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बाहर की दवा लिखने पर स्वास्थ्य मंत्री ने कार्रवाई, जिला अस्पताल की डाक्टर सस्पेंड
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 02 Sep 2017 09:45 AM IST
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यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह को मरीजों ने घेर लिया। पर्चियां दिखाकर बाहर से दवा मंगाने की शिकायत करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
शिकायतों पर भड़के स्वास्थ्य मंत्री ने आरोपी डाक्टर को सस्पेंड कर दिया। लगभग 42 मिनट के निरीक्षण में मंत्री ने अन्य शिकायतों पर अपर निदेशक स्वास्थ्य से रिपोर्ट तलब की है।
आगरा में शुक्रवार दोपहर करीब 1:10 बजे स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल की इमरजेंसी, ओपीडी, वार्ड, दवा काउंटर का हाल देखने के साथ 1.52 बजे मंत्री वाहन में चढ़ने को हुए तभी मरीजों ने उन्हें घेर लिया।
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कहरई निवासी गुड्डी बोली साहब, बेटी कंचन के पेट में गांठ हैं, डेढ़ महीने से इलाज चल रहा है। प्राइवेट सेंटर पर अल्ट्रासाउंड कराए। बाहर से दवाएं मंगाई जा रही हैं। गुड्डी ने मंत्री को कागज की छोटी पर्ची भी दिखाई। देवरी रोड की रामवती ने आंख के आपरेशन के लिए 200 रुपये लेने की शिकायत कर हंगामा शुरू कर दिया।
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शिकायतों पर भड़के स्वास्थ्य मंत्री ने आरोपी डाक्टर को सस्पेंड कर दिया। लगभग 42 मिनट के निरीक्षण में मंत्री ने अन्य शिकायतों पर अपर निदेशक स्वास्थ्य से रिपोर्ट तलब की है।
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आगरा में शुक्रवार दोपहर करीब 1:10 बजे स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल की इमरजेंसी, ओपीडी, वार्ड, दवा काउंटर का हाल देखने के साथ 1.52 बजे मंत्री वाहन में चढ़ने को हुए तभी मरीजों ने उन्हें घेर लिया।
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कहरई निवासी गुड्डी बोली साहब, बेटी कंचन के पेट में गांठ हैं, डेढ़ महीने से इलाज चल रहा है। प्राइवेट सेंटर पर अल्ट्रासाउंड कराए। बाहर से दवाएं मंगाई जा रही हैं। गुड्डी ने मंत्री को कागज की छोटी पर्ची भी दिखाई। देवरी रोड की रामवती ने आंख के आपरेशन के लिए 200 रुपये लेने की शिकायत कर हंगामा शुरू कर दिया।
ये क्या खेल चल रहा है
निरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला
मरीजों की शिकायत सुनकर स्वास्थ्य मंत्री का पारा चढ़ गया और एसआईसी से पूछा बाहर की दवा क्यों लिखी, किसने लिखी, अपने यहां है कि नहीं। एसआइसी बोले ऐसी ही पर्ची लिखी जाती है, अपने यहां दवा है। इसकी पड़ताल करने मंत्री दोबारा दवा काउंटर पर गए। पर्ची का मिलान किया, लेकिन अन्य पर अस्पताल की मुहर लगी हुई थी।
अंतर पाए जाने पर एसआईसी को फटकारा और बोले, कि ये क्या खेल चल रहा है, पूरा मामला क्या है। उन्होंने सीएमओ डा. मुकेश वत्स से एक घंटे में जांच कर समीक्षा बैठक में रिपोर्ट देने को कहा। साथ ही उन्होंने अपर निदेशक स्वास्थ्य से अन्य सभी शिकायतों की जांच कर रिपोर्ट तलब की है।
अंतर पाए जाने पर एसआईसी को फटकारा और बोले, कि ये क्या खेल चल रहा है, पूरा मामला क्या है। उन्होंने सीएमओ डा. मुकेश वत्स से एक घंटे में जांच कर समीक्षा बैठक में रिपोर्ट देने को कहा। साथ ही उन्होंने अपर निदेशक स्वास्थ्य से अन्य सभी शिकायतों की जांच कर रिपोर्ट तलब की है।
मंत्री के तेवर देख अंदर ही मिल गई दवा
मंत्री ने जब बाहर से दवा मंगाने की शिकायत पर अधिकारियों को लताड़ा तो सभी के हाथ-पांव फूल गए। मंत्री के जाने के बाद तीमारदार को पर्ची पर लिखे इंजेक्शन अंदर से ही उपलब्ध करा दिया।
इससे साफ है कि बुखार-जुकाम खांसी समेत अन्य बीमारियों की सस्ती दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध करा दी जाती, जबकि महंगी दवाएं बाहर के लिए लिख दी जाती। गुड्डी को जो इंजेक्शन लिखा है, उसकी कीमत बाजार में 300 रुपये बताई गई।
सीएमओ डा. मुकेश वत्स ने बताया कि मरीज की शिकायत और पर्ची को संज्ञान में लेकर जांच की गई। प्राथमिक जांच में डा. मिथिलेश मौर्य दोषी पाई गई हैं। इनके सस्पेंड की संस्तुति करते हुए समीक्षा बैठक में रखी गई। मंत्री ने इनको सस्पेंड कर दिया है।
इससे साफ है कि बुखार-जुकाम खांसी समेत अन्य बीमारियों की सस्ती दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध करा दी जाती, जबकि महंगी दवाएं बाहर के लिए लिख दी जाती। गुड्डी को जो इंजेक्शन लिखा है, उसकी कीमत बाजार में 300 रुपये बताई गई।
सीएमओ डा. मुकेश वत्स ने बताया कि मरीज की शिकायत और पर्ची को संज्ञान में लेकर जांच की गई। प्राथमिक जांच में डा. मिथिलेश मौर्य दोषी पाई गई हैं। इनके सस्पेंड की संस्तुति करते हुए समीक्षा बैठक में रखी गई। मंत्री ने इनको सस्पेंड कर दिया है।