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राधा स्वामी सत्संगियों का बवाल: सड़कों पर सन्नाटा... उड़ती रहीं अफवाहें; कंटीले डंडों से किया था पुलिस पर हमला

Tue, 26 Sep 2023 10:19 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 26 Sep 2023 10:19 AM IST
सार

आगरा में अवैध कब्जा हटाने गई पुलिस-प्रशासन की टीम पर राधास्वामी सत्संग सभा के सत्संगियों ने हमला बोल दिया। सत्संगियों ने चारों तरफ से पुलिस को घेरकर लाठी-डंडे और पत्थर बरसाए। इसमें सीओ और कई पुलिसकर्मी समेत 40 लोग घायल हो गए। बुलडोजर, ट्रक और ट्रैक्टर क्षतिग्रस्त कर दिए। हमलावर कंटीले हथियार लेकर आए थे।

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Agra Dayalbagh Violence Stone Pelting on Police By Satsangis Silence on the streets
Agra Dayalbagh Violence - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के दयालबाग में रविवार को बवाल के बाद सोमवार की सुबह से ही तनावपूर्ण खामोशी छाई रही। दयालबाग एजूकेशनल इंस्टीट्यूट के आगे शूटिंग रेंज से सटे गेट नंबर 8 पर सत्संगी तैनात रहे, वहीं अन्य सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। खासपुर में दोबारा की गई कंटीले तारों की बैरिकेडिंग और गेट लगाने के मामले में ग्रामीण भी चुप्पी साधे रहे। दयालबाग के सन्नाटे के बीच पूरे दिन मोबाइल पर अफवाहें तेजी से दौड़ती रहीं।
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डीएम के तबादले की अफवाह
राधास्वामी सत्संग सभा के सदस्यों के व्हाट्सएप ग्रुप पर सुबह 9 बजे से ही अफवाहें चलनी शुरू हो गईं कि डीएम भानु चंद्र गोस्वामी का तबादला हो गया है। नए डीएम मंगलवार को चार्ज संभालेंगे। इसके बाद दोपहर में हाईकोर्ट के स्टे की खबरें, इसी व्हाटसएप ग्रुप पर दौड़ती रहीं। 
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प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजे गए सत्संगियों के पत्र भी वायरल किए गए। शहर के व्हाट्सएप ग्रुपों पर भी सत्संगियों ने डीएम के तबादले, हाईकोर्ट के स्टे और पुलिस कमिश्नर, डीसीपी समेत प्रशासनिक अधिकारियों की जांच के आदेश का मैसेज भेजा। वहीं, कई सत्संगियों ने अपने मोबाइल पर काली डीपी लगाई थी।
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सोमवार शाम को हाईकोर्ट से खबर मिली कि सत्संगियों की याचिका पर कोर्ट ने प्रशासन से जवाब मांगा है। इससे प्रशासन का ध्वस्तीकरण अभियान भी दो दिन के लिए टल गया है। 27 सितंबर को प्रशासन हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखेगा।

55 दिन बीते... डूब क्षेत्र से नहीं हटे अवैध निर्माण व कब्जे
उधर, पोइया घाट पर यमुना के डूब क्षेत्र में हुए निर्माण को 55 दिन बीत गए। निर्माण नहीं हटे। सत्संगियों का नहर पर कब्जा बरकरार है। प्रशासन नहर से भी कब्जा नहीं हटा सका। एनजीटी ने 15 सितंबर तक निर्णय का आदेश दिया था। सिंचाई विभाग के निर्णय करते हुए आगे की कार्रवाई के लिए आगरा विकास प्राधिकरण को पत्र भेजा था।

 

राधास्वामी सत्संग सभा पर पोइया घाट पर यमुना के डूब क्षेत्र में 150 बीघा से अधिक भूमि पर बिना अनुमति तारबंदी करने, अवैध निर्माण कर पक्की सड़क बनाने और एनजीटी के आदेश के उल्लंघन का आरोप था। 2 अगस्त को निर्माण को सिटी मजिस्ट्रेट ने रुकवाया था लेकिन सत्संगियों ने निर्माण नहीं रोका।

 

