्का-दुक्का को ही जरूरत पड़ती थी, अब तीन से पांच पैक आपूर्ति हो रहे हैं। कमी को देखते हुए रक्तदान करने वाली सामाजिक संगठनों से मदद मांगी है।
प्लेटलेट्स दान देने के लिए बढ़ाए कदम
प्लेटलेट्स की मांग बढ़ने पर कमी को देखते हुए एसएन के जूनियर डॉक्टरों ने प्लेटलेट्स दान करने के लिए कदम बढ़ाए हैं। जरूरत पर इनको फोन कर ब्लड बैंक बुलाकर प्लेटलेट्स दान कराया जा रहा है। प्लेटलेट्स दान करने के लिए ब्लड बैंक के इस मोबाइल नंबर 9105368831, 9457001547 पर संपर्क कर सकते हैं।
ऐसे होता है प्लेटलेट्स का उपयोग
- सिंगल डोनर एफेरेसिस प्लेटलेट्स (एसडीपी): इसे जंबो पैक भी कहा जाता है। प्लेटलेट्स का वजन 300 एमएल होता है। इसके चढ़ाने से 50 से 60 हजार प्लेटलेट्स बढ़ जाती हैं।
- रेंडम डोनर प्लेटलेट्स(आरडीपी): इसका वजन 50 एमएल होता है। इसे मरीज को चढ़ाने पर 10 हजार प्लेटलेट्स बढ़ जाते हैं। अधिकांश मरीजों में इसकी ही जरूरत होती है।
फिरोजाबाद भेजा रहा रक्त
फिरोजाबाद में डेंगू के मरीजों के इलाज के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज से रक्त की 10 यूनिट और प्लेटलेट्स की 70 यूनिट प्रतिदिन भेजी जा रही हैं। डेंगू के बढ़ते मरीजों को देखते हुए एसएन मेडिकल कॉलेज की ब्लड बैंक में एफेरेसिस मशीन से 24 घंटे प्लेटलेट्स तैयार की जा रही हैं।
ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. नीतू चौहान ने बताया कि फिरोजाबाद में डेंगू के सबसे ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। ऐसे में फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती डेंगू के मरीजों के इलाज के लिए रक्त और प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ रही है। रोजाना 60 से 70 यूनिट प्लेटलेट्स, जिसमें से चार से छह यूनिट जंबो पैक की हैं।
पांच से 10 यूनिट रक्त भी उपलब्ध कराया जा रहा है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता प्लेटलेट्स की बढ़ती मांग को देखते हुए ब्लड बैंक में एफेरेसिस मशीन के 24 घंटे संचालन शुरू करा दिया है। इससे किसी भी वक्त जरूरत पर मरीजों के लिए रक्त और प्लेटलेट्स उपलब्ध करा दी जाए।