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जवाहर बाग: 16 महीने में भी रामवृक्ष को मरा साबित नहीं कर पाए
पुनीत शर्मा/ अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 16 Oct 2017 09:18 AM IST
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रामवृक्ष यादव
- फोटो : अमर उजाला
जवाहर बाग हिंसा के सूत्रधार रामवृक्ष यादव को 16 महीने बाद भी मरा साबित नहीं किया जा सका है। आठ माह की जांच में सीबीआई के हाथ भी कुछ ऐसा नहीं लगा जिससे रामवृक्ष की मौत का संशय खत्म हो सके। शुक्रवार को सीबीआई ने हाईकोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करके कहा है कि अभी डीएनए की रिपोर्ट नहीं मिली है। वहीं जेल में रामवृक्ष के गुर्गों ने अफवाह उड़ानी शुरू कर दी है कि उनके नेता जिंदा हैं। वह जवाहर बाग से निकल गए थे और उन्हें बचाने जरूर आएंगे।
मथुरा के जवाहर बाग में 2 जून 2016 को हुई हिंसा में एसपी सिटी और थानाध्यक्ष समेत 21 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में 19 लोग तो जवाहर बाग पर कब्जा करने वाले ही थे। 4 जून को पुलिस ने जवाहर बाग से जले हुए शव बरामद किए थे। यह सभी इस तरह से जल गए थे कि इनकी पहचान कर पाना भी संभव नहीं था। इनमें से ही एक शव को रामवृक्ष यादव का बताया गया था।
पुलिस ने परिवार वालों के इंतजार में दो दिन शव पोस्टमार्टम पर रखा और फिर अंतिम संस्कार करा दिया। उस वक्त सभी अज्ञात शवों का डीएनए सुरक्षित रखा गया था। पुलिस ने रामवृक्ष का डीएनए भी रखा था। रामवृक्ष के डीएनए का मिलान उसके बेटे विवेक यादव के डीएनए से कराया गया लेकिन मिलान ही नहीं हो पाया है। अब फिर रामवृक्ष की पहचान को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
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मथुरा के जवाहर बाग में 2 जून 2016 को हुई हिंसा में एसपी सिटी और थानाध्यक्ष समेत 21 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में 19 लोग तो जवाहर बाग पर कब्जा करने वाले ही थे। 4 जून को पुलिस ने जवाहर बाग से जले हुए शव बरामद किए थे। यह सभी इस तरह से जल गए थे कि इनकी पहचान कर पाना भी संभव नहीं था। इनमें से ही एक शव को रामवृक्ष यादव का बताया गया था।
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पुलिस ने परिवार वालों के इंतजार में दो दिन शव पोस्टमार्टम पर रखा और फिर अंतिम संस्कार करा दिया। उस वक्त सभी अज्ञात शवों का डीएनए सुरक्षित रखा गया था। पुलिस ने रामवृक्ष का डीएनए भी रखा था। रामवृक्ष के डीएनए का मिलान उसके बेटे विवेक यादव के डीएनए से कराया गया लेकिन मिलान ही नहीं हो पाया है। अब फिर रामवृक्ष की पहचान को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
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सीबीआई नहीं कर सकी डीएनए की रिपोर्ट फाइनल
सीबीआई
- फोटो : Getty
शुक्रवार को सीबीआई ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जो अंतरिम रिपोर्ट पेश की है उसमें कहा है कि अभी तक डीएनए की रिपोर्ट फाइनल नहीं हो सकी है। सीबीआई को भी जांच करते करते आठ महीने का वक्त हो गया लेकिन रामवृक्ष यादव की मौत का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं तलाश पाए हैं। वहीं जेल में बंद रामवृक्ष के गुर्गों ने अब कहना शुरू कर दिया है कि रामवृक्ष यादव जिंदा हैं। वह उन लोगों की मदद को जरूर आएंगे।
आज भी जारी हो रहा रामवृक्ष का वारंट
कोर्ट
- फोटो : सांकेतिक चित्र
रामवृक्ष यादव पर कई मुकदमे चल रहे हैं। पिछले दिनों अदालत से उसकी गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था। इस पर पुलिस ने रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि रामवृक्ष की मौत हो चुकी है, लेकिन अदालत ने रामवृक्ष की मौत का वैज्ञानिक आधार माना। अब पुलिस के पास कोई आधार होता तो पेश किया जाता। अदालत ने भी डीएनए रिपोर्ट पेश करने को कहा है।