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राधा स्वामी सत्संगियों का बवाल: अफसरों के आदेश के इंतजार में रखी गई तहरीर, पुलिस पर हमले का नहीं दर्ज हुआ केस
Tue, 26 Sep 2023 10:24 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 26 Sep 2023 10:24 AM IST
सार
आगरा में अवैध कब्जा हटाने गई पुलिस-प्रशासन की टीम पर रविवार को राधास्वामी सत्संग सभा के सत्संगियों ने हमला बोल दिया। सत्संगियों ने चारों तरफ से पुलिस को घेरकर लाठी-डंडे और पत्थर बरसाए। इसमें सीओ और कई पुलिसकर्मी समेत 40 लोग घायल हो गए। बुलडोजर, ट्रक और ट्रैक्टर क्षतिग्रस्त कर दिए। हमलावर कंटीले हथियार लेकर आए थे।
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Satsangi attack on police
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में दयालबाग में रविवार को राधास्वामी सत्संग सभा के सत्संगियों के पथराव और हमले में एसओ समेत 12 पुलिस वाले घायल हो गए थे। घायलों का मेडिकल भी हुआ। मगर, सोमवार को भी कोई केस दर्ज नहीं किया गया।
सूत्रों के मुताबिक, तहरीर लिखी गईं, लेकिन उच्चाधिकारियों के आदेश के इंतजार में तहरीर थाने में ही रखी रह गई। बवाल के बाद रविवार को रात एक बजे तक थाना न्यू आगरा में बैठक चली थी। आगे की कार्रवाई को लेकर अधिकारियों ने चर्चा की थी। घायल पुलिसकर्मियों का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया।
बाद में आठ को एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती भी कराया गया। पुलिस पर हुए हमले की तहरीर भी लिख ली गई। मगर, केस दर्ज न होने से कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ। इस मामले में अब पुलिस प्रशासनिक अधिकारी अपना मुंह नहीं खोल रहे हैं।
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आदेश मिलता तो लिखते मुकदमे
दयालबाग में हुए बवाल में एसओ जगदीशपुरा जितेंद्र कुमार सहित 12 पुलिस वाले घायल हुए थे। तहरीर लिख ली गई थीं। मगर, उच्चाधिकारियों का आदेश नहीं मिला। थाना पुलिस को निर्देशित किया गया कि वह अभी कोई कार्रवाई नहीं करें। मुकदमे लिखने के लिए इंतजार किया जाए।
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सूत्रों के मुताबिक, तहरीर लिखी गईं, लेकिन उच्चाधिकारियों के आदेश के इंतजार में तहरीर थाने में ही रखी रह गई। बवाल के बाद रविवार को रात एक बजे तक थाना न्यू आगरा में बैठक चली थी। आगे की कार्रवाई को लेकर अधिकारियों ने चर्चा की थी। घायल पुलिसकर्मियों का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया।
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बाद में आठ को एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती भी कराया गया। पुलिस पर हुए हमले की तहरीर भी लिख ली गई। मगर, केस दर्ज न होने से कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ। इस मामले में अब पुलिस प्रशासनिक अधिकारी अपना मुंह नहीं खोल रहे हैं।
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आदेश मिलता तो लिखते मुकदमे
दयालबाग में हुए बवाल में एसओ जगदीशपुरा जितेंद्र कुमार सहित 12 पुलिस वाले घायल हुए थे। तहरीर लिख ली गई थीं। मगर, उच्चाधिकारियों का आदेश नहीं मिला। थाना पुलिस को निर्देशित किया गया कि वह अभी कोई कार्रवाई नहीं करें। मुकदमे लिखने के लिए इंतजार किया जाए।
मीडियाकर्मी ने भी दी तहरीर
