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यूपीः 18 से 30 साल के युवाओं का चेहरा ढंककर निकलना बैन
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 30 May 2017 06:09 PM IST
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मंडलायुक्त के. राममोहन राव
- फोटो : अमर उजाला
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नकाबपोश बदमाशों द्वारा मथुरा में दो सराफा व्यापारियों की हत्या और लूट की घटना के बाद प्रशासन नकाबपोशों पर सख्ती बरतेगा। आगरा मंडल के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त ने रविवार 28 मई को यह बात साफ कर दी। खासकर नजर नौजवानों पर रखी जाएगी। पैदल चलने वाले भी पुलिस की निगाह में रहेंगे।
बता दें कि मंडलायुक्त के. राममोहन राव ने कर-करेत्तर राजस्व एवं विकास कार्यों की मंडलीय समीक्षा बैठक के दौरान अफसरों को उनके जिले में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर भी निर्देश दिए। कमिश्नर ने कहा कि सुरक्षा व कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कपड़े से मुंह ढककर चलने वाले लोगों पर पाबंदी लगाई जाए।
इसमें खासकर 18 से 30 साल के युवकों पर विशेष ध्यान देने का कहा है। इसके अलावा अगर कोई हेलमेट लगाकर पैदल चलता है तो वह भी शक के दायरे में रहेगा। कमिश्नर का कहना है कि ऐसे लोगों को संदिग्ध मानकर पुलिस उनकी पूरी जांच करे।
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बता दें कि मथुरा और आगरा में सराफा व्यापारियों से लूट और हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले लुटेरे नकाब पहने थे। उनमें सभी की उम्र भी लगभग 18 से 30 साल के बीच की है। ऐसे में कमिश्नर के मुंह पर स्वाफी या गमछा बांधकर चलने वालों पर पाबंदी की बता इसी से जोड़कर देखी जा रही है।
गर्मी के मौसम में आमतौर पर लू और धूल आदि से बचने के लिए अधिकतर बाइकसवार और पैदल चलने वाले दिन में मुंह पर कपड़ा बांधकर ही निकलते हैं। लेकिन मथुरा और आगरा में दोनों वारदात रात को हुईं थीं। ऐसे में नकाबपोशों पर सख्ती की तैयारी की गई है।
इसके अलावा कमिश्नरी सभागार में समीक्षा मंडलायुक्त ने न्यायालय वादों की प्रगति ठीक न होने पर असंतोष व्यक्त किया। कहा कि पांच जून तक वादों में शतप्रतिशत शपथपत्र दाखिल कर दिए जाएं, नहीं तो संबंधित अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
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बता दें कि मंडलायुक्त के. राममोहन राव ने कर-करेत्तर राजस्व एवं विकास कार्यों की मंडलीय समीक्षा बैठक के दौरान अफसरों को उनके जिले में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर भी निर्देश दिए। कमिश्नर ने कहा कि सुरक्षा व कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कपड़े से मुंह ढककर चलने वाले लोगों पर पाबंदी लगाई जाए।
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इसमें खासकर 18 से 30 साल के युवकों पर विशेष ध्यान देने का कहा है। इसके अलावा अगर कोई हेलमेट लगाकर पैदल चलता है तो वह भी शक के दायरे में रहेगा। कमिश्नर का कहना है कि ऐसे लोगों को संदिग्ध मानकर पुलिस उनकी पूरी जांच करे।
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बता दें कि मथुरा और आगरा में सराफा व्यापारियों से लूट और हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले लुटेरे नकाब पहने थे। उनमें सभी की उम्र भी लगभग 18 से 30 साल के बीच की है। ऐसे में कमिश्नर के मुंह पर स्वाफी या गमछा बांधकर चलने वालों पर पाबंदी की बता इसी से जोड़कर देखी जा रही है।
गर्मी के मौसम में आमतौर पर लू और धूल आदि से बचने के लिए अधिकतर बाइकसवार और पैदल चलने वाले दिन में मुंह पर कपड़ा बांधकर ही निकलते हैं। लेकिन मथुरा और आगरा में दोनों वारदात रात को हुईं थीं। ऐसे में नकाबपोशों पर सख्ती की तैयारी की गई है।
इसके अलावा कमिश्नरी सभागार में समीक्षा मंडलायुक्त ने न्यायालय वादों की प्रगति ठीक न होने पर असंतोष व्यक्त किया। कहा कि पांच जून तक वादों में शतप्रतिशत शपथपत्र दाखिल कर दिए जाएं, नहीं तो संबंधित अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।