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यूपी बोर्ड: आगरा के 9, अलीगढ़ के 25 प्रधानाचार्यों ने किया ये गड़बड़झाला, अब कार्रवाई तय
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 21 Sep 2017 09:35 AM IST
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यूपी बोर्ड परीक्षा 2016-17 में अनर्ह व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के आवेदन पत्र अग्रसारित करने के मामले में शासन स्तर से कड़ा निर्णय लिया गया है। दोषी पाए गए आगरा के नौ और अलीगढ़ के 25 अग्रसारण केंद्रों के प्रधानाचार्यों को निलंबित किया जाएगा। संबंधित जिले के डीआईओएस और परीक्षा प्रभारी के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। इस संबंध में शासनादेश जारी हो गया है।
बोर्ड ने आवेदन पत्रों की जांच के दौरान ही फर्जीवाड़ा पकड़ लिया था। 27 अप्रैल को संबंधित कालेजों के प्रधानाचार्यों को पूछताछ के लिए इलाहाबाद बुलाया भी गया था। एक ही मार्कशीट कई परीक्षार्थियों के आवेदन में इस्तेमाल की गई थी। अग्रसारण केंद्रों पर इनको बिना जांचे आगे बढ़ा दिया गया।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय स्तर पर भी यही काम हुआ। जांच टीम ने भी अनर्ह परीक्षार्थियों के आवेदन फार्म बोर्ड को भेज दिए। परीक्षार्थियों को परीक्षा में शामिल कराया गया, पर परिणाम रोक लिया गया। जांच के बाद कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। दोषियों की बचने की संभावना कम है, बोर्ड की रिपोर्ट पर शासनादेश जारी किया गया है। उसके अनुपालन में यूपी बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव ने क्षेत्रीय सचिव मेरठ को पत्र भेजा है।
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आगरा के प्रभारी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक आरपी शर्मा ने बताया कि अनर्ह परीक्षार्थियों के आवेदन पत्र अग्रसारण मामले में शासन स्तर से कार्रवाई का निर्णय ले लिया गया है। तत्कालीन संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य, परीक्षा प्रभारी और डीआईओएस के नाम कार्रवाई के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक को भेजा जाएगा।
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बोर्ड ने आवेदन पत्रों की जांच के दौरान ही फर्जीवाड़ा पकड़ लिया था। 27 अप्रैल को संबंधित कालेजों के प्रधानाचार्यों को पूछताछ के लिए इलाहाबाद बुलाया भी गया था। एक ही मार्कशीट कई परीक्षार्थियों के आवेदन में इस्तेमाल की गई थी। अग्रसारण केंद्रों पर इनको बिना जांचे आगे बढ़ा दिया गया।
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जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय स्तर पर भी यही काम हुआ। जांच टीम ने भी अनर्ह परीक्षार्थियों के आवेदन फार्म बोर्ड को भेज दिए। परीक्षार्थियों को परीक्षा में शामिल कराया गया, पर परिणाम रोक लिया गया। जांच के बाद कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। दोषियों की बचने की संभावना कम है, बोर्ड की रिपोर्ट पर शासनादेश जारी किया गया है। उसके अनुपालन में यूपी बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव ने क्षेत्रीय सचिव मेरठ को पत्र भेजा है।
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आगरा के प्रभारी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक आरपी शर्मा ने बताया कि अनर्ह परीक्षार्थियों के आवेदन पत्र अग्रसारण मामले में शासन स्तर से कार्रवाई का निर्णय ले लिया गया है। तत्कालीन संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य, परीक्षा प्रभारी और डीआईओएस के नाम कार्रवाई के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक को भेजा जाएगा।
परीक्षा प्रभारी पर कड़ी कार्रवाई
अग्रसारण केंद्र के परीक्षा सहायक, डीआईओएस कार्यालय के परीक्षा प्रभारी को अन्य जिलों में स्थानांतरित किया जाना है। भविष्य में इन्हें संयुक्त शिक्षा निदेशक, मंडलीय उप शिक्षा निदेशक, डीआईओएस और बीएसए कार्यालय में तैनाती नहीं दी जाएगी। बोर्ड परीक्षा के बाद आगरा में परीक्षा प्रभारी की सीट में परिवर्तन किया गया है।
ये कार्रवाई होनी है
- अग्रसारण केंद्र के प्रधानाचार्यों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए इनका निलंबन किया जाना है।
- अग्रसारण केंद्रों को आगामी 10 वर्षों तक व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के आवेदन पत्र अग्रसारित करने और परीक्षा केंद्र से वंचित किया जाएगा।
- डीआईओएस को पर्यवेक्षणीय शिथिलता के लिए प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
- अर्ह परीक्षार्थियों के परीक्षा फल घोषित किए जाएं और अनर्ह परीक्षार्थियों के परीक्षा फल निरस्त किए जाएंगे।
- वाह्य प्रदेश के कक्षा 10 और कक्षा 12 अनुत्तीर्ण परीक्षार्थियों का सत्यापन (उदाहरण के तौर पर- राजस्थान की वेबसाइट से) करने पर इनका डाटा नॉट फाउंड दिखा रहा है। उनका परीक्षा फल निरस्त किया जा रहा है।
- अग्रसारण केंद्रों को आगामी 10 वर्षों तक व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के आवेदन पत्र अग्रसारित करने और परीक्षा केंद्र से वंचित किया जाएगा।
- डीआईओएस को पर्यवेक्षणीय शिथिलता के लिए प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
- अर्ह परीक्षार्थियों के परीक्षा फल घोषित किए जाएं और अनर्ह परीक्षार्थियों के परीक्षा फल निरस्त किए जाएंगे।
- वाह्य प्रदेश के कक्षा 10 और कक्षा 12 अनुत्तीर्ण परीक्षार्थियों का सत्यापन (उदाहरण के तौर पर- राजस्थान की वेबसाइट से) करने पर इनका डाटा नॉट फाउंड दिखा रहा है। उनका परीक्षा फल निरस्त किया जा रहा है।
आगरा के इन विद्यालयों का नाम शामिल
जिले के एमएम शैरी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शहजादी मंडी, किसान विद्यापीठ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बमरौली कटारा, डीएवी इंटर कालेज मोतीकटरा, एफएमएओ इंटर कालेज, रफी अहमद किदवई स्मारक इंटर कागारौल, शंकरलाल रामराज्य इंटर कालेज लादूखेड़ा, राजकीय हाईस्कूल रिछोहा, जगनेर, रोहता इंटर कालेज रोहता, ननीग्राम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुल्हारा के प्रधानाचार्यों पर कार्रवाई होनी है।