मीडियाकर्मी राजकुमार उप्पल भी सोमवार को थाना न्यू आगरा पहुंचे। उन्होंने तहरीर दी। आरोप लगाया कि उन पर हमला किया गया। इसके वीडियो भी उपलब्ध कराए। उन्होंने लूटपाट का भी आरोप लगाया। उन्होंने कुछ लोगोंं को नामजद भी किया। तहरीर लेने के बाद भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
मीडियाकर्मी राजकुमार उप्पल भी सोमवार को थाना न्यू आगरा पहुंचे। उन्होंने तहरीर दी। आरोप लगाया कि उन पर हमला किया गया। इसके वीडियो भी उपलब्ध कराए। उन्होंने लूटपाट का भी आरोप लगाया। उन्होंने कुछ लोगोंं को नामजद भी किया। तहरीर लेने के बाद भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
बात-बात पर लिख लेते हैं केस
दयालबाग के बवाल में पुलिस वाले घायल हुए। पर पुलिस ने कोई केस दर्ज नहीं किया। अब सवाल उठता है कि जो पुलिस बात-बात पर केस दर्ज कर लेेती है, उसे अब किस बात का डर है। चेकिंग में मामूली कहासुनी हो या फिर दबिश के दौरान तकरार पर पुलिस केस लिखने में देरी नहीं करती है। कई बार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेज चुकी है। मगर, इस मामले में ऐसा नहीं हुआ।
दयालबाग के बवाल में पुलिस वाले घायल हुए। पर पुलिस ने कोई केस दर्ज नहीं किया। अब सवाल उठता है कि जो पुलिस बात-बात पर केस दर्ज कर लेेती है, उसे अब किस बात का डर है। चेकिंग में मामूली कहासुनी हो या फिर दबिश के दौरान तकरार पर पुलिस केस लिखने में देरी नहीं करती है। कई बार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेज चुकी है। मगर, इस मामले में ऐसा नहीं हुआ।
सत्संगियों का हमला, 12 पुलिस कर्मियों समेत 40 घायल
आपको बता दें कि आगरा में राधास्वामी सत्संग सभा दयालबाग के अवैध कब्जा कर बनाए गेट को रविवार की शाम तीसरी बार हटाने पहुंची पुलिस-प्रशासन की टीम पर सत्संगियों ने हमला बोल दिया। पुलिस को चारों ओर से घेरकर पथराव किया, जिसमें 12 पुलिसकर्मियों समेत 40 लोग घायल हो गए।
आपको बता दें कि आगरा में राधास्वामी सत्संग सभा दयालबाग के अवैध कब्जा कर बनाए गेट को रविवार की शाम तीसरी बार हटाने पहुंची पुलिस-प्रशासन की टीम पर सत्संगियों ने हमला बोल दिया। पुलिस को चारों ओर से घेरकर पथराव किया, जिसमें 12 पुलिसकर्मियों समेत 40 लोग घायल हो गए।
शनिवार को प्रशासन ने टेनरी पर गेट नंबर 8 और श्मशान घाट रोड पर बनी दीवार और गेट को ढहाया था, लेकिन दो बार ढहाने के बाद रात में सत्संगियों ने गेट पर तार लगा दिए थे। पथराव में नगर निगम का बुलडोजर, ट्रक और ट्रैक्टर क्षतिग्रस्त हो गए।
इस मामले में भी प्रशासन और पुलिस की ओर से सत्संगियों के खिलाफ एफआईआर कराई गई है। वहीं शाम को सत्संग सभा को अपने दस्तावेज दिखाने के लिए सोमवार तक का समय दिया गया है। जिला प्रशासन ने शनिवार को दयालबाग में राधास्वामी सत्संग सभा की ओर से सड़कों को घेरकर बनाए गए 6 गेट तोड़े थे। जिसमें 16 बीघा 9 बिस्वा जमीन खाली कराई गई थी।
यह भी पढ़ें: सत्संगियों का हमला: एक इशारा और पुलिस पर टूट पड़े सत्संगी, वायरल हुआ ये संदेश, आगरा में बवाल की इनसाइड स्टोरी
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सत्संग सभा ने रात में फिर गेट लगा दिए, कंटीले तारों की बाड़ लगा दी। रविवार सुबह सत्संगियों को गेट नंबर 8 टेनरी पर पहुंचने के लिए मैसेज जारी किए गए। पुलिस प्रशासन शाम को 4 बजे जब फिर से गेट तोड़ने के लिए पहुंचा तो हजारों सत्संगी पहुंच गए। कई के हाथों में धारदार कंटीले हथियार थे। बुलडोजर आगे बढ़ते ही सत्संगियों ने पथराव शुरू कर दिया। आरोप है कि महिलाओं और बच्चों को आगे रखकर सत्संगियों ने पुलिस और प्रशासन पर पत्थर बरसाए।