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अमरनाथ आतंकी हमले में शहीद हुआ आगरा का लाल
ब्यूरो/ कागारौल/किरावली (आगरा)
Updated Tue, 11 Jul 2017 10:16 PM IST
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शहीद सीआरपीएफ जवान महावीर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में सोमवार को हुए आतंकी हमले में आगरा का लाल भी शहीद हो गया। सोमवार को अमरनाथ यात्रियों को निशाना बनाने से पहले की गई गोलीबारी में शहीद सीआरपीएफ का जवान आगरा के कागारौल का रहने वाला था। मंगलवार के उनके गांव में यह समाचार पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया।
बता दें कि आगरा के कागारौल क्षेत्र के गांव गहर्राकलां निवासी सीआरपीएफ जवान महावीर सिंह अमरनाथ में श्रद्धालुओं पर हुए आतंकी हमले के दौरान शहीद हो गए। शहीद महावीर सिंह हमले के समय ड्यूटी पर तैनात थे। मंगलवार को उनके गांव गहर्राकलां में घटना की जानकारी होते ही परिवार में कोहराम मच गया।
देर रात तक सैनिक का शव गांव पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। शहीद के पिता मानसिंह ने बताया कि महावीर सिंह 27वीं बटालियन सीआरपीएफ में तैनात थे। उनकी ड्यूटी बालटाल अमरनाथ में यात्रियों की सुरक्षा में लगाई गई थी।
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बताया गया है कि कागारौल के गांव गहर्राकलां निवासी सीआरपीएफ के जवान महावीर सिंह (40) 2001 में भर्ती हुए थे। अमरनाथ में उनके शहीद होने की सूचना कमांडेंट ने जिला मुख्यालय पर दी। वह सीआरपीएफ में दिल्ली में तैनात थे। अमरनाथ यात्रा में उनकी ड्यूटी लगाई गई थी। सोमवार को हुए आतंकी हमले में वे शहीद हो गए।
शहीद महावीर के पत्नी लक्ष्मी देवी (35) का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके चार बच्चे रीता (14), ज्योति (12), आरती (5) और प्रवीन (10) हैं। तहसीलदार किरावली रामानुज ने बताया कि कमांडेंट ने बताया कि रात 12 बजे तक शहीद का शव आने की संभावना है। बुधवार की सुबह अंतिम संस्कार किया जा सकेगा।
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बता दें कि आगरा के कागारौल क्षेत्र के गांव गहर्राकलां निवासी सीआरपीएफ जवान महावीर सिंह अमरनाथ में श्रद्धालुओं पर हुए आतंकी हमले के दौरान शहीद हो गए। शहीद महावीर सिंह हमले के समय ड्यूटी पर तैनात थे। मंगलवार को उनके गांव गहर्राकलां में घटना की जानकारी होते ही परिवार में कोहराम मच गया।
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देर रात तक सैनिक का शव गांव पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। शहीद के पिता मानसिंह ने बताया कि महावीर सिंह 27वीं बटालियन सीआरपीएफ में तैनात थे। उनकी ड्यूटी बालटाल अमरनाथ में यात्रियों की सुरक्षा में लगाई गई थी।
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बताया गया है कि कागारौल के गांव गहर्राकलां निवासी सीआरपीएफ के जवान महावीर सिंह (40) 2001 में भर्ती हुए थे। अमरनाथ में उनके शहीद होने की सूचना कमांडेंट ने जिला मुख्यालय पर दी। वह सीआरपीएफ में दिल्ली में तैनात थे। अमरनाथ यात्रा में उनकी ड्यूटी लगाई गई थी। सोमवार को हुए आतंकी हमले में वे शहीद हो गए।
शहीद महावीर के पत्नी लक्ष्मी देवी (35) का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके चार बच्चे रीता (14), ज्योति (12), आरती (5) और प्रवीन (10) हैं। तहसीलदार किरावली रामानुज ने बताया कि कमांडेंट ने बताया कि रात 12 बजे तक शहीद का शव आने की संभावना है। बुधवार की सुबह अंतिम संस्कार किया जा सकेगा।