फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Action of Forest Department: Nursery of corruption set up in Dalit upliftment scheme

वन विभाग की कारगुजारी: दलित उत्थान योजना में लगाई भ्रष्टाचार की नर्सरी

Sat, 24 May 2025 11:12 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Sat, 24 May 2025 11:12 PM IST
विज्ञापन
Action of Forest Department: Nursery of corruption set up in Dalit upliftment scheme
मैनपुरी। वन विभाग में 17 लाख रुपये के गोलमाल के अलावा एक और घपले का मामला सामने आने पर हड़कंप मच गया है। इस बार केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सामाजिक वानिकी एससीएसपी योजना को निशाना बनाया गया है, जिसका उद्देश्य दलित बाहुल्य क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस योजना के तहत दलितों के लिए आरक्षित कार्य का ठेका नियमों को ताक पर रखकर एक सामान्य वर्ग की फर्म को दे दिया गया।यह मामला दलित बाहुल्य किशनी रेंज से जुड़ा है। जहां 14.70 लाख रुपये की लागत से 20 हेक्टेयर में 50 हजार पौधे लगाने के लिए गड्ढा खुदाई और नर्सरी तैयार करने का कार्य होना था। योजना की शर्तों के अनुसार पूरा पैसा बाहुल्य इलाकों में ही खर्च किया जाना है। इसके अलावा कार्य का ठेका भी केवल दलित ठेकेदारों को ही दिया जाना है, और काम दलित श्रमिकों से ही कराना अनिवार्य है। हालांकि, विभागीय अधिकारियों और एक बाबू की मिलीभगत से नियमों का उल्लंघन करते हुए चहेते ठेकेदार की फर्म ''''एमएस कंस्ट्रक्शन'''' को यह ठेका दिला दिया गया। 7 मार्च, 2025 को कार्य आदेश भी जारी हो गया, जिससे इस पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed