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आगरा जोन के सभी थानों में की जाएगी असलहा-कारतूसों की गिनती, जानिए क्या है वजह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sun, 25 Nov 2018 02:50 PM IST
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फाइल फोटो
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सिकंदरा थाना के शस्त्रागार से एके-47 से 76 कारतूस और तीन रिवाल्वर गायब हो जाने की घटना से पुलिस ने सबक लिया है। एडीजी जोन अजय आनंद ने जोन के सभी जिलों के कप्तानों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक थाने के असलाह और कारतूस की गिनती कराई जाए। आशंका है कि सिकंदरा जैसी गड़बड़ी और थानों में भी मिल सकती है।
सिकंदरा के मामले में बताया जा रहा है कि कारतूस और रिवाल्वर बहुत पहले चोरी हो गए थे। चोरी को दबाए रखा गया। एएसपी ने पुलिस लाइन के आर्मरर को बुलाकर गिनती कराई तो रिवाल्वर और कारतूस कम निकले। यही कहानी और भी थानों पर हो सकती है।
आगरा में सिकंदरा से पहले रकाबगंज में कारतूस चोरी हो चुके हैं। इन घटनाओं में यह बात भी सामने आ रही है कि थाना प्रभारी शस्त्रागार के मुंशियों की रिपोर्ट पर ही भरोसा कर रहे हैं। वे कह देते हैं कि असलाह और कारतूस पूरे हैं, तो इसे ही मान लिया जाता है। किसी और से गिनती नहीं कराई जाती है।
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सिकंदरा के मामले में बताया जा रहा है कि कारतूस और रिवाल्वर बहुत पहले चोरी हो गए थे। चोरी को दबाए रखा गया। एएसपी ने पुलिस लाइन के आर्मरर को बुलाकर गिनती कराई तो रिवाल्वर और कारतूस कम निकले। यही कहानी और भी थानों पर हो सकती है।
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आगरा में सिकंदरा से पहले रकाबगंज में कारतूस चोरी हो चुके हैं। इन घटनाओं में यह बात भी सामने आ रही है कि थाना प्रभारी शस्त्रागार के मुंशियों की रिपोर्ट पर ही भरोसा कर रहे हैं। वे कह देते हैं कि असलाह और कारतूस पूरे हैं, तो इसे ही मान लिया जाता है। किसी और से गिनती नहीं कराई जाती है।
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आठ जिले हैं जोन में
आगरा रेंज में चार जिले हैं, आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी। अलीगढ़ रेंज में भी चार जिले हैं, अलीगढ़, हाथरस, एटा और कासगंज। कई जगह से मालखानों से माल कम हो जाने की भी शिकायतें हैं।
कई तरह के हैं खेल
कई बार असलाह और कारतूस कम हो जाते हैं लेकिन रिकार्ड में पूरे दिखाए जाते हैं। कई पुलिसकर्मी असलाह ड्यूटी पर ले जाते हैं लेकिन जमा नहीं कराते हैं।
एडीजी जोन अजय आनंद ने कहा कि जोन के सभी आठों जिलों में प्रत्येक थाने में कारतूस और असलाह का ऑडिट कराया जाएगा। अगर कहीं कोई गड़बड़ी होगी तो सामने आ जाएगी।
कई तरह के हैं खेल
कई बार असलाह और कारतूस कम हो जाते हैं लेकिन रिकार्ड में पूरे दिखाए जाते हैं। कई पुलिसकर्मी असलाह ड्यूटी पर ले जाते हैं लेकिन जमा नहीं कराते हैं।
एडीजी जोन अजय आनंद ने कहा कि जोन के सभी आठों जिलों में प्रत्येक थाने में कारतूस और असलाह का ऑडिट कराया जाएगा। अगर कहीं कोई गड़बड़ी होगी तो सामने आ जाएगी।