ताजनगरी की हवा फिर हुई 'जहरीली': कागजों में सिमटे धूल नियंत्रण के इंतजाम, 364 पर पहुंचा 364
आगरा में रविवार को सुबह और शाम को स्मॉग की चादर छाई रही। धूल व धुएं के कण हवा में जमने से लोगों को सांस लेने में तकलीफ झेलनी पड़ रही है।
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ताजनगरी की हवा फिर जहरीली हो गई है। रविवार को वायु गुणवत्ता बहुत खराब रही, एक्यूआई 364 दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा खराब स्थिति संजय प्लेस में बनीं। जहां पीएम-2.5 की मात्रा 500 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंच गई। संजय प्लेस के अलावा शाहजहां गार्डन, दयालबाग, आवास विकास कॉलोनी और शास्त्रीपुरम में हवा की सेहत लाल निशान को पार कर चुकी है। यह स्थिति सांस रोगियों के लिए मुसीबतें बढ़ाने वाली है।
पर्यावरण दृष्टि से संवेदनशील ताजनगरी में हवा की सेहत बिगड़ती जा रही है। धूल नियंत्रण के इंतजाम कागजों में सिमट गए हैं। जुर्माना व क्षतिपूर्ति नहीं होने से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। वायु गुणवत्ता नियंत्रण के लिए बने ग्रेडिड रिस्पांस प्लान का भी पालन नहीं हो रहा। ऐसे में आगामी दिनों में हालात सुधरने की बजाय और खराब हो सकते हैं।
रविवार को सुबह और शाम को स्मॉग की चादर छाई रही। धूल व धुएं के कण हवा में जमने से लोगों को सांस लेने में तकलीफ झेलनी पड़ रही है। वहीं, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विश्वनाथ शर्मा का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्ती की गई है। क्षेत्रों में दो टीमें भ्रमण कर रही हैं। लापरवाही मिलने पर जुर्माना लगाया जा रहा है।
खराब पड़ा रोहता स्टेशन
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वास्तविक समय में वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए शहर में छह स्वचालित स्टेशन बनाए हैं, जिनमें पांच क्रियाशील हैं, जबकि रोहता स्टेशन बीते दो महीने से खराब पड़ा है। क्षेत्रीय अधिकारी का कहना है कि स्टेशन में तकनीकी खराबी आई है। इसे ठीक कराया जा रहा है।
शहर का हाल
स्थान - एक्यूआई
संजय प्लेस - 386
मनोहरपुर - 356
आवास विकास - 378
शास्त्रीपुरम - 343
शाहजहां गार्डन - 340
हाईवे पर लगे मिट्टी के ढेर, कूड़ा जलाना भी बंद नहीं
एनएच-2 पर तुलसी टॉकीज से लेकर आईएसबीटी तक भूमिगत नाले का निर्माण किया जा रहा है। गैलाना की ओर भी भूमिगत नाले के लिए खोदाई करके मिट्टी के ढेर सड़क किनारे लगा दिए हैं। पूरे दिन वाहनों के आवागमन के कारण यहां धूल के गुबार उड़ते हैं। यहां पानी का छिड़काव भी नहीं कराया जा रहा है। उधर, कैंट स्टेशन के पीछे और आगरा किले के पास कूड़ा जलाया जा रहा है।