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UP: मतदाता सूची में घुसपैठ...क्या बंगला नंबर 45 और 46 में रहने वाले बांग्लादेशी?, जांच के लिए कमेटी हुई गठित
Thu, 28 Aug 2025 09:36 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 28 Aug 2025 09:36 AM IST
सार
आगरा छावनी परिषद क्षेत्र के बंगला नंबर 45 और 46 में रह रहे परिवारों की नागरिकता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि यहां बांग्लादेशी परिवार फर्जी दस्तावेजों पर मतदाता सूची में शामिल हुए हैं।
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मतदाता सूची (प्रतीकात्मक)
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
विस्तार
आगरा छावनी परिषद क्षेत्र के बंगला नंबर 45 और 46 में रह रहे मतदाताओं की नागरिकता पर एक बार फिर सवाल उठ गए हैं। इन पर बांग्लादेशी होने का शक है। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है।
छावनी विधायक डॉ. जीएस धर्मेश लंबे समय से इन बंगलों में जांच की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इन बंगलों में बांग्लादेशी परिवार रह रहे हैं, जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में अपने नाम दर्ज करा लिए हैं। विधायक का कहना है कि वर्षों पहले सीओ सदर कार्यालय के पास हुए बम धमाके में भी इन्हीं लोगों की संलिप्तता सामने आई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हो पाई।
इस विषय पर विधायक डॉ. धर्मेश और पूर्व विधायक केशो मेहरा ने 6 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर लिखित शिकायत सौंपी थी। रक्षा मंत्री ने शिकायत को गंभीर मानते हुए इसे जिलाधिकारी को भेजा। इसके बाद जिलाधिकारी ने जांच समिति से एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट तलब की है।
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जांच समिति का नेतृत्व एसीएम प्रथम करेंगे, जबकि इसमें तहसीलदार सदर, चकबंदी अधिकारी, छावनी परिषद कार्यालय के अधीक्षक कुलविंदर सिंह और सहायक अध्यापक छावनी परिषद अविनाश पाठक को सदस्य बनाया गया है।
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छावनी विधायक डॉ. जीएस धर्मेश लंबे समय से इन बंगलों में जांच की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इन बंगलों में बांग्लादेशी परिवार रह रहे हैं, जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में अपने नाम दर्ज करा लिए हैं। विधायक का कहना है कि वर्षों पहले सीओ सदर कार्यालय के पास हुए बम धमाके में भी इन्हीं लोगों की संलिप्तता सामने आई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हो पाई।
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इस विषय पर विधायक डॉ. धर्मेश और पूर्व विधायक केशो मेहरा ने 6 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर लिखित शिकायत सौंपी थी। रक्षा मंत्री ने शिकायत को गंभीर मानते हुए इसे जिलाधिकारी को भेजा। इसके बाद जिलाधिकारी ने जांच समिति से एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट तलब की है।
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जांच समिति का नेतृत्व एसीएम प्रथम करेंगे, जबकि इसमें तहसीलदार सदर, चकबंदी अधिकारी, छावनी परिषद कार्यालय के अधीक्षक कुलविंदर सिंह और सहायक अध्यापक छावनी परिषद अविनाश पाठक को सदस्य बनाया गया है।