सिंचाई विभाग ने 3 व 5 सितंबर को एनजीटी के आदेश का हवाला देते हुए डूब क्षेत्र में निर्माण पर सत्संग सभा से स्पष्टीकरण मांगते हुए नोटिस भेजा था। जिसके विरुद्ध सत्संगी एनजीटी गए। एनजीटी ने याचिका को निस्तारित करते हुए सिंचाई विभाग व प्रशासन को 30 दिन में निर्णय करने के आदेश दिए। 15 सितंबर को 30 दिन की मियाद खत्म हो गई। 

 

दूसरी तरफ सत्संगियों ने एक याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की। हाईकोर्ट ने 6 सप्ताह में निस्तारण के आदेश दिए। एनजीटी और हाईकोर्ट के आदेश पर तय समय सीमा खत्म हो गई। सिंचाई विभाग ने निर्णय करते हुए गेंद आगरा विकास प्राधिकरण के पाले में डाल दी। 55 दिन बाद भी डूब क्षेत्र में हुए निर्माण, तार, गेट नहीं हटे। 

 

सत्संग सभा ने डूब क्षेत्र में निजी स्वामित्व भूमि के बोर्ड लगा रखे हैं। उधर, तहसील टीम ने मौजा जगनपुर में नहर पर सत्संग सभा के अवैध कब्जा बताया था। जिसे अभी तक नहीं हटाया जा सका है। ग्रामीणों का कहना है उन्हें नहर से सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलता है।

कंटीले डंडों से प्रहार, पुलिस पर पथराव की सौंपी रिपोर्ट

राधास्वामी सत्संग सभा दयालबाग की ओर से पुलिस, प्रशासन पर हमले की विस्तृत रिपोर्ट सोमवार को एडीएम प्रशासन को सौंपी गई। एसडीएम सदर परीक्षित खटाना ने उन्हें यह सौंपा। जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि राधास्वामी सत्संग सभा ने राजस्व और पुलिस की टीम पर हजारों की संख्या में आकर पथराव एवं कटीले डंडों से प्रहार किया। राजस्वकर्मी एवं पुलिसकर्मी घायल हुए। नगर निगम की जेसीबी व अन्य वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए।

 

एसडीएम सदर ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि न्यायालय तहसीलदार ने दो मामलों में दोनों पक्षों को सुनवाई का पूरा अवसर देते हुए 22 सितंबर को सड़क पर किए अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए गए थे। 23 सितंबर को पुलिस व राजस्व टीम ने जगनपुर में खसरा नंबर 309, 320 और खासपुर में खसरा नंबर 105, 252, 256 से सत्संग सभा का अनधिकृत कब्जा हटवाया।

 

सड़क और बाईपास के नाम से दर्ज
सत्संग सभा ने जिन जमीनों पर गेट और तारबंदी कर ग्रामीणों का रास्ता रोका है, वह सरकारी दस्तावेजों में सड़कों और बाईपास के नाम से दर्ज हैं। जगनपुर मुस्तकिल के खसरा नंबर 309, 320 राजस्व अभिलेखों बंदोबस्त अभिलेख और खतौनी में श्रेणी 6 (2) के तहत सड़क/रास्ता के नाम से दर्ज हैं। इसी तरह मौजा खासपुर मुस्तकिल के खसरा संख्या 105, 252 और 256 भी राजस्व अभिलेख में श्रेणी 6 (2) के तहत सड़क/रास्ता, बाईपास के नाम से दर्ज हैं। इन सभी गाटों पर हुए अवैध कब्जे को हटाने के लिए ग्रामीणों ने महापंचायत की थी, जिसके बाद प्रशासन ने गेट हटाने की कार्रवाई की।

 

टीम लौटी तो फिर से किया कब्जा
एसडीएम ने रिपोर्ट में कहा है कि 23 सितंबर को अतिक्रमण हटवाकर टीम लौटी तो फिर सत्संग सभा ने दोबारा कंटीले तारों व गेट लगाकर कब्जा कर लिया। रास्ता और भूमि का सार्वजनिक उपयोग बाधित हुआ। 24 सितंबर को जब टीम कब्जा हटाने पहुंची तो सत्संग सभा के हजारों अनुयायियों, पदाधिकारियों ने पथराव किया।
 
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