{"_id":"63e52c7bf91d5e74c60daf62","slug":"advocate-did-not-get-bail-accused-of-misdeed-and-grabbing-rs-40-lakh-2023-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: वरिष्ठ अधिवक्ता को नहीं मिली जमानत, दुष्कर्म और 40 लाख रुपये हड़पने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: वरिष्ठ अधिवक्ता को नहीं मिली जमानत, दुष्कर्म और 40 लाख रुपये हड़पने का आरोप
Thu, 09 Feb 2023 10:55 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 09 Feb 2023 10:55 PM IST
सार
जिला जज विवेक संगल की कोर्ट में जमानत प्रार्थनापत्र की सुनवाई शुरू हुई। दोनों ओर से अधिवक्ताओं की बहस के बाद जिला जज ने जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
विज्ञापन
आगरा दीवानी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा के थाना न्यू आगरा के महिला से दुष्कर्म के मामले में आरोपी वरिष्ठ अधिवक्ता प्रकाश नारायण शर्मा को कोर्ट से राहत नहीं मिल सकी। जिला जज विवेक संगल ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी अधिवक्ता का जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया। इस पर पुलिस ने उनको जेल भेज दिया। इससे पहले कोर्ट परिसर में बड़ी संख्या में दोनों पक्षों की ओर से अधिवक्ता मौजूद रहे। हंगामे की स्थिति को संभालने के लिए पुलिस भी तैनात रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये है मामला
सिकंदरा क्षेत्र की रहने वाली महिला ने बलवा, मारपीट, अमानत में खयानत, गालीगलौज, जान से मारने की धमकी और दुष्कर्म के आरोप में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रकाश नारायण शर्मा के खिलाफ थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़िता तीन फरवरी को पुलिस आयुक्त से मिली थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी अधिवक्ता को गिरफ्तार कर लिया था। चार फरवरी को कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने चार दिन की सशर्त अंतरिम जमानत दी थी।
विज्ञापन
जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त
बृहस्पतिवार सुबह तकरीबन 10:30 अधिवक्ता प्रकाश नारायण शर्मा ने सीजेएम कोर्ट में समर्पण किया। इसके बाद सुबह 11 बजे जिला जज विवेक संगल की कोर्ट में जमानत प्रार्थनापत्र की सुनवाई शुरू हुई। दोनों ओर से अधिवक्ताओं की बहस के बाद जिला जज ने जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। इसके बाद पुलिस ने अधिवक्ता को जेल भेज दिया।
विज्ञापन