Agra: एयरफोर्स परिसर में गोली मारकर अग्निवीर ने दी जान, अधिकारी करेंगे जांच; खुदकुशी की वजह पता नहीं
आगरा में एयरफोर्स परिसर में अग्निवीर ने गोली मारकर खुदकुशी कर ली है। अब पुलिस आत्महत्या की वजह टटोलने में जुट गई है।
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ताजनगरी आगरा में शाहगंज थाना क्षेत्र स्थित एयरफोर्स परिसर के तकनीकी क्षेत्र में मंगलवार रात 1:30 बजे अग्निवीर श्रीकांत कुमार चौधरी (22) ने सरकारी इंसास से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। जानकारी पर परिजन पहुंच गए। शाहगंज पुलिस ने बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कराया। आत्महत्या का कारण पता नहीं चल सका है।
श्रीकांत मूलरूप से नारायणपुर पचरुखिया गांव, रेवती थाना, बलिया के रहने वाले थे। एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि मंगलवार रात करीब 1:30 बजे घटना हुई। एयरफोर्स स्टेशन से जानकारी मिली। पुलिस एयरफोर्सकर्मियों के सहयोग से घायल जवान को अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी पर जीजा और कुछ रिश्तेदार आए थे। बृहस्पतिवार को गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
नहीं मिला सुसाइड नोट
श्रीकांत कुमार चौधरी पुत्र मनजी के पास सरकारी इंसास राइफल थी। जवान ने राइफल से आंख के पास गोली मारी थी। गोली सिर के ऊपरी हिस्से से निकल गई। राइफल को कब्जे में ले लिया। जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा। घटना की जानकारी पर आए जीजा और अन्य रिश्तेदारों से पुलिस को पता चला कि श्रीकांत कुमार चौधरी डेढ़ साल पहले भर्ती हुए थे। पुलिस को मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
परिजन भी कुछ नहीं बता सके। उन्होंने किसी तरह के तनाव में होने से इन्कार किया। इंस्पेक्टर ने बताया कि खुदकुशी की वजह एयरफोर्स की आंतरिक जांच में साफ होगी। परिजन की तहरीर पर अपने स्तर पर जांच करेंगे। एयरफोर्स परिसर में आत्महत्या की यह दूसरी घटना है। वर्ष 2019 में मुरादाबाद के रहने वाले स्क्वाड्रन लीडर हिमांशु सिंह (32) का शव आवास में फंदे पर लटका मिला था। परन्न ने उनकी मौत के बाद गंभीर आरोप लगाए थे।
तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर गांव पहुंचा
रामगढ़। एयरफोर्स (अग्निवीर) के जवान श्रीकांत चौधरी (22) पुत्र मनजी पटेल का पार्थिव शरीर एंबुलेंस से बृहस्पतिवार को रेवती थाना क्षेत्र के नारायणपुर पचरुखिया गांव में पहुंचा। बड़ी संख्या में लोग पहले ही आ गए थे। वह श्रीकांत भैया अमर रहे..., जब तक सूरज चांद रहेगा, श्रीकांत भैया तेरा नाम रहेगा... नारों के साथ गांव के युवा तिरंगे में लिपटे जवान के पार्थिव शरीर के साथ दरवाजे तक पहुंचे।
पिता मनजी पटेल बेसुध होकर एक टक बेटे के शव निहार रहे थे। पार्थिव शरीर को लेकर अंतिम यात्रा घर से गंगा नदी के पचरुखिया घाट के लिए निकली तो हजारों की भीड़ साथ हो चली। पचरुखिया गंगा घाट पर बिहटा एयरफोर्स की 45 सदस्यों टीम ने दिवंगत श्रीकांत को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी। बड़े भाई सिद्धांत कुमार पटेल ने मुखाग्नि दी।
13 जून को लौटे थे नौकरी पर
श्रीकांत चौधरी दिसंबर 2022 में भर्ती हुए थे। परिजन ने बताया कि छह माह पहले पोस्टिंग हुई थी। 3 जून को वे छुट्टी लेकर घर आए थे। 13 जून को पुनः जाकर ड्यूटी ज्वाइन की थी। परिजन के अनुसार, श्रीकांत चौधरी संतरी की ड्यूटी में लगे हुए थे। मंगलवार की देर रात उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना आगरा में तैनात उनके साथी जवान ने बुधवार की सुबह करीब 5 बजे फोन से दी थी।