फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   ACP Shweta Verma Gets Relief as Court Drops Contempt Proceedings After Unconditional Apology

UP Police: एसीपी श्वेता वर्मा के बिगड़े बोल, कोर्ट में कहा-'हमें और भी काम रहते हैं'; माफी मांगने पर मिली राहत

Sat, 25 Jul 2026 08:08 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Sat, 25 Jul 2026 08:08 AM IST
सार

डीएनए जांच की अनुमति के दौरान अदालत में की गई टिप्पणी के बाद एसीपी श्वेता वर्मा के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू हुई थी। माफी और स्पष्टीकरण के बाद अदालत ने राहत देते हुए मामले का निस्तारण कर दिया।

विज्ञापन
ACP Shweta Verma Gets Relief as Court Drops Contempt Proceedings After Unconditional Apology
court new - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम सोनिका चौधरी ने सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) श्वेता वर्मा के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाई समाप्त कर दी है। एसीपी ने अदालत में बिना शर्त मौखिक और लिखित माफी मांगी थी। अदालत ने उन्हें भविष्य में अनुशासित रहने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें -  गले पर फंदे का निशान, सिर पर चोट: कमरे में विधवा की लाश, बाहर से लगा था नया ताला; दृश्य देख खड़े हो गए रोंगटे
विज्ञापन



यह मामला 16 जुलाई, 2026 को शुरू हुआ था। उस दिन एसीपी श्वेता वर्मा जिला कारागार में निरुद्ध एक कैदी के डीएनए जांच रिपोर्ट की अनुमति के लिए अदालत में उपस्थित हुई थीं। उन्होंने अदालत में कहा था कि हमें और भी काम रहते हैं, आपने हमें बुला लिया। इस व्यवहार को अदालत ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 267 के तहत अपराध माना था। 24 जुलाई, 2026 को उन्हें व्यक्तिगत रूप से जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया था। शुक्रवार को एसीपी श्वेता वर्मा अदालत में उपस्थित हुईं और उन्होंने बिना शर्त क्षमा याचना की। उन्होंने एक विस्तृत लिखित स्पष्टीकरण भी प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें -  UP: सेना के जवान ने दी पत्नी को खौफनाक मौत, हत्या कर नहर में फेंकी लाश; अब खुला उसके कातिल बनने का राज


अदालत का निर्णय अपने स्पष्टीकरण में एसीपी ने न्यायिक प्रक्रिया, विधि के शासन और अदालत की गरिमा के प्रति गहरी निष्ठा व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य कभी भी न्यायालय का अनादर करना या न्यायिक कार्यवाही में बाधा डालना नहीं था। अदालत ने श्वेता वर्मा की 32 वर्षीय आयु और उनकी लंबी सेवा अवधि पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया, यह मानते हुए कि प्रतिकूल आदेश से उनका पूरा कॅरिअर प्रभावित हो सकता था। उनकी ईमानदारी पूर्वक और बिना किसी विवशता के की गई माफी को स्वीकार करते हुए, अदालत ने न्यायिक उदारता दिखाई। इस आदेश को श्वेता वर्मा की सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्टि नहीं माना जाएगा और इसकी प्रति पुलिस आयुक्त को भेजी जाएगी।

ये भी पढ़ें -   UP: इतना विशाल अजगर! लंबाई-वजन देख रेस्क्यू टीम की भी खुली की खुली रही गईं आंखें; मंदिर में मिला सैंड बोआ

